दलितों की पिटाई के विरोध में धरना
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उरई (जालौन)। गुजरात में दलित युवकों की सरेआम पिटाई करके गाड़ी से बांधकर खींचने के मामले में गुरुवार को राजनीतिक दलों में आक्रोश दिखा। इसके विरोध में जहां एक ओर कांग्रेस ने अंबेडकर चौराहे पर धरना देकर अपना विरोध जताया वहीं दूसरी ओर भाकपा माले ने भी प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। अंबेडकर चौराहे पर धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष चौधरी श्याम सुंदर ने कहा कि गुजरात के ऊना शहर में चार दलित युवकों को अर्धनग्न कर लाठी-डंडों से पीटने के बाद उन्हें गाड़ी से बांधकर शहर में घुमाया गया। इस मामले में गुजरात की सरकार चुप है और आरोपियों की मदद कर रही है। यह दलित समाज का अपमान है। कांग्रेस इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। शहर उपाध्यक्ष गुलाब खान ने कहा कि गुजरात व केंद्र की बीजेपी सरकार दलित विरोधी है। इस पार्टी के नेता समय-समय पर दलितों के प्रति अपनी सोच प्रदर्शित करते रहते हैं। युवा नेता दीपांशु समाधिया ने कहा कि गुजरात में दलित युवकों के साथ यह सब होने के बाद भी वहां की सरकार चुप है और आरोपियों की मदद कर रही है।
देश को आजाद हुए 70 वर्ष हो चुके हैं। फिर भी गुजरात सरकार जाति के आधार पर समाज क ो बांटने वालों का सहयोग कर रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धरने के बाद कांग्रेसियों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा, जिसमें मांग की है कि गुजरात की बीजेपी सरकार को बर्खास्त किया जाए। इस दौरान डॉ. रेहान सिद्दीकी, केके गहोई, राजेश प्रजापति, वीरेंद्र दीक्षित, अनिल यादव, प्रमोद रिछारिया, छाया पालीवाल, कृष्णा देवी, अमित पांडेय, राजीव तिवारी, राजीव नारायण मिश्रा, राजेश मिश्रा, करन श्रीवास, अखिलेश चौधरी आदि मौजूद रहे। भाकपा माले ने भी सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। पार्टी के नेताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर गुजरात सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। इस दौरान जिला सचिव राजीव कुशवाहा ने कहा कि गुजरात में दलितों की पिटाई पर गुजरात की भाजपा सरकार को जवा देना चाहिए। इस दौरान हरीबाबू आजाद, उदित नारायण उपाध्याय, मुंसी खां, रामप्रकाश, चंद्रशेखर, मनमोहन, फूल सिंह मौजूद रहे।