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तालाब में डूबने से बच्चे की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Fri, 18 Nov 2016 10:51 PM IST
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तालाब में डूबने से बच्चे की मौत पर रोते बिलखते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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मां के कहने पर तालाब में कूड़ा फेंकने गए तीन वर्षीय बालक का पैर फिसलने से वह तालाब में चला गया। इससे डूबने से उसकी मौत हो र्गई। बालक की मौत से गांव में गम का माहौल हुआ। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सुढ़ार निवासी अजय रजक ने बताया कि शुक्रवार की सुबह वह घर से खेत पर चला गया था। घर पर उसकी पत्नी व तीन वर्षीय पुत्र रिषु अकेला था। दोपहर
में उसकी पत्नी ने घर का कूड़ा पुत्र से घर के सामने स्थित तालाब में फेंकने के लिए कहा था। उसका बेटा कूड़ा लेकर तालाब में फेंकने के लिए चला गया। काफ ी देर तक जब वह लौट कर नहीं आया तो उसकी खोजबीन की गई। इसके बाद भी जब रिषु का कुछ पता नहीं चला तब कुछ लोगों ने तालाब में घुसकर उसकी खोजबीन की। जिसमें तालाब में जमी काई के
नीचे उसका शव दिखाई दिया। इसके बाद जैसे ही उसके शव को बाहर निकाला गया, तो मोहल्ले में कोहराम मच गया। इसकी खबर जैसे ही गांववालों को हुई तो पूरा गांव शोक की लहर
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में डूब गया। माना जा रहा है कि कूड़ा फेंकते समय बच्चे का पैर फिसल गया होगा और वह तालाब की गहराई में चला गया। उस समय आसपास किसी के न होने से घटना का पता नहीं चल सका और उसकी डूबने से मौत हो गई।
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में उसकी पत्नी ने घर का कूड़ा पुत्र से घर के सामने स्थित तालाब में फेंकने के लिए कहा था। उसका बेटा कूड़ा लेकर तालाब में फेंकने के लिए चला गया। काफ ी देर तक जब वह लौट कर नहीं आया तो उसकी खोजबीन की गई। इसके बाद भी जब रिषु का कुछ पता नहीं चला तब कुछ लोगों ने तालाब में घुसकर उसकी खोजबीन की। जिसमें तालाब में जमी काई के
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नीचे उसका शव दिखाई दिया। इसके बाद जैसे ही उसके शव को बाहर निकाला गया, तो मोहल्ले में कोहराम मच गया। इसकी खबर जैसे ही गांववालों को हुई तो पूरा गांव शोक की लहर
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में डूब गया। माना जा रहा है कि कूड़ा फेंकते समय बच्चे का पैर फिसल गया होगा और वह तालाब की गहराई में चला गया। उस समय आसपास किसी के न होने से घटना का पता नहीं चल सका और उसकी डूबने से मौत हो गई।