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आर्थिक कमजोरी न्याय में बाधा नहीं: विरजेन्द्र
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उरई। राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में रविवार को मेगा विधिक सहायता शिविर का आयोजन किया गया। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित शिविर में न्याय और जनकल्याणकारी योजनाओं को एक ही मंच पर उपलब्ध कराया गया। 37 विभागों के स्टॉल लगाए गए, जहां 722 लाभार्थियों को मौके पर ही विभिन्न योजनाओं से जोड़ा गया। राजस्व, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, श्रम, बैंकिंग और महिला कल्याण विभाग सहित अन्य विभागों ने पंजीकरण, प्रमाणन और स्वीकृति की प्रक्रिया सरल बनाते हुए सेवाएं प्रदान कीं। कई पात्रों को तत्काल प्रमाणपत्र, स्वीकृति पत्र और योजना से संबंधित लाभ उपलब्ध कराए गए। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए।
जनपद न्यायाधीश विरजेन्द्र कुमार सिंह ने घरेलू हिंसा, बाल श्रम, महिला उत्पीड़न और अवैध वसूली से जुड़े कानूनों की जानकारी देते हुए अपील की कि पात्र व्यक्ति विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर सहायता प्राप्त करें। डीएम राजेश कुमार पांडेय ने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि गरीब और असहाय व्यक्तियों को प्रताड़ना से संरक्षण मिले। एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार ने कहा कि घरेलू हिंसा, बाल श्रम या कर्ज के नाम पर दबाव बनाकर उत्पीड़न जैसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाएगी। एडीजे प्रथम सतीश चंद्र द्विवेदी व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शांभवी ने भी जागरूक किया। कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय मनोज कुमार गौतम, स्पेशल जज एससीएसटी सुरेश गौतम, स्पेशल जज डकैती अवनीश कुमार आदि रहे।
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जनपद न्यायाधीश विरजेन्द्र कुमार सिंह ने घरेलू हिंसा, बाल श्रम, महिला उत्पीड़न और अवैध वसूली से जुड़े कानूनों की जानकारी देते हुए अपील की कि पात्र व्यक्ति विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर सहायता प्राप्त करें। डीएम राजेश कुमार पांडेय ने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि गरीब और असहाय व्यक्तियों को प्रताड़ना से संरक्षण मिले। एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार ने कहा कि घरेलू हिंसा, बाल श्रम या कर्ज के नाम पर दबाव बनाकर उत्पीड़न जैसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाएगी। एडीजे प्रथम सतीश चंद्र द्विवेदी व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शांभवी ने भी जागरूक किया। कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय मनोज कुमार गौतम, स्पेशल जज एससीएसटी सुरेश गौतम, स्पेशल जज डकैती अवनीश कुमार आदि रहे।
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