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Jalaun News: गोशालाओं के रखरखाव में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
Thu, 07 Sep 2023 12:46 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Thu, 07 Sep 2023 12:46 AM IST
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उरई। एनजीटी के चेयरमैन न्यायमूर्ति एनबीएस राठौर एवं केंद्र सरकार के सचिव अनंत कुमार ने टीम के साथ कलक्ट्रेट सभागार में जिले के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। जिसमें अधिकारियों से गोशाला के चारा-पानी के प्रबंध सहित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। साथ ही पशुओं के संख्या के बारे में पूछताछ की। वहीं अधिकारियों को निर्देश दिए कि गोवंशों के रखरखाव में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाए।
बैठक में एनजीटी के चैयरमैन ने एडीएम संजय कुमार, सीडीओ भीमजी उपाध्याय से गोशालों की रिपोर्ट मांगी। जिसमें नगरीय क्षेत्र से लेकर गांव में संचालित गोशालों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि जिले चार गोशालाओं के साथ लगभग चार सौ के आसपास अस्थाई गोशालाओं संचालित हो रही हैं। जिनमें लगभग 42 हजार गोवंश हैं। जिनकी व्यवस्था के लिए केयरटेकर की व्यवस्था की गई है। वहीं अधिकारियों ने बताया कि कई संस्थाएं गाय के गोबर से लकड़ी, मूर्तियां, दिए आदि बनाए जा रहे हैं। टीम ने कहा कि वह गोशालाओं का जायजा लेने के लिए गांव में भी जाएंगे। बैठक में एडीएम नमामि गंगे विशाल यादव, उपायुक्त मनरेगा अवधेश कुमार दीक्षित, बीडीओ महेबा विपिन कुमार, ईओ विमलापति, डीडीओ सुभाष चंद्र त्रिपाठी, पीडी शिवाकांत द्विवेदी आदि अधिकारी मौजूद रहे।
मीट की दुकानें देखी, गंदगी पर लगाई फटकार
उरई। टीम ने शहर के बजरिया में संचालित होने वाली मीट की दुकानों का भी निरीक्षण किया। हालांकि कई दुकानों को प्रशासन ने एक दिन पहले ही बंद करा दिया गया था। इसके बाद टीम राठ रोड पहुंची। जहां संचालित मीट की दुकानों में गंदगी देखकर नाराजगी जताई और सभी मीट विक्रेताओं के लाइसेंस जारी करने के निर्देश दिए।
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गोशाला के रखरखाव में टीम ने पकड़ी गड़बड़ी
उरई। टीम ने धगुवा कलां पहुंचकर गोशाला में भूसे आदि की व्यवस्था देखी। हरा चारा कम मिलने पर पशु चिकित्सा अधिकारी और केयरटेकर को फटकार लगाई। मौके पर गोशाला के रखरखाव के लिए बनाए गए रजिस्टर में भी गड़ब़ड़ी मिली। इस पर टीम ने रजिस्टर अपने साथ ले गई। मवेशियों की जिओ टैगिग में लापरवाही न बरतने की हिदायत दी। निर्देशित किया कि मवेशियों को पर्याप्त चारे का इंतजाम किया जाए। पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि मवेशियों की नियमित जांच करें। कोई मवेशी बीमार नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने गोशालाओं में नैपियर घास लगवाने के भी निर्देश दिए।
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बैठक में एनजीटी के चैयरमैन ने एडीएम संजय कुमार, सीडीओ भीमजी उपाध्याय से गोशालों की रिपोर्ट मांगी। जिसमें नगरीय क्षेत्र से लेकर गांव में संचालित गोशालों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि जिले चार गोशालाओं के साथ लगभग चार सौ के आसपास अस्थाई गोशालाओं संचालित हो रही हैं। जिनमें लगभग 42 हजार गोवंश हैं। जिनकी व्यवस्था के लिए केयरटेकर की व्यवस्था की गई है। वहीं अधिकारियों ने बताया कि कई संस्थाएं गाय के गोबर से लकड़ी, मूर्तियां, दिए आदि बनाए जा रहे हैं। टीम ने कहा कि वह गोशालाओं का जायजा लेने के लिए गांव में भी जाएंगे। बैठक में एडीएम नमामि गंगे विशाल यादव, उपायुक्त मनरेगा अवधेश कुमार दीक्षित, बीडीओ महेबा विपिन कुमार, ईओ विमलापति, डीडीओ सुभाष चंद्र त्रिपाठी, पीडी शिवाकांत द्विवेदी आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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मीट की दुकानें देखी, गंदगी पर लगाई फटकार
उरई। टीम ने शहर के बजरिया में संचालित होने वाली मीट की दुकानों का भी निरीक्षण किया। हालांकि कई दुकानों को प्रशासन ने एक दिन पहले ही बंद करा दिया गया था। इसके बाद टीम राठ रोड पहुंची। जहां संचालित मीट की दुकानों में गंदगी देखकर नाराजगी जताई और सभी मीट विक्रेताओं के लाइसेंस जारी करने के निर्देश दिए।
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गोशाला के रखरखाव में टीम ने पकड़ी गड़बड़ी
उरई। टीम ने धगुवा कलां पहुंचकर गोशाला में भूसे आदि की व्यवस्था देखी। हरा चारा कम मिलने पर पशु चिकित्सा अधिकारी और केयरटेकर को फटकार लगाई। मौके पर गोशाला के रखरखाव के लिए बनाए गए रजिस्टर में भी गड़ब़ड़ी मिली। इस पर टीम ने रजिस्टर अपने साथ ले गई। मवेशियों की जिओ टैगिग में लापरवाही न बरतने की हिदायत दी। निर्देशित किया कि मवेशियों को पर्याप्त चारे का इंतजाम किया जाए। पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि मवेशियों की नियमित जांच करें। कोई मवेशी बीमार नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने गोशालाओं में नैपियर घास लगवाने के भी निर्देश दिए।