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क्षेत्र में अधूरी पड़ी गोशालाए, किसान परेशान

Wed, 13 Nov 2019 12:36 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 13 Nov 2019 12:36 AM IST
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Gaushalas lying incomplete in the area, farmers upset
चतेला गौशाला में टूटी पड़ी जाली - फोटो : ORAI
एट। न्याय पंचायत एट में पड़ने वाली ग्राम सभा में अधूरी पड़ी गौशाला का निर्माण न होने की वजह से जहां किसानों के लिए समस्या बनी है वहीं अपनी फसल बचाने के लिए किसान कर्ज लेकर तारबाड़ी करने के लिए मजबूर हैं।
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एट क्षेत्र में मनरेगा के तहत बनने वाली गोशाला करीब छह माह बीतने के बाद भी अधूरी पड़ी है। जिसकी वजह से अन्ना जानवर कस्बे से लेकर हाईवे और खेतों में चहलकदमी करते नजर आते हैं। ऐसे में रबी फसल बचाना किसानों के लिए चुनौती बना हुआ है। बुवाई पूर्ण होने के बाद किसानों को फसलों को सुरक्षित रखने के लिए बैंकों और साहूकारों से कर्ज लेकर अपने अपने खेतों के चारों तार लगाने पड़ रहे हैं।
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कई बार गांव स्तर पर अधिकारियों ने चौपाल लगाकर अन्ना जानवरों से निजात दिलाने के लिए कार्य योजना किसानों को बता कर वाहवाही लूटी, लेकिन क्षेत्र में अधूरी पड़ी गोशालांए इस कार्य योजना की पोल खोलती नजर आ रही है। बता दें कि छह माह पूर्वं एट, धंगुवा, सेवढी़, भिटारा, धगुवां कला में अस्थाई गोशाला का निर्माण कार्य शुरू किया था, जो अब तक पूर्ण नहीं हो सका है, जिससे किसान अन्ना समस्या से जूझ रहे है।
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जरा सी चूक और फसल नष्ट
एट निवासी किसान अनिल कुमार निरंजन का कहना है कि रबी की फसल की बुवाई लगभग पूरी हो चुकी है और अब तो फसलों में फूल आना भी शुरू हो गया है, लेकिन सबसे बड़ी समस्या फ सल को अन्ना जानवरों से बचाने के लिए की है, क्योंकि दिन रात रखवाली के बाद जरा सी हुई चूक से फसल चौपट हो जाती है।
बैंक से कर्ज लेकर खेत पर लगाए तार
सोमई निवासी रामकिशोर निरंजन का कहना है कि इस समय मटर की फसल की बुवाई का काम लगभग पूरा हो चुका है और मटर में फूल भी लगभग धीरे-धीरे आ रहा है, अन्ना जानवरों से बचाने के लिए बैंक से बने क्रेडिट कार्ड से कर्जा निकालकर लगभग एक लाख रुपये के तार और खंभे मंगवाकर खेत पर लगाए हैं।
न गेट व व्यवस्था, बस नाम की गोशाला
कदौरा। क्षेत्र के ग्राम चतेला में बनी अस्थायी गोशाला सिर्फ नाम के लिए है। गोशाला में न तो गेट है और न ही छाया व पानी के इंतजाम। इसके साथ ही हालत यह है कि निकासी व्यवस्था ठीक न होने से गोशाला में गंदा पानी भरा है, जिसमें यहां कीचड़ ही कीचड़ नजर आता है। कई बार ग्रामीणों ने गोशाला की स्थिति ठीक कराने की मांग की, पर जिम्मेदारों ने भी सुध नहीं ली। जिससे क्षेत्र के किसान अन्ना समस्या से परेशान है। आए दिन अन्ना किसी न किसी किसान की फसल को नष्ट कर रहे है।

सरावन में अधूरी पड़ी गोशाला, किसान परेशान
सरावन। माधौगढ़ तहसील की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत सरावन में अन्ना जानवरों के लिए बनी गोशाला अभी तक अधूरी पड़ी है, गोशाला में न गेट है न छाया है और न चारा की व्यवस्था। निर्माण कार्य पूर्ण न होने से क्षेत्र में अन्ना जानवर लगातार अपना कहर बरपा रहे हैं। किसान रात- रात भर जागकर रखवाली कर रहे हैं। इस समय सरावन सहित आसपास के गांवों में लगभग एक हजार की तादाद में अन्ना जानवर है। पूरे क्षेत्र में कहीं भी गोशाला नहीं बनी है। किसान कमलापत, दिलीप आर्य, अजीत राठौर आदि किसानों का कहना है की अन्ना जानवरों से अगर निजात नहीं मिली तो आंदोलन कि जाएगा।

सरावन में अधूरी बनी गौशाला

सरावन में अधूरी बनी गौशाला- फोटो : ORAI

एट में अधूरी पड़ी गौशाला

एट में अधूरी पड़ी गौशाला- फोटो : ORAI

सोमई में खेतों पर तार लगाते किसान

सोमई में खेतों पर तार लगाते किसान- फोटो : ORAI

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