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Jalaun News: सरकारी रेट के बजाए किसानों को भा रहा बाजार का भाव
Thu, 04 Apr 2024 12:11 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Thu, 04 Apr 2024 12:11 AM IST
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कोंच। सरकार द्वारा निर्धारित किए गए न्यूनतम समर्थन मूल्य 2275 रुपये के बजाए किसानों को बाजार भाव भा रहा है। जिसके चलते सरकारी गेहूं खरीद केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है। यह हालत तब है जब बाजार रेट एमएसपी से कम है। अभी तक केवल आरएफसी केंद्र पर ही इक्का-दुक्का किसान अपनी उपज लेकर पहुंच रहे हैं।
तहसील क्षेत्र में दस गेहूं खरीद केंद्र बनाए गए हैं। एक अप्रैल से शुरु हुई गेहूं की सरकारी खरीद के दूसरे दिन भी केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है, जबकि बाजार में किसान अपना गेहूं सरकारी रेट से कम दाम पर भी बेचने को राजी हैं। अभी केवल आरएफसी गेहूं खरीद केंद्र पर एक किसान ने पहुंच कर 23 क्विंटल गेहूं की बिक्री की है। बनाए गए दस सरकारी गेहूं खरीद केंद्रों में इस बार दो खरीद केंद्र नवीन गल्ला मंडी के अंदर एफसीआई व आरएफसी बनाए गए हैं। मंडी के बाहर जुझारपुरा सहकारी समिति कोंच व सहकारी क्रय विक्रय समिति कोंच पर गेहूं की खरीद के लिए केंद्र बनाए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्र में सात केंद्र कैलिया, दिरावटी, अंडा, पिरौना, नदीगांव, कनासी में बनाए गए हैं।
आरएफसी केंद्र प्रभारी राहुल शर्मा ने बताया कि अभी ग्राम चमसेना के किसान कमलेश का 23 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। दूसरे किसान रामसिंह निवासी सिमिरिया आए हैं जिनके गेहूं की तुलाई कराई जा रही है। एसडीएम सुशील कुमार सिंह ने कहा है कि किसान पंजीकरण कराकर सरकारी खरीद केंद्रों पर ही अपना गेहूं बेचें ताकि उन्हें अपनी उपज का अधिकतम मूल्य मिल सके, चौबीस घंटे के अंदर पैसा भी खातों में पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने यह बताया कि उतराई, छनाई व सफाई का 20 रुपया प्रति क्विटंल भी किसानों के खातों में पहुंच रहा है।
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नपेंगे सरकारी रेट से कम पर खरीद करने वाले आढ़तिया: एसडीएम
कोंच। एसडीएम सुशील कुमार सिंह ने गल्ला मंडी पहुंचकर आढ़तियों से बातचीत की और उन्हें एमएसपी से कम की खरीद पर कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने मंडी सचिव सोनू सिंह को निर्देश दिए कि किसी भी सूरत में एमएसपी से कम पर गेहूं की बिक्री न होने दें।
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तहसील क्षेत्र में दस गेहूं खरीद केंद्र बनाए गए हैं। एक अप्रैल से शुरु हुई गेहूं की सरकारी खरीद के दूसरे दिन भी केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है, जबकि बाजार में किसान अपना गेहूं सरकारी रेट से कम दाम पर भी बेचने को राजी हैं। अभी केवल आरएफसी गेहूं खरीद केंद्र पर एक किसान ने पहुंच कर 23 क्विंटल गेहूं की बिक्री की है। बनाए गए दस सरकारी गेहूं खरीद केंद्रों में इस बार दो खरीद केंद्र नवीन गल्ला मंडी के अंदर एफसीआई व आरएफसी बनाए गए हैं। मंडी के बाहर जुझारपुरा सहकारी समिति कोंच व सहकारी क्रय विक्रय समिति कोंच पर गेहूं की खरीद के लिए केंद्र बनाए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्र में सात केंद्र कैलिया, दिरावटी, अंडा, पिरौना, नदीगांव, कनासी में बनाए गए हैं।
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आरएफसी केंद्र प्रभारी राहुल शर्मा ने बताया कि अभी ग्राम चमसेना के किसान कमलेश का 23 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। दूसरे किसान रामसिंह निवासी सिमिरिया आए हैं जिनके गेहूं की तुलाई कराई जा रही है। एसडीएम सुशील कुमार सिंह ने कहा है कि किसान पंजीकरण कराकर सरकारी खरीद केंद्रों पर ही अपना गेहूं बेचें ताकि उन्हें अपनी उपज का अधिकतम मूल्य मिल सके, चौबीस घंटे के अंदर पैसा भी खातों में पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने यह बताया कि उतराई, छनाई व सफाई का 20 रुपया प्रति क्विटंल भी किसानों के खातों में पहुंच रहा है।
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नपेंगे सरकारी रेट से कम पर खरीद करने वाले आढ़तिया: एसडीएम
कोंच। एसडीएम सुशील कुमार सिंह ने गल्ला मंडी पहुंचकर आढ़तियों से बातचीत की और उन्हें एमएसपी से कम की खरीद पर कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने मंडी सचिव सोनू सिंह को निर्देश दिए कि किसी भी सूरत में एमएसपी से कम पर गेहूं की बिक्री न होने दें।