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Jalaun News: तपिश भी नहीं रोक सकी मतदाताओं का उत्साह, जमकर हुआ मतदान
Tue, 21 May 2024 12:34 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Tue, 21 May 2024 12:34 AM IST
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उरई। वोट के अधिकार से अपनी सरकार चुनने के लिए मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिलीं। लोकतंत्र के महापर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए हर आयु वर्ग के मतदाताओं में मतदान को लेकर भारी उत्साह देखने को मिला। इस दौरान मतदाताओं में बुंदेलखंड की बदहाली को निहाल किए जाने का मुद्दा गरमाया रहा।
स्थानीय मुद्दों पर भी मतदाताओं ने वोट की चोट की। हालांकि काफी प्रयासों के बाद भी लोकसभा क्षेत्र के मतदाता वर्ष 2019 में हुए मतदान का रिकार्ड नहीं तोड़ सके और प्रतिशत कम वोट पड़ने से पिछड़ गए। सबसे कम मतदान प्रतिशत उरई सीट का रहा। भीषण गर्मी के चलते लोग घरों से नहीं निकले हालांकि सुबह और शाम को मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें लगी रहीं। लोगों में वोट डालने का खूब उत्साह दिखा। इस दौरान बुजुर्गों महिलाओं की मतदान करने में खूब भागीदारी रही। जिले में शांतिपूर्वक मतदान हुआ। इस दौरान कई गांवों में क्षेत्र की बदहाली पर मतदान का बहिष्कार किया गया। इसे लेकर अफसरों की मान मनौव्वल के बाद मतदान शुरू किया जा सका। ईवीएम की छुटपुट गड़बडी की शिकायतों के बाद भी मतदान प्रक्रिया निर्बाध रूप से चलती रही।
जालौन गरौठा भोगनीपुर लोकसभा क्षेत्र के लिए पांचवे चरण के लिए सोमवार को हो रहे मतदान में तीनों विधानसभाओं के 2206 मतदेय स्थल एवं 1529 मतदान केंद्रो पर सुबह सात बजे के पहले ही मतदाता अपने मतदान केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। सुबह सात बजते ही मतदान शुरू हो गया था। छिटपुट दिक्कतों के साथ चाल शुरू हुए मतदान में सुबह सात बजे से शहरी इलाकों में कम लोग ही निकले, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाता केंद्रों की ओर जाने लगे थे। मौसम सुबह आठ बजे तक सुहाना रहा। जिस पर 9 बजे तक 12 प्रतिशत मतदान हो गया। इसके बाद रफ्तार थोड़ी कम हो गई। जिस पर 11 बजे तक 27 प्रतिशत मतदान हो गया। इसके बाद दोपहर में कम लोग घर से निकले। जिस पर 1 बजे तक 11 फीसदी ही वोट बढ़ सके और 38.91 प्रतिशत मतदान हो सका। इसके बाद दोपहर में लोग और भी कम निकले जिस पर दोपहर तीन बजे तक 46.19 प्रतिशत मतदान हो सका।
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अतिसंवेदनशील बूथों पर रहीं अफसरों की निगाहें
उरई। जिले में सोमवार को सुबह सात बजे से शुरू हुए मतदान से जहां प्रशासन पूरी तरह से सतर्क रहा तो जिले के संवेदनशील व अतिसंवेदनशील बूथों पर जिला प्रशासन की निगाहें टिकी रहीं। अधिकारी वहां मौजूद अधिकारियों से पल-पल का अपडेट लेते रहें। साथ ही खुद भी जाकर वहां मौजूद लोगों से शांति से मतदान करने की अपील करते रहे।
जिले में 21 अतिसंवेदनशील व 125 संवेदनशील बूथ हैं। इन बूथों पर प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल के साथ साथ अर्द्धसैनिक बल को भी लगाया था। जिससे यहां शांति पूर्वक मतदान हो सके। सुबह सात बजे से शुरू हुए मतदान को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया। इन बूथों पर आने जाने वाले लोगों की निगरानी तीसरी आंख से की गई। अधिकारी यहां की पल पल की अपडेट लेते रहे। साथ ही इन स्थलों का भ्रमण भी किया गया। जिससे कोई गड़बड़ी न हो।
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स्थानीय मुद्दों पर भी मतदाताओं ने वोट की चोट की। हालांकि काफी प्रयासों के बाद भी लोकसभा क्षेत्र के मतदाता वर्ष 2019 में हुए मतदान का रिकार्ड नहीं तोड़ सके और प्रतिशत कम वोट पड़ने से पिछड़ गए। सबसे कम मतदान प्रतिशत उरई सीट का रहा। भीषण गर्मी के चलते लोग घरों से नहीं निकले हालांकि सुबह और शाम को मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें लगी रहीं। लोगों में वोट डालने का खूब उत्साह दिखा। इस दौरान बुजुर्गों महिलाओं की मतदान करने में खूब भागीदारी रही। जिले में शांतिपूर्वक मतदान हुआ। इस दौरान कई गांवों में क्षेत्र की बदहाली पर मतदान का बहिष्कार किया गया। इसे लेकर अफसरों की मान मनौव्वल के बाद मतदान शुरू किया जा सका। ईवीएम की छुटपुट गड़बडी की शिकायतों के बाद भी मतदान प्रक्रिया निर्बाध रूप से चलती रही।
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जालौन गरौठा भोगनीपुर लोकसभा क्षेत्र के लिए पांचवे चरण के लिए सोमवार को हो रहे मतदान में तीनों विधानसभाओं के 2206 मतदेय स्थल एवं 1529 मतदान केंद्रो पर सुबह सात बजे के पहले ही मतदाता अपने मतदान केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। सुबह सात बजते ही मतदान शुरू हो गया था। छिटपुट दिक्कतों के साथ चाल शुरू हुए मतदान में सुबह सात बजे से शहरी इलाकों में कम लोग ही निकले, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाता केंद्रों की ओर जाने लगे थे। मौसम सुबह आठ बजे तक सुहाना रहा। जिस पर 9 बजे तक 12 प्रतिशत मतदान हो गया। इसके बाद रफ्तार थोड़ी कम हो गई। जिस पर 11 बजे तक 27 प्रतिशत मतदान हो गया। इसके बाद दोपहर में कम लोग घर से निकले। जिस पर 1 बजे तक 11 फीसदी ही वोट बढ़ सके और 38.91 प्रतिशत मतदान हो सका। इसके बाद दोपहर में लोग और भी कम निकले जिस पर दोपहर तीन बजे तक 46.19 प्रतिशत मतदान हो सका।
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अतिसंवेदनशील बूथों पर रहीं अफसरों की निगाहें
उरई। जिले में सोमवार को सुबह सात बजे से शुरू हुए मतदान से जहां प्रशासन पूरी तरह से सतर्क रहा तो जिले के संवेदनशील व अतिसंवेदनशील बूथों पर जिला प्रशासन की निगाहें टिकी रहीं। अधिकारी वहां मौजूद अधिकारियों से पल-पल का अपडेट लेते रहें। साथ ही खुद भी जाकर वहां मौजूद लोगों से शांति से मतदान करने की अपील करते रहे।
जिले में 21 अतिसंवेदनशील व 125 संवेदनशील बूथ हैं। इन बूथों पर प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल के साथ साथ अर्द्धसैनिक बल को भी लगाया था। जिससे यहां शांति पूर्वक मतदान हो सके। सुबह सात बजे से शुरू हुए मतदान को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया। इन बूथों पर आने जाने वाले लोगों की निगरानी तीसरी आंख से की गई। अधिकारी यहां की पल पल की अपडेट लेते रहे। साथ ही इन स्थलों का भ्रमण भी किया गया। जिससे कोई गड़बड़ी न हो।