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Jalaun News: सड़कों पर नहीं बहेगा गंदा पानी, ढाई करोड़ से बनेंगे चार नाले
Sun, 15 Dec 2024 12:04 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Sun, 15 Dec 2024 12:04 AM IST
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उरई। अब शहर के दो वार्डों में सड़क पर गंदा पानी नहीं बहेगा। इसके लिए दो मोहल्लों में चार नालों का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए भेजा प्रस्ताव पास हो गया है। साथ ही एक किस्त भी शासन की ओर से मिल गई है। इन मोहल्लों में जलभराव की समस्या सालों से बनी थी। इससे घरों में सीलन और दरारें आने लगी थी। लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा था। सीवरेज योजना से इसकी समस्या का समाधान कराया जाएगा।
सीवरेज योजना से नगर पालिका उरई को करीब ढाई करोड़ रुपये मिले हैं। इसमें वार्ड नंबर 20 के इंदिरा नगर कुइया रोड पर मंडी गेट, नंबर दो से एफसीआई गेट तक नाला बनेगा। क्योंकि इस नाले से बारिश के समय में सड़कों पर गंदा पानी बहता है, कोई निकासी न होने से कूड़े के ढेर भी आसपास लग जाते हैं। हालत यह होती है कि मंडी और एफसीआई गोदाम के अंदर तक पानी जाता है। करीब दो हजार लोगों को इससे परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इसी तरह वार्ड नंबर 21 राजेंद्र नगर के वन विभाग के पीछे जलभराव की समस्या बनी हुई है। बिना बारिश के ही खाली प्लाटों और बारिश में गलियों में पानी भरा रहता है। हालत यह है कि इन सड़कों पर पानी भरा होने से आवागमन तक बंद हो जाता है। पानी निकासी की भी कोई व्यवस्था नहीं है। जलभराव से कई घरों में दरारें आ गई हैं। इसके साथ ही प्रत्येक घर के सामने पानी भरा रहता है। इस समस्या से करीब तीन हजार की आबादी प्रभावित है। शिकायत के बाद भी कोई समाधान नहीं हो रहा था।
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इसे देखते हुए पालिका ने इन दोनों मोहल्लों की समस्याओं का समाधान सीवरेज योजना से कराने के लिए शासन को ढाई करोड़ का प्रस्ताव भेजा था। जिसे अब मंजूरी मिल गई है। इन दोनों वार्डों में चार नालों का निर्माण होगा। इससे करीब दस हजार की आबादी को जलभराव व सीलन की समस्या से निजात मिल जाएगी।
लोगों ने इस समस्या के समाधान करने के लिए डीएम को भी शिकायती पत्र दिया था। इस पर डीएम ने नगर पालिका को इन समस्याओं को जल्द ही खत्म करने के निर्देश दिए थे। ईओ राम अचल कुरील ने बताया कि चार नालों के लिए बजट मिला है। कुछ धनराशि भी मिल गई है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया के बाद काम शुरू किया जाएगा।
सभासदों की बात-
वार्ड नंबर 20 के सभासद सुशील राजपूत ने बताया कि वार्ड में आधा दर्जन नालों की जरूरत है। पूरे नालों का निर्माण होने के बाद ही पूरी तरह से समस्या का समाधान हो सकता है। बजट मिलने से वार्ड की उस आबादी को राहत मिलेगी, जिन्हें गंदे पानी से होकर गुजरना होता था। क्योंकि नालियां तो बनी हैं। लेकिन पानी का निकास नहीं होने से सड़कों पर पानी बहता है। इन नालों की मांग कई सालों से हो रही थी। अब जल्द ही समस्या से निजात मिलेगी।
वार्ड नंबर 21 के सभासद अनिल कुमार ने बताया कि उनके वार्ड में सबसे ज्यादा समस्या वन विभाग के पीछे की है। इस वार्ड की आबादी कई बार विरोध दर्ज करा चुकी है। घरों का पानी सीधे सड़कों पर आता है, कोई निकास नहीं है। खाली प्लाट साल भर पानी से भरे रहते हैं। पानी भरे रहने से सड़क भी खराब हो चुकी है। बारिश के समय में तो इस मोहल्ले में लोगों का निकलना भी दूभर हो जाता है। नाला बनने से गंदगी व बीमारी से निजात मिलेगी।
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सीवरेज योजना से नगर पालिका उरई को करीब ढाई करोड़ रुपये मिले हैं। इसमें वार्ड नंबर 20 के इंदिरा नगर कुइया रोड पर मंडी गेट, नंबर दो से एफसीआई गेट तक नाला बनेगा। क्योंकि इस नाले से बारिश के समय में सड़कों पर गंदा पानी बहता है, कोई निकासी न होने से कूड़े के ढेर भी आसपास लग जाते हैं। हालत यह होती है कि मंडी और एफसीआई गोदाम के अंदर तक पानी जाता है। करीब दो हजार लोगों को इससे परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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इसी तरह वार्ड नंबर 21 राजेंद्र नगर के वन विभाग के पीछे जलभराव की समस्या बनी हुई है। बिना बारिश के ही खाली प्लाटों और बारिश में गलियों में पानी भरा रहता है। हालत यह है कि इन सड़कों पर पानी भरा होने से आवागमन तक बंद हो जाता है। पानी निकासी की भी कोई व्यवस्था नहीं है। जलभराव से कई घरों में दरारें आ गई हैं। इसके साथ ही प्रत्येक घर के सामने पानी भरा रहता है। इस समस्या से करीब तीन हजार की आबादी प्रभावित है। शिकायत के बाद भी कोई समाधान नहीं हो रहा था।
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इसे देखते हुए पालिका ने इन दोनों मोहल्लों की समस्याओं का समाधान सीवरेज योजना से कराने के लिए शासन को ढाई करोड़ का प्रस्ताव भेजा था। जिसे अब मंजूरी मिल गई है। इन दोनों वार्डों में चार नालों का निर्माण होगा। इससे करीब दस हजार की आबादी को जलभराव व सीलन की समस्या से निजात मिल जाएगी।
लोगों ने इस समस्या के समाधान करने के लिए डीएम को भी शिकायती पत्र दिया था। इस पर डीएम ने नगर पालिका को इन समस्याओं को जल्द ही खत्म करने के निर्देश दिए थे। ईओ राम अचल कुरील ने बताया कि चार नालों के लिए बजट मिला है। कुछ धनराशि भी मिल गई है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया के बाद काम शुरू किया जाएगा।
सभासदों की बात-
वार्ड नंबर 20 के सभासद सुशील राजपूत ने बताया कि वार्ड में आधा दर्जन नालों की जरूरत है। पूरे नालों का निर्माण होने के बाद ही पूरी तरह से समस्या का समाधान हो सकता है। बजट मिलने से वार्ड की उस आबादी को राहत मिलेगी, जिन्हें गंदे पानी से होकर गुजरना होता था। क्योंकि नालियां तो बनी हैं। लेकिन पानी का निकास नहीं होने से सड़कों पर पानी बहता है। इन नालों की मांग कई सालों से हो रही थी। अब जल्द ही समस्या से निजात मिलेगी।
वार्ड नंबर 21 के सभासद अनिल कुमार ने बताया कि उनके वार्ड में सबसे ज्यादा समस्या वन विभाग के पीछे की है। इस वार्ड की आबादी कई बार विरोध दर्ज करा चुकी है। घरों का पानी सीधे सड़कों पर आता है, कोई निकास नहीं है। खाली प्लाट साल भर पानी से भरे रहते हैं। पानी भरे रहने से सड़क भी खराब हो चुकी है। बारिश के समय में तो इस मोहल्ले में लोगों का निकलना भी दूभर हो जाता है। नाला बनने से गंदगी व बीमारी से निजात मिलेगी।