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टिड्डी दल के हमले की आशंका, जारी किया अलर्ट

Sat, 23 May 2020 11:15 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 23 May 2020 11:15 PM IST
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Fear of attack of locust, alert issued
उप कृषि निदेशक आरके तिवारी - फोटो : ORAI
उरई (जालौन)। लॉकडाउन के बीच अब टिड्डी दल के हमले की आशंका ने किसानों की नींद उड़ा दी है। इसके लिए प्रशासन स्तर पर चेतावनी भी जारी की गई है। कृषि उपनिदेशक आर के तिवारी का कहना है कि किसान इस समय विशेष सजग रहे और शासन से जारी एडवाइजरी का नियमानुसार पालन करें। जिससे उनकी फसलें सुरक्षित रह सके। टिड्डी दल झांसी से चला है और कभी भी जिले पर खतरे का बादल बनकर मंडरा सकता है।
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बता दें कि बुंदेलखंड का किसान कभी सूखे तो कभी बाढ़ की विभीषिका से जूझता रहता है। हाल ही में लॉकडाउन भी किसानों की परेशानी का कारण बना रहा। अब बुंदेलखंड में टिड्डी दल का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन अपने स्तर पर किसानों को सजग कर रहा है। कृषि उपनिदेशक ने बताया कि जिले में भी टिड्डी दल के आक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा है। बताया कि टिड्डी दल राजस्थान के दौसा से केला देवी होते हुए बुंदेलखंड के झांसी जिले में पहुंच गया है और वहां किसानों को काफी नुकसान पहुंचाया है। इससे जिले के किसानों को अब विशेष सजग रहने की जरूरत है।
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टिड्डी के विषय में उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि यह ढाई इंच लंबे कीट होते है, जो फसलों को कुछ घंटों में ही चट कर दते है। यह सभी प्रकार के हरे पत्तों पर आक्रमण करते है। इनकी संख्या करोड़ों में है। यह दिन डूबने के समय 6 से 7 बजे के आस पास जमीन पर बैठ जाता है और फिर सुबह 8 से 9 बजे के करीब उड़ान भरता है। इस दौरान वह फसलों को कुछ घंटों में ही पूर्णता चट कर देता है। इससे बचाव के लिए किसान जिला प्रशासन से जारी एडवाजरी का पालन करें।
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दमकल की गाड़ियां करेंगी छिड़काव
कृषि विभाग ने चेतावनी व एडवाजरी जारी करने के साथ-साथ जिले में टिड्डी दल की रोकथाम, नियंत्रण के लिए फायर बिग्रेड की एक गाड़ी आरक्षित की है। इसके साथ जिला प्रशासन ने दमकल के कर्मचारियों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए है। जिससे आपात स्थिति में फायर बिग्रेड की गाड़ी टिड्डी की रोकथाम के लिए रसायन का छिड़काव कर सके।

यह करें उपाए-अपने खेतों में आग जलाकर, पटाखे फोड़कर, थाली बजाकर, ढोल आदि बजाकर आवाजें करें। फसलों पर क्लोरोपायरीफास 20 प्रतिशत, ईसी अथवा लेम्डासाईलोथ्रिन 5 प्रति ईसी का घोल बनाकर छिड़काव करें।
जिले में इस वक्त की फसलें- जिले में इस समय कुछ क्षेत्रों में पिपरमेंट की खेती, नदी पट्टी व कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में सब्जी की खेती के साथ साथ फूलों की खेती भी होती है। कृषि अधिकारी ने बताया कि यह टिड्डा सभी प्रकार के हरे पत्तों को खाता है, इसलिए किसानों सजग रहने की जरूरत है।
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