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Jalaun News: अर्किल मटर की किसानों को पूरी लागत भी नहीं मिल रही
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मुहम्मदाबाद। अर्किल मटर की फसल को लेकर जुताई, बुआई, खाद, बीज, स्प्रिंकलर वर्षा व कीटनाशक आदि में आई भारी भरकम लागत के बाद फसल बिक्री से उसकी लागत भी नहीं निकल पाने से किसान परेशान हैं।
किसानों को श्रमिक नहीं मिल रहे हैं, उन्हें खोजने के लिए शहर जाना पड़ रहा है। कई किसान श्रमिकों को वाहन बुक करके गांव लेकर आ रहे हैं।
मटर तैयार होने के बाद मजदूरी भी बढ़ गई है। मंडियों में थोक कीमत घटा दी गई है और भाड़ा बढ़ गया है। ऐसे में किसान मटर बेचे तो कैसे नुकसान से बच पाएंगे, समझ नहीं आ रहा है। किसान बटाई और अन्य तरीके खोजकर अपना नुकसान कम करने की जुगत में लगे हैं। कुछ किसान अर्किल मटर बटाई पर तुड़वा रहे हैं। इससे उनकी मटर सीधे आधी हो रही है, जो नुकसान की भरपाई नहीं कर पा रही।
मुहम्मदाबाद किसान मुवीन का कहना है कि डकोर क्षेत्र में अर्किल मटर एक साथ तैयार हो गई है। श्रमिक भी नहीं मिल रहे हैं। 250-300 रुपये में एक श्रमिक मिल रहा है। शहर से श्रमिकों को खोजकर गांव लाना पड़ रहा है।
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मुहम्मदाबाद किसान चरण सिंह ने बताया कि जालौन हरी मटर उत्पादन का सबसे बड़ा क्षेत्र है। यहां की मटर कानपुर, गोरखपुर, गोंडा, बस्ती, लखनऊ व कोलकाता जाती है। इस बार 16 से 18 रुपये थोक भाव है। परिवहन खर्च भी बढ़ गया है।
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किसानों को श्रमिक नहीं मिल रहे हैं, उन्हें खोजने के लिए शहर जाना पड़ रहा है। कई किसान श्रमिकों को वाहन बुक करके गांव लेकर आ रहे हैं।
मटर तैयार होने के बाद मजदूरी भी बढ़ गई है। मंडियों में थोक कीमत घटा दी गई है और भाड़ा बढ़ गया है। ऐसे में किसान मटर बेचे तो कैसे नुकसान से बच पाएंगे, समझ नहीं आ रहा है। किसान बटाई और अन्य तरीके खोजकर अपना नुकसान कम करने की जुगत में लगे हैं। कुछ किसान अर्किल मटर बटाई पर तुड़वा रहे हैं। इससे उनकी मटर सीधे आधी हो रही है, जो नुकसान की भरपाई नहीं कर पा रही।
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मुहम्मदाबाद किसान मुवीन का कहना है कि डकोर क्षेत्र में अर्किल मटर एक साथ तैयार हो गई है। श्रमिक भी नहीं मिल रहे हैं। 250-300 रुपये में एक श्रमिक मिल रहा है। शहर से श्रमिकों को खोजकर गांव लाना पड़ रहा है।
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मुहम्मदाबाद किसान चरण सिंह ने बताया कि जालौन हरी मटर उत्पादन का सबसे बड़ा क्षेत्र है। यहां की मटर कानपुर, गोरखपुर, गोंडा, बस्ती, लखनऊ व कोलकाता जाती है। इस बार 16 से 18 रुपये थोक भाव है। परिवहन खर्च भी बढ़ गया है।