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Jalaun News: डेढ़ करोड़ की टंकी से 13 साल बाद भी नहीं हुई पानी की सप्लाई
Wed, 27 Mar 2024 02:42 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Wed, 27 Mar 2024 02:42 AM IST
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जालौन। तहसील परिसर में जलापूर्ति के लिए पानी की टंकी के साथ ही पानी की आपूर्ति के लिए नलकूप लगाया गया था। तकरीबन डेढ़ करोड़ की लागत से बनी पानी की टंकी व नलकूप से अभी तक तहसील परिसर में जलापूर्ति शुरू नहीं हो पाई है।
तहसील के नये भवन निर्माण का निर्माण वर्ष 2009 से 2011 के बीच कराया गया था। तहसील भवन के निर्माण के समय एसडीएम कार्यालय के बगल में परिसर में जलापूर्ति के लिए पानी की टंकी बनाई गई थी और उसको भरने के लिए नलकूप भी लगाया गया था। तकरीबन डेढ़ करोड़ की लागत से पानी की टंकी व ट्यूबवेल का निर्माण कराया गया था।
नलकूप की बोरिंग के बाद ठेकेदार ने पंप चलाने के लिए मोटर नहीं डाली थी। टंकी को भरने के टंकी में डेढ़ इंच की जगह तीन इंच के पाइप की फिटिंग की गयी थी। तहसील का काम पूरा काम न होने के बाद भी वर्ष 2010 में तत्कालीन एसडीएम दिवाकर सिंह ने तहसील भवन को हैंडओवर कर लिया था। तहसील भवन को हैंडओवर हुए 13 वर्ष बीत चुके हैं लेकिन आज तक जलापूर्ति के लिए बनी पानी की टंकी में ट्यूबवेल से पानी भरकर जलापूर्ति नहीं हो सकी हैं।
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नलकूप की बोरिंग में सबमर्सिबल पंप डालकर काम चलाया जा रहा है। क्षमता अधिक न होने के चलते सबमर्सिबल पंप भी टंकी को भरने में सक्षम नहीं है। ऐसे में तहसील में हैंडपंप के सहारे काम चलाया जा रहा है। इस बाबत एसडीएम अतुल कुमार ने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है, वह पता करके नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।
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तहसील के नये भवन निर्माण का निर्माण वर्ष 2009 से 2011 के बीच कराया गया था। तहसील भवन के निर्माण के समय एसडीएम कार्यालय के बगल में परिसर में जलापूर्ति के लिए पानी की टंकी बनाई गई थी और उसको भरने के लिए नलकूप भी लगाया गया था। तकरीबन डेढ़ करोड़ की लागत से पानी की टंकी व ट्यूबवेल का निर्माण कराया गया था।
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नलकूप की बोरिंग के बाद ठेकेदार ने पंप चलाने के लिए मोटर नहीं डाली थी। टंकी को भरने के टंकी में डेढ़ इंच की जगह तीन इंच के पाइप की फिटिंग की गयी थी। तहसील का काम पूरा काम न होने के बाद भी वर्ष 2010 में तत्कालीन एसडीएम दिवाकर सिंह ने तहसील भवन को हैंडओवर कर लिया था। तहसील भवन को हैंडओवर हुए 13 वर्ष बीत चुके हैं लेकिन आज तक जलापूर्ति के लिए बनी पानी की टंकी में ट्यूबवेल से पानी भरकर जलापूर्ति नहीं हो सकी हैं।
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नलकूप की बोरिंग में सबमर्सिबल पंप डालकर काम चलाया जा रहा है। क्षमता अधिक न होने के चलते सबमर्सिबल पंप भी टंकी को भरने में सक्षम नहीं है। ऐसे में तहसील में हैंडपंप के सहारे काम चलाया जा रहा है। इस बाबत एसडीएम अतुल कुमार ने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है, वह पता करके नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।