{"_id":"57aa16e34f1c1b0445ee4579","slug":"farmer-interest-remained-solid-plan","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसान हित में बने ठोस योजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसान हित में बने ठोस योजना
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Tue, 09 Aug 2016 11:16 PM IST
विज्ञापन
जुलूस निकालते भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय किसान संघ ने मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने किसानों के उत्थान की जो बात कही थी वह पूरी नहीं हुई है। मौजूदा समय में किसान आर्थिक रूप से टूटा हुआ है। किसानों के हित में ठोस योजना बनाकर उनका क्रियान्वयन किया जाए। खेती और किसान को बचाने के लिए किसानों को पेंशन
और उपज का लाभकारी मूल्य दिया जाना जरूरी है। किसानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित मांग पत्र एसडीएम संजय सिंह को सौंपा। इसमें 24 प्रस्ताव शासन को भेजे हैं। मंगलवार को संगठन कार्यालय पर बड़ी संख्या में किसान एकत्रित हुए। यहां से प्रदेश अध्यक्ष साहब सिंह चौहान के नेतृत्व में किसान जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े। किसानों ने जमकर
नारेबाजी की और कहा कि किसानों के हित में जो काम करेगा वही प्रदेश में राज करेगा। कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचा किसानों का जुलूस सभा में परिवर्तित हो गया। यहां प्रदेश अध्यक्ष साहब सिंह चौहान ने कहा कि सरकार को किसानों के उत्थान के लिए आगे आना होगा। कर्मचारी, अधिकारी का वेतन महंगाई के अनुसार बढ़ जाता है लेकिन किसानों की उपज का मूल्य नहीं
विज्ञापन
बढ़ता। यही वजह है कि किसान परेशान है। दूसरी ओर दैवी आपदा के दंश ने किसानों को खोखला कर दिया है। जिलाध्यक्ष अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि किसानों को 60 वर्ष की उम्र में पेशन दी जानी चाहिए। उपाध्यक्ष सुभाष द्विवेदी ने कहा कि किसानों को ब्याज मुक्त ऋण की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्नत किस्म के बीज और उर्वरक की व्यवस्था के साथ सिंचाई के
पर्याप्त संसाधन हो। पानी के अभाव में किसानों की फसलें न सूखें। शेवेंद्र शुक्ला ने कहा कि किसान अन्ना पशुओं से परेशान है। जिला प्रशासन इस ओर कोई कदम नहीं उठा रहा। महामंत्री शिवराज सिंह पटेल ने कहा कि माधौगढ़ में गन्ना मील की स्थापना कराई जाए। अनिल उप्रीम ने कहा कि किसानों की सुरक्षा के लिए भी प्रदेश सरकार को गंभीर होना पड़ेगा। पुष्पेंद्र
सिंह चौहान, संजीव उपाध्याय,शंभू दयाल, अशोक सोनी, विजय पाल सिंह, रामआसरे आदि ने भी सभा को संबोधित किया। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित 24 प्रस्तावों वाला ज्ञापन एसडीएम संजय सिंह को सौंपा गया। इस मौके पर शैलेंद्र सिंह, रविंद्र हसनपुर, माताप्रसाद, सुभाष द्विेदी, एमपी वर्मा, शिशुपाल गुर्जर, वीरेंदर सिंह रिछारा, महेश यादव, संतराम खड़गुई, राजेश, जगत सिंह,नेकराम, रामखिलावन समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन
और उपज का लाभकारी मूल्य दिया जाना जरूरी है। किसानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित मांग पत्र एसडीएम संजय सिंह को सौंपा। इसमें 24 प्रस्ताव शासन को भेजे हैं। मंगलवार को संगठन कार्यालय पर बड़ी संख्या में किसान एकत्रित हुए। यहां से प्रदेश अध्यक्ष साहब सिंह चौहान के नेतृत्व में किसान जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े। किसानों ने जमकर
विज्ञापन
नारेबाजी की और कहा कि किसानों के हित में जो काम करेगा वही प्रदेश में राज करेगा। कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचा किसानों का जुलूस सभा में परिवर्तित हो गया। यहां प्रदेश अध्यक्ष साहब सिंह चौहान ने कहा कि सरकार को किसानों के उत्थान के लिए आगे आना होगा। कर्मचारी, अधिकारी का वेतन महंगाई के अनुसार बढ़ जाता है लेकिन किसानों की उपज का मूल्य नहीं
विज्ञापन
बढ़ता। यही वजह है कि किसान परेशान है। दूसरी ओर दैवी आपदा के दंश ने किसानों को खोखला कर दिया है। जिलाध्यक्ष अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि किसानों को 60 वर्ष की उम्र में पेशन दी जानी चाहिए। उपाध्यक्ष सुभाष द्विवेदी ने कहा कि किसानों को ब्याज मुक्त ऋण की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्नत किस्म के बीज और उर्वरक की व्यवस्था के साथ सिंचाई के
पर्याप्त संसाधन हो। पानी के अभाव में किसानों की फसलें न सूखें। शेवेंद्र शुक्ला ने कहा कि किसान अन्ना पशुओं से परेशान है। जिला प्रशासन इस ओर कोई कदम नहीं उठा रहा। महामंत्री शिवराज सिंह पटेल ने कहा कि माधौगढ़ में गन्ना मील की स्थापना कराई जाए। अनिल उप्रीम ने कहा कि किसानों की सुरक्षा के लिए भी प्रदेश सरकार को गंभीर होना पड़ेगा। पुष्पेंद्र
सिंह चौहान, संजीव उपाध्याय,शंभू दयाल, अशोक सोनी, विजय पाल सिंह, रामआसरे आदि ने भी सभा को संबोधित किया। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित 24 प्रस्तावों वाला ज्ञापन एसडीएम संजय सिंह को सौंपा गया। इस मौके पर शैलेंद्र सिंह, रविंद्र हसनपुर, माताप्रसाद, सुभाष द्विेदी, एमपी वर्मा, शिशुपाल गुर्जर, वीरेंदर सिंह रिछारा, महेश यादव, संतराम खड़गुई, राजेश, जगत सिंह,नेकराम, रामखिलावन समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।