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गाजे बाजे के साथ निकाले गए जवारे
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Fri, 15 Apr 2016 11:13 PM IST
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शहर में ठडे़श्वरी मंदिर में सजा भगवान राम का दरबार।
- फोटो : अमर उजाला
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नवरात्र की नवमी पर शुक्रावार को श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के 9वें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की उपासना की। शहर के सभी देवी मंदिरों में भव्य सजावट कर झांकियां सजाई गईं। जवारे बोने वाले श्रद्धालुओं ने गाजे बाजे के साथ भजन करते हुए देवी मंदिरों मेें पहुंचकर जवारे चढ़ाए और मां से मुराद पूरी करने की कामना की। वहीं, नवमी पर देवी मंदिरों के अलावा अन्य स्थानों
पर कन्या भोज का आयोजन किया गया। सुबह से शुरू हुआ कन्या भोज कार्यक्रम अधिकांश जगहोें पर देर शाम तक जारी रहा। शुक्रवार को नवमी पर सुबह से ही श्रद्धालुआें ने शहर के करमेर रोड स्थित हुल्की माता मंदिर, राठ रोड स्थित संकटा माता मंदिर, मातापुरा स्थित बड़ी माता मंदिर, कालोनी वाली माता मंदिर, काली माता मंदिर पहुंचकर विधि विधान के
साथ मां सिद्धिदात्री का पूजन किया। बताते चलें कि मां सिद्धिदात्री की उपासना करने वाले भक्तों को आठ प्रकार की सिद्धियों की प्राप्ति होती है और साधक को सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। श्रृद्धालुओं ने देवी मंदिरों में पहुंचकर मां को जवारे चढ़ाए और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मां के प्रति आस्था रखते हुए अधिकांश भक्तों ने अपने गालों पर सांग पिरोकर सांग
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चढ़ाई। इसके अलावा तमाम महिलाओं ने घरों से लेकर मंदिरों तक का रास्ता लेटकर तय किया और मंदिरोें में पहुंचने वाले विधि विधान से पूजा अर्चना की। वहीं दूसरी ओर शहर के मोहल्ला नया राम नगर, तुलसी नगर, पाठकपुरा समेत आदि स्थानों पर कन्या भोज का आयोजन कराया गया, जिसमें कन्याओं को भोज कराकर दक्षिणा दी गई।
कदौरा। नवरात्र के अंतिम दिन नवमी पर बस स्टैंड कदौरा स्थित मां दुर्गा मंदिर, मंशा देवी मंदिर पर भक्तों की भीड़ उमड़ी। बस स्टैंड स्थित मंदिरों पर भोर से ही श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया। हाथों में पूजन की थाली व जल से भरा लोटा लेकर महिलाओं के समूह कस्बा के हर मोहल्ले से मंदिरों में जाते दिखाई पडे़। माता के जयकारों के साथ नारियल, बताशे, पान, सुपाड़ी आदि सामग्री से विधि पूर्वक पूजन कर झंडे भी चढ़ाए गए। मंदिर प्रबंधन की और माता के अद्भुत स्वरूपों की भव्य झांकी सजाई गई थी।
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पर कन्या भोज का आयोजन किया गया। सुबह से शुरू हुआ कन्या भोज कार्यक्रम अधिकांश जगहोें पर देर शाम तक जारी रहा। शुक्रवार को नवमी पर सुबह से ही श्रद्धालुआें ने शहर के करमेर रोड स्थित हुल्की माता मंदिर, राठ रोड स्थित संकटा माता मंदिर, मातापुरा स्थित बड़ी माता मंदिर, कालोनी वाली माता मंदिर, काली माता मंदिर पहुंचकर विधि विधान के
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साथ मां सिद्धिदात्री का पूजन किया। बताते चलें कि मां सिद्धिदात्री की उपासना करने वाले भक्तों को आठ प्रकार की सिद्धियों की प्राप्ति होती है और साधक को सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। श्रृद्धालुओं ने देवी मंदिरों में पहुंचकर मां को जवारे चढ़ाए और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मां के प्रति आस्था रखते हुए अधिकांश भक्तों ने अपने गालों पर सांग पिरोकर सांग
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चढ़ाई। इसके अलावा तमाम महिलाओं ने घरों से लेकर मंदिरों तक का रास्ता लेटकर तय किया और मंदिरोें में पहुंचने वाले विधि विधान से पूजा अर्चना की। वहीं दूसरी ओर शहर के मोहल्ला नया राम नगर, तुलसी नगर, पाठकपुरा समेत आदि स्थानों पर कन्या भोज का आयोजन कराया गया, जिसमें कन्याओं को भोज कराकर दक्षिणा दी गई।
कदौरा। नवरात्र के अंतिम दिन नवमी पर बस स्टैंड कदौरा स्थित मां दुर्गा मंदिर, मंशा देवी मंदिर पर भक्तों की भीड़ उमड़ी। बस स्टैंड स्थित मंदिरों पर भोर से ही श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया। हाथों में पूजन की थाली व जल से भरा लोटा लेकर महिलाओं के समूह कस्बा के हर मोहल्ले से मंदिरों में जाते दिखाई पडे़। माता के जयकारों के साथ नारियल, बताशे, पान, सुपाड़ी आदि सामग्री से विधि पूर्वक पूजन कर झंडे भी चढ़ाए गए। मंदिर प्रबंधन की और माता के अद्भुत स्वरूपों की भव्य झांकी सजाई गई थी।