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Jalaun News: ड्यूटी से गायब मिले डॉक्टर-कर्मी, अधिकांश बिना मास्क कर रहे थे काम

Sun, 13 Sep 2026 12:23 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 13 Sep 2026 12:23 AM IST
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Doctors and staff found absent from duty; most were working without masks.
फोटो-13-सीएचसी नदीगांव की पैथोलॉजी का निरीक्षण करते सीएमओ। स्रोत-विभाग
फोटो-13-सीएचसी नदीगांव की पैथोलॉजी का निरीक्षण करते सीएमओ। स्रोत-विभाग
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सीएमओ के औचक निरीक्षण में सदूपुरा पीएचसी में जलभराव मिला
नदीगांव सीएचसी में 27 अगस्त से कर्मचारी की उपस्थिति दर्ज नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। स्वास्थ्य केंद्रों पर व्यवस्थाओं और कर्मचारियों की उपस्थिति की हकीकत जानने के लिए सीएमओ डॉ. एचएन प्रसाद व एसीएमओ डॉ. एपी वर्मा ने शनिवार को नदीगांव सीएचसी और सदूपुरा पीएचसी का औचक निरीक्षण किया। अधिकांश स्वास्थ्यकर्मी बिना मास्क के ड्यूटी करते मिलने पर सीएमओ ने नाराजगी जताते हुए ओपीडी के दौरान सभी को मास्क लगाने के निर्देश दिए।
दोपहर करीब 12 बजे सदूपुरा पीएचसी पहुंचे सीएमओ को अस्पताल परिसर में जलभराव मिला। उन्होंने नाराजगी जताते हुए पानी की निकासी की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण में डॉ. शैलेंद्र और एलटी दिलीप गैरहाजिर मिले। कर्मचारियों ने बताया कि दोनों प्रतिकर अवकाश पर हैं। इसके बाद टीम ने नदीगांव सीएचसी का निरीक्षण किया। यहां चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद कुमार, डॉ. मोहिनी गुप्ता, डॉ. विनय जायसवाल, फार्मासिस्ट रामसिंह मौजूद मिले, जबकि डॉ. आराधना सेंगर, दीपक सेंगर और डॉ. शारदा शरण अनुपस्थित मिले। वहीं बीएचडब्लू जयप्रकाश शर्मा की 27 अगस्त से उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज नहीं मिली। निरीक्षण के समय सीएचसी में 197 मरीजों का पंजीकरण और 57 मरीजों की पैथोलॉजी जांच हो चुकी थी। साफ-सफाई व्यवस्था ठीक मिली, लेकिन नई पैथोलॉजी में साइनेज बोर्ड न लगा होने पर सीएमओ ने इसे तत्काल लगवाने के निर्देश दिए। स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए सीएचसी में आइसोलेशन वार्ड बनाने को भी कहा।
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सीएमओ ने स्वास्थ्यकर्मियों को सख्त हिदायत दी कि ओपीडी के दौरान सभी मास्क लगाकर बैठें और अस्पताल परिसर को साफ-सुथरा रखा जाए। मरीजों को बाहर की दवाइयां लिखने के बजाय उपलब्ध दवाएं अस्पताल से ही दी जाएं। चिकित्सक और फार्मासिस्ट एक साथ अवकाश न लें, ताकि मरीजों को उपचार में परेशानी न हो। उन्होंने गंभीर मरीजों को रेफर करने से पहले सीएचसी-पीएचसी स्तर पर ही बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
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