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परदेसियों की आई भीड़, अतिरिक्त काउंटर खोला गया
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जिला अस्पताल में जांच कराने के बाद प्रमाण पत्र दिखाते बाहर से आए यात्री
- फोटो : ORAI
उरई (जालौन)। बाहर से लौटने वालों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को जिला अस्पताल में ही लगभग डेढ़ हजार बाहरी लोग आए। जिससे अफरातफरी सा माहौल रहा। जांच के लिए अस्पताल प्रशासन ने तत्काल एक और काउंटर खोला। तब लोगों की जांच हुई। जांच के बाद उन्हें प्रमाणपत्र देकर घर जाने को कहा गया। साथ ही हिदायत दी गई कि उन्हें 14 दिन का क्वारंटीन (पृथक) रहना होगा और इस दौरान लोगों से दूर रहेंगे।
आम दिनों में जिला अस्पताल में बाहरी लोगों की जांच के लिए आइसोलेशन वार्ड और इमरजेंसी वार्ड में स्टाफ की तैनाती की गई थी पर रविवार तड़के से ही लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। फिर रविवार रात से ही गोरखपुर, बाराबंकी, गाजियाबाद, नोएडा, मथुरा जैसे शहरों से करीब डेढ़ हजार लोगों की भीड़ अस्पताल पहुंचने लगी। इतनी बड़ी संख्या में लोगों को आया देखकर अस्पताल प्रशासन ने तत्काल तीसरे काउंटर को खोलकर लोगों की जांच शुरू की। सभी की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद उन्हें इस आशय का प्रमाणपत्र दिया गया कि उनकी जांच हो चुकी है। जिला अस्पताल के सीएमएस डा. एके सक्सेना का कहना है कि अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों के लिए एक रुपये वाला पर्चा शुल्क अग्रिम आदेशों तक समाप्त कर दिया गया है। सभी की जांच निशुल्क की जा रही है। इसके साथ उन्हें जांच कराने का प्रमाणपत्र भी दिया जा रहा है, ताकि वे गांव जाकर प्रधान व ग्रामीणों को दिखा सके। लेकिन एहतियातन उन्हें 14 दिन तक क्वांरटीन रहने को भी कहा जा रहा है।
रामपुरा में सात सौ लोगों की हुई जांच
रामपुरा। सीएचसी रामपुरा के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ अमित सिंह ने बताया कि सोमवार को रिकॉर्ड लगभग सात सैकड़ा बाहर से आए लोगों की जांच की गई। केंद्र पर आज चार सौ पचास लोगों की जांच की गई। इसके अलावा बाबूपुरा में 28, हुसेपुरा सुरई व आलमपुर में दस-दस, बहादुरपुर में 26, नावर में 15, कंजौसा में 54, मानपुरा में 18, छीना में 53, उदोतपुरा में 21, जगम्मनपुर में 21 लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई।
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बाहरी लोगों के लिए आशा वर्कर को किया अलर्ट
माधौगढ़। दिल्ली, गड़गांव, पुणे, मुंबई, गुजरात जैसे शहरों में प्राइवेट नौकरी, पानी पूरी आदि का धंधा करने वाले लॉकडाउन के चलते लगभग एक सैकड़ा लोग लौट आए हैं। जिससे गांवों के लोगों में भय व्याप्त हो गया है। गांवों में प्रधान, आशा, रोजगार सेवकों ने मोर्चा संभाल लिया है। आशा वर्कर ने बाहर से आए लोगों को सीएचसी में ले जाकर जांच कराई। सीएचसी चिकित्सा प्रभारी डा विनोद राजपूत, डा रामेंद्र पचौरी का कहना है कि अभी तक पांच सैकड़ा लोगों की जांच की जा चुकी है। कोरोना जैसे किसी में लक्षण नहीं है। फिर भी आशा से कह दिया गया है कि एक सप्ताह तक लोगों को विद्यालय में रखें।
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आम दिनों में जिला अस्पताल में बाहरी लोगों की जांच के लिए आइसोलेशन वार्ड और इमरजेंसी वार्ड में स्टाफ की तैनाती की गई थी पर रविवार तड़के से ही लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। फिर रविवार रात से ही गोरखपुर, बाराबंकी, गाजियाबाद, नोएडा, मथुरा जैसे शहरों से करीब डेढ़ हजार लोगों की भीड़ अस्पताल पहुंचने लगी। इतनी बड़ी संख्या में लोगों को आया देखकर अस्पताल प्रशासन ने तत्काल तीसरे काउंटर को खोलकर लोगों की जांच शुरू की। सभी की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद उन्हें इस आशय का प्रमाणपत्र दिया गया कि उनकी जांच हो चुकी है। जिला अस्पताल के सीएमएस डा. एके सक्सेना का कहना है कि अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों के लिए एक रुपये वाला पर्चा शुल्क अग्रिम आदेशों तक समाप्त कर दिया गया है। सभी की जांच निशुल्क की जा रही है। इसके साथ उन्हें जांच कराने का प्रमाणपत्र भी दिया जा रहा है, ताकि वे गांव जाकर प्रधान व ग्रामीणों को दिखा सके। लेकिन एहतियातन उन्हें 14 दिन तक क्वांरटीन रहने को भी कहा जा रहा है।
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रामपुरा में सात सौ लोगों की हुई जांच
रामपुरा। सीएचसी रामपुरा के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ अमित सिंह ने बताया कि सोमवार को रिकॉर्ड लगभग सात सैकड़ा बाहर से आए लोगों की जांच की गई। केंद्र पर आज चार सौ पचास लोगों की जांच की गई। इसके अलावा बाबूपुरा में 28, हुसेपुरा सुरई व आलमपुर में दस-दस, बहादुरपुर में 26, नावर में 15, कंजौसा में 54, मानपुरा में 18, छीना में 53, उदोतपुरा में 21, जगम्मनपुर में 21 लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई।
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बाहरी लोगों के लिए आशा वर्कर को किया अलर्ट
माधौगढ़। दिल्ली, गड़गांव, पुणे, मुंबई, गुजरात जैसे शहरों में प्राइवेट नौकरी, पानी पूरी आदि का धंधा करने वाले लॉकडाउन के चलते लगभग एक सैकड़ा लोग लौट आए हैं। जिससे गांवों के लोगों में भय व्याप्त हो गया है। गांवों में प्रधान, आशा, रोजगार सेवकों ने मोर्चा संभाल लिया है। आशा वर्कर ने बाहर से आए लोगों को सीएचसी में ले जाकर जांच कराई। सीएचसी चिकित्सा प्रभारी डा विनोद राजपूत, डा रामेंद्र पचौरी का कहना है कि अभी तक पांच सैकड़ा लोगों की जांच की जा चुकी है। कोरोना जैसे किसी में लक्षण नहीं है। फिर भी आशा से कह दिया गया है कि एक सप्ताह तक लोगों को विद्यालय में रखें।

जिला अस्पताल मे स्टाफ को निर्देश देते सीएमएस अजय सक्सेना- फोटो : ORAI