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प्रेम की सजा, बाप ने ही ली बेटी की जान
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Wed, 14 Dec 2016 11:06 PM IST
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पुलिस हिरासत में आरोपी पिता मोहर सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
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बीती 16 नवंबर को बंगरा नहर में मिले युवती के शव की पहचान हो गई है। वह नदीगांव थाना के गांव अखनीवा की रहने वाली थी और पिता व दादा ने उसकी हत्या कर शव को नदी में फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस उसके दादा की तलाश कर रही है। माधौगढ़ सीओ नवीन नायक ने बताया कि नदीगांव थाना क्षेत्र के
गांव अखनीवा निवासी शिल्पी (20) पुत्री मोहर सिंह की बीती 15 नवंबर को गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। उसका शव नहर में फें क दिया गया था। 16 नवंबर को बंगरा व अहेता गांव के बीच उसका शव नहर में ग्रामीणाें ने देखा तो पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। मृतका के हाथ पर शिल्पी लिखा था।
इसी आधार पर थानाध्यक्ष अशोक कुमार उपाघ्याय ने मामले की जांच शुरू की तो पता चला कि अखनीवा की शिल्पी लापता है। पुलिस उसके घर गई और फोटो दिखाई तो पिता मोहर सिंह ने पहचानने से इंकार कर दिया। इस पर पुलिस ने ग्रामीणाें को फोटो दिखाई तो उन्होंने पहचान की। इससे पुलिस का शक परिजनाें पर गहरा गया और मामले की जांच को
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आनर किलिंग की तरफ मोड़ दिया गया। साक्ष्य संकलन करने के बाद बुधवार को पुलिस ने आरोपी पिता मोहर सिंह को दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि शिल्पी का प्रेम संबंध पड़ोस में ही रहने वाले युवक से था। उसने कई बार मना किया लेकिन वह नहीं मानी। इस पर उसने अपने पिता
बाबूराम के साथ मिलकर उसकी गला घोटकर हत्या कर दी और शव को नहर में बहा दिया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्जकर जेल भेज दिया। हत्यारोपी दादा अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश की बात कह रही है।
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गांव अखनीवा निवासी शिल्पी (20) पुत्री मोहर सिंह की बीती 15 नवंबर को गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। उसका शव नहर में फें क दिया गया था। 16 नवंबर को बंगरा व अहेता गांव के बीच उसका शव नहर में ग्रामीणाें ने देखा तो पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। मृतका के हाथ पर शिल्पी लिखा था।
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इसी आधार पर थानाध्यक्ष अशोक कुमार उपाघ्याय ने मामले की जांच शुरू की तो पता चला कि अखनीवा की शिल्पी लापता है। पुलिस उसके घर गई और फोटो दिखाई तो पिता मोहर सिंह ने पहचानने से इंकार कर दिया। इस पर पुलिस ने ग्रामीणाें को फोटो दिखाई तो उन्होंने पहचान की। इससे पुलिस का शक परिजनाें पर गहरा गया और मामले की जांच को
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आनर किलिंग की तरफ मोड़ दिया गया। साक्ष्य संकलन करने के बाद बुधवार को पुलिस ने आरोपी पिता मोहर सिंह को दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि शिल्पी का प्रेम संबंध पड़ोस में ही रहने वाले युवक से था। उसने कई बार मना किया लेकिन वह नहीं मानी। इस पर उसने अपने पिता
बाबूराम के साथ मिलकर उसकी गला घोटकर हत्या कर दी और शव को नहर में बहा दिया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्जकर जेल भेज दिया। हत्यारोपी दादा अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश की बात कह रही है।