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गोदाम में पीटने से हुई थी मामा-भांजे की मौत
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उरई। शहर कोतवाली क्षेत्र में मामा-भांजे की हत्या के मामले कुछ और आरोपियों के नाम भी सामने आ सकते हैं। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने अपनी तहरीर में कुछ और नाम पुलिस को दिए थे, जिनको पुलिस ने एफआईआर में शामिल ही नहीं किया है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि यदि कोई और भी वारदात में शामिल होगा तो उसे भी पकड़ा जाएगा। इधर पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को पूरी घटना बताई। मामा-भांजे को गोदाम में पीटा भी गया था।
बता दें शहर निवासी रशीद और उसका मामा नसीम बीती 29 अप्रैल से लापता थे। दोनों के शव मंगलवार की सुबह सिरसाकलार के जंगल मे जले हुए मिले थे। पुलिस ने दोनों की हत्या के मामले में उनके दूर के रिश्तेदार रफीक समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था। पूछताछ में आरोपी रफीक ने बताया उसने अपने साथियों के साथ मिलकर मिल गोदाम में दोनों मामा-भांजे की पिटाई की।
इसी दौरान दोनों की मौत हो गई। इस शवों को ठिकाने लगाने के लिए उन्हें जंगल तक ले गए थे। दोनों के शव इस कदर जले हुए है कि उनकी पहचान करना भी मुश्किल हो रहा था। नसीम और रशीद की मौत से उनके परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। रशीद की मां भूरी तो बार बार बेटे का नाम लेकर बेहोश हो रही थी। पिता बसीर का कहना है कि यदि कोतवाली पुलिस साथ देती तो उनके बच्चे यूं न मारे जाते। अधिकारियों का कहना है कि यदि पुलिस की गलती साबित हुई कार्रवाई भी होना तय है। कोतवाली पुलिस के मुताबिक अभी दोनों की पीएम रिपोर्ट भी नहीं देखी गई है। सूत्रानुसार पुलिस डीएनए जांच पर भी विचार कर सकती है।
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बता दें शहर निवासी रशीद और उसका मामा नसीम बीती 29 अप्रैल से लापता थे। दोनों के शव मंगलवार की सुबह सिरसाकलार के जंगल मे जले हुए मिले थे। पुलिस ने दोनों की हत्या के मामले में उनके दूर के रिश्तेदार रफीक समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था। पूछताछ में आरोपी रफीक ने बताया उसने अपने साथियों के साथ मिलकर मिल गोदाम में दोनों मामा-भांजे की पिटाई की।
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इसी दौरान दोनों की मौत हो गई। इस शवों को ठिकाने लगाने के लिए उन्हें जंगल तक ले गए थे। दोनों के शव इस कदर जले हुए है कि उनकी पहचान करना भी मुश्किल हो रहा था। नसीम और रशीद की मौत से उनके परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। रशीद की मां भूरी तो बार बार बेटे का नाम लेकर बेहोश हो रही थी। पिता बसीर का कहना है कि यदि कोतवाली पुलिस साथ देती तो उनके बच्चे यूं न मारे जाते। अधिकारियों का कहना है कि यदि पुलिस की गलती साबित हुई कार्रवाई भी होना तय है। कोतवाली पुलिस के मुताबिक अभी दोनों की पीएम रिपोर्ट भी नहीं देखी गई है। सूत्रानुसार पुलिस डीएनए जांच पर भी विचार कर सकती है।
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