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हर दूसरा उपभोक्ता बिजली बकायेदार
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई
Updated Sun, 20 Dec 2015 11:02 PM IST
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उपभोक्ताओं की मनमानी ने बिजली विभाग के अधिकारियों को परेशानी में डाल
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दिया है। शहर का हर दूसरा उपभोक्ता विभाग का बकायेदार है। 13 हजार से अधिक
लोगों पर विभाग की 50 करोड़ से अधिक की बकायेदारी है। इनसे वसूली में सर्द
मौसम में भी विभाग को पसीना आ रहा है। तीन महीने बाद मौजूदा वित्तीय वर्ष
भी खत्म हो रहा है। ऐसे में विभाग पर बकायेदारी वसूलने का दबाव भी बढ़ रहा
है।
इन दिनों शहर का हर दूसरा उपभोक्ता बिजली विभाग के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है। शहर में 24 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें से 10 हजार 588 ऐसे हैं जिनमें से प्रत्येक दस हजार से अधिक रुपये का बकायेदार है। इन पर विभाग की कुल 47 करोड़ 28 लाख 20 हजार 503 रुपये की बकायेदारी है। वहीं, 2622 उपभोक्ताओं पर पांच से दस हजार रुपये
तक का बिल बाकी है। इनपर विभाग की कुल दो करोड़ पांच लाख 75 हजार 740 रुपये की बकायेदारी है। इस तरह शहर का हर दूसरा उपभोक्ता बिजली बकायेदार है। लंबे समय से विभागीय अधिकारी इन पर शिकंजा कसने में लगे हुए हैं पर इसका व्यापक असर नहीं हो पा रहा है। हालांकि आंशिक तौर पर विभागीय को सफलता जरूर मिल जाती है। अब विभाग
ऐसी ठोस योजना का प्रारूप तैयार कर रहा है जिससे तेजी से वसूली हो सके। इसके लिए विभागीय अधिकारी योजना तैयार करने में जुटे हैं। मौजूदा वित्तीय वर्ष को भी मात्र तीन महीने रह गए हैं। ऐसे में विभाग पर राजस्व वसूली का भी दबाव
हर तीसरा व्यवसायी भी बकायेदार
उरई। शहर में घरेलू उपभोक्ताओं के साथ ही कामर्शियल कनेक्शन वाले भी विभागीय अधिकारियों की परेशानियां बढ़ा रहे हैं। इसका कारण यह है कि कामर्शियल कनेक्शन लेने वाला हर तीसरा व्यवसायी विभाग का बकायेदार है। शहर में कुल तीन
हजार 236 कामर्शियल कनेक्शन हैं। इनमें एक हजार 337 व्यवसायिक कनेक्शनों पर विभाग की सात करोड़ 28 लाख 77 हजार 713 रुपये बाकी है। इनसे भी वसूली करना विभाग के लिए चुनौती है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अगर कामर्शियल उपभोक्ताओं ने बकाया नहीं किया तो उनके कनेक्शन काट दिए जाएंगे।
बाबुओं की मनमानी बाधक
बकाया वसूलने में तेजी न आने का एक कारण बिजली विभाग के बाबू भी हैं। दरअसल कई उपभोक्ता खामियों के चलते बिल जमा करना बंद कर देते हैं। जब यह उपभोक्ता विभाग के बाबुओं के पास अपने बिल की खामियां दूर कराने जाते हैं तो उन्हें उनके चक्कर काटने पड़ते हैं। निजी स्वार्थ के लिए विभागीय बाबू उपभोक्ताओं को विभाग के इतने चक्कर लगवाते हैं कि या तो वे उनकी जेब गरम कर देते हैं या फिर बिजली बिल जमा करना ही बंद कर देते हैं।
जल्द चलाया जाएगा अभियान
शहर के उपभोक्ताओं पर 50 करोड़ से अधिक की बकायेदारी वसूलने के बारे में एसडीओ अजय कुमार का कहना है कि विभाग की तैयारी पूरी है। जल्द ही बकायेदारों पर शिकंजा कसना शुरू हो जाएगा। शहर में जगह-जगह कैंप लगवाए जाएंगे। इनमें उपभोक्ताओं की समस्याओं का निस्तारण करने के बाद उन पर बकाया धनराशि जमा कराई जाएगी। इसके अलावा बकायेदारों के कनेक्शन काटकर उन पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। अगर फिर भी उपभोक्ता बिल जमा नहीं करते हैं तो उनकी आरसी जारी की जाएगी।
वर्जन
राजस्व वसूली बढ़ाने के लिए विभाग से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कई महीनों से विभाग द्वारा अभियान चलाया जा रहा है। इसका असर भी हुआ है और लाखों रुपये की वसूली भी की गई है। जल्द ही इस अभियान को और भी व्यापक रूप देकर हर बकायेदार पर शिकंजा कसा जाएगा। -अजय कुमार, एसडीओ, उरई
इन दिनों शहर का हर दूसरा उपभोक्ता बिजली विभाग के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है। शहर में 24 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें से 10 हजार 588 ऐसे हैं जिनमें से प्रत्येक दस हजार से अधिक रुपये का बकायेदार है। इन पर विभाग की कुल 47 करोड़ 28 लाख 20 हजार 503 रुपये की बकायेदारी है। वहीं, 2622 उपभोक्ताओं पर पांच से दस हजार रुपये
तक का बिल बाकी है। इनपर विभाग की कुल दो करोड़ पांच लाख 75 हजार 740 रुपये की बकायेदारी है। इस तरह शहर का हर दूसरा उपभोक्ता बिजली बकायेदार है। लंबे समय से विभागीय अधिकारी इन पर शिकंजा कसने में लगे हुए हैं पर इसका व्यापक असर नहीं हो पा रहा है। हालांकि आंशिक तौर पर विभागीय को सफलता जरूर मिल जाती है। अब विभाग
ऐसी ठोस योजना का प्रारूप तैयार कर रहा है जिससे तेजी से वसूली हो सके। इसके लिए विभागीय अधिकारी योजना तैयार करने में जुटे हैं। मौजूदा वित्तीय वर्ष को भी मात्र तीन महीने रह गए हैं। ऐसे में विभाग पर राजस्व वसूली का भी दबाव
हर तीसरा व्यवसायी भी बकायेदार
उरई। शहर में घरेलू उपभोक्ताओं के साथ ही कामर्शियल कनेक्शन वाले भी विभागीय अधिकारियों की परेशानियां बढ़ा रहे हैं। इसका कारण यह है कि कामर्शियल कनेक्शन लेने वाला हर तीसरा व्यवसायी विभाग का बकायेदार है। शहर में कुल तीन
हजार 236 कामर्शियल कनेक्शन हैं। इनमें एक हजार 337 व्यवसायिक कनेक्शनों पर विभाग की सात करोड़ 28 लाख 77 हजार 713 रुपये बाकी है। इनसे भी वसूली करना विभाग के लिए चुनौती है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अगर कामर्शियल उपभोक्ताओं ने बकाया नहीं किया तो उनके कनेक्शन काट दिए जाएंगे।
बाबुओं की मनमानी बाधक
बकाया वसूलने में तेजी न आने का एक कारण बिजली विभाग के बाबू भी हैं। दरअसल कई उपभोक्ता खामियों के चलते बिल जमा करना बंद कर देते हैं। जब यह उपभोक्ता विभाग के बाबुओं के पास अपने बिल की खामियां दूर कराने जाते हैं तो उन्हें उनके चक्कर काटने पड़ते हैं। निजी स्वार्थ के लिए विभागीय बाबू उपभोक्ताओं को विभाग के इतने चक्कर लगवाते हैं कि या तो वे उनकी जेब गरम कर देते हैं या फिर बिजली बिल जमा करना ही बंद कर देते हैं।
जल्द चलाया जाएगा अभियान
शहर के उपभोक्ताओं पर 50 करोड़ से अधिक की बकायेदारी वसूलने के बारे में एसडीओ अजय कुमार का कहना है कि विभाग की तैयारी पूरी है। जल्द ही बकायेदारों पर शिकंजा कसना शुरू हो जाएगा। शहर में जगह-जगह कैंप लगवाए जाएंगे। इनमें उपभोक्ताओं की समस्याओं का निस्तारण करने के बाद उन पर बकाया धनराशि जमा कराई जाएगी। इसके अलावा बकायेदारों के कनेक्शन काटकर उन पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। अगर फिर भी उपभोक्ता बिल जमा नहीं करते हैं तो उनकी आरसी जारी की जाएगी।
वर्जन
राजस्व वसूली बढ़ाने के लिए विभाग से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कई महीनों से विभाग द्वारा अभियान चलाया जा रहा है। इसका असर भी हुआ है और लाखों रुपये की वसूली भी की गई है। जल्द ही इस अभियान को और भी व्यापक रूप देकर हर बकायेदार पर शिकंजा कसा जाएगा। -अजय कुमार, एसडीओ, उरई