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फसलों के नुकसान पर शासन गंभीर, पहुंचे अफसर
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कदौरा। क्षेत्र में अन्ना के आतंक व किसानों की समस्या को लेकर अमर उजाला ने प्रकाशित खबरों के बाद प्रशासनिक अफसरों की नींद टूटी। यह पहली बार है जब किसी क्षेत्र में नुकसान के बाद प्रशासनिक अफसरों की टीम गांव पहुंची और नुकसान उठाने वाले किसानों को जल्द ही मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।
जिले की अलग-अलग तहसीलों में अन्ना जानवरों ने कई एकड़ की फसल को नष्ट कर दिया है, लेकिन फसल नष्ट होने के बाद न तो किसानों की किसी ने समस्या सुनी और न उनका दर्द बाटा। यहां तक कि प्रशासनिक अधिकारियों क्षेत्रों का निरीक्षण करना भी उचित नहीं समझा, लेकिन कदौरा क्षेत्र के ग्राम चतेला में सोमवार को 27 व मंगलवार को 15 बीघा की मटर व चने की फसल नष्ट होने के मामले को अमर उजाला ने 12 व 13 नवंबर के अंक में जहां इन किसानों के दर्द को मुद्दा बनाया तो वहीं गांव में स्थिति अधूरी गोशालाओं की स्थिति को भी दर्शाया। मामले को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी ने सर्वे के निर्देश मिले। जिसके बाद एडीओ मनोज गुप्ता न सिर्फ खेतों पर पहुंचकर नुकसान का सर्वे किया, बल्कि चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी और उन्हें जल्द मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।
गांव में पिटवाई डुगडुगी, दी चेतावनी बैठक व कार्रवाई के बाद एडीओ ने गांव में डुगडुगी पिटवाकर पशुपालकों को चेतावनी दी कि वह अपने पालतू जानवरों का अन्ना न छोड़े, अन्यथा की स्थिति में उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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विद्यालय में आयोजित चौपाल के दौरान कई ग्रामीणों ने गांव में अधूरी पड़ी गोशाला के मुद्दे को भी उठाया। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में अस्थाई गोशाला के नाम पर कीचड़ व गंदगी की जगह पड़ी है। छह माह बीतने के बाद भी उसमें न तो गेट लगवाया गया और न ही छाया पानी के इंतजाम किए गए। इस मामले पर अधिकारियों ने चुप्पी साध ली। अब ग्रामीणों को समझ में नहीं आ रहा कि रबी की फसल खत्म होने तक गोशाला का निर्माण हो पाएगा या नहीं।
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जिले की अलग-अलग तहसीलों में अन्ना जानवरों ने कई एकड़ की फसल को नष्ट कर दिया है, लेकिन फसल नष्ट होने के बाद न तो किसानों की किसी ने समस्या सुनी और न उनका दर्द बाटा। यहां तक कि प्रशासनिक अधिकारियों क्षेत्रों का निरीक्षण करना भी उचित नहीं समझा, लेकिन कदौरा क्षेत्र के ग्राम चतेला में सोमवार को 27 व मंगलवार को 15 बीघा की मटर व चने की फसल नष्ट होने के मामले को अमर उजाला ने 12 व 13 नवंबर के अंक में जहां इन किसानों के दर्द को मुद्दा बनाया तो वहीं गांव में स्थिति अधूरी गोशालाओं की स्थिति को भी दर्शाया। मामले को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी ने सर्वे के निर्देश मिले। जिसके बाद एडीओ मनोज गुप्ता न सिर्फ खेतों पर पहुंचकर नुकसान का सर्वे किया, बल्कि चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी और उन्हें जल्द मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।
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गांव में पिटवाई डुगडुगी, दी चेतावनी बैठक व कार्रवाई के बाद एडीओ ने गांव में डुगडुगी पिटवाकर पशुपालकों को चेतावनी दी कि वह अपने पालतू जानवरों का अन्ना न छोड़े, अन्यथा की स्थिति में उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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विद्यालय में आयोजित चौपाल के दौरान कई ग्रामीणों ने गांव में अधूरी पड़ी गोशाला के मुद्दे को भी उठाया। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में अस्थाई गोशाला के नाम पर कीचड़ व गंदगी की जगह पड़ी है। छह माह बीतने के बाद भी उसमें न तो गेट लगवाया गया और न ही छाया पानी के इंतजाम किए गए। इस मामले पर अधिकारियों ने चुप्पी साध ली। अब ग्रामीणों को समझ में नहीं आ रहा कि रबी की फसल खत्म होने तक गोशाला का निर्माण हो पाएगा या नहीं।