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दूर तक पसरी रही धुंध की चादर
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Wed, 07 Dec 2016 10:45 PM IST
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कड़ाके की ठंड में डकोर स्थित प्राइमरी स्कूल में बैठे बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला
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करीब तीन दिन बाद कोहरे और गलन का दौर एक बार फिर शुरू हो गया है। मंगलवार देर रात से ही धुंध जिले के लगभग सभी हिस्सों में पसरती दिखाई दी। इसके चलते लोगों को खासी दिक्कतें हुईं। खासकर वे किसान जो खेतों में अपनी फसल की रखवाली कर रहे हैं, ठंड से कांप उठे। बुधवार सुबह भी जनजीवन अस्तव्यस्त दिखा। सुबह घना कोहरा रहने से विजिबिलिटी
दस मीटर के आसपास रही। इससे सड़कों पर गाड़ियां रेंगती हुई दिखाई दीं। इस दौरान तापमान में करीब तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। गौरतलब है कि सर्दियां शुरू होते ही कोहरे का कहर चालू हो गया है। एक से तीन दिसंबर तक घने कोहरे के चलते यहां कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। वहीं, तीन दिन तक मौसम सामान्य रहने के बाद बुधवार को एक बार फिर
खराब हो गया। इस दौरान सुबह से ही धुंध छाई रही। लोगाें की दिनचर्या देर से शुरू हुई। स्कूली बच्चों को सुबह स्कूल जाने में परेशानी पेश आई। वहीं, विजिबिलिटी कम होने से सड़कों पर गाड़ियां रेंगती दिखीं। हाईवे पर भी धुंध के चलते गाड़ियों की रफ्तार थमी रही। उधर, रेल सेवाएं भी बाधित हुईं। कुल मिलाकर आम जिंदगी पटरी से उतरी दिखाई दी।
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अब तक नहीं हुई अलाव की व्यवस्था
ठंड के बावजूद अब तक जालौन की किसी भी नगर पालिका की ओर से अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। चाहे वह जालौन हो, कोंच हो, कालपी हो या फिर उरई। लोगों को अपने निजी संसाधनों से अलाव जलाना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी उन किसानों को हो रही है जो रात भर खेतों में अपने फसल की रखवाली कर रहे हैं। इस दौरान आग ही उनके लिए एक मात्र सहारा है जिसके लिए उन्हें पुआल आदि की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
सराय की व्यवस्था भी गड़बड़
उरई के बजरिया में स्थित सराय में व्यवस्थाएं पटरी से उतरी हुई हैं। न तो यहां कंबल उपलब्ध है और न ही बिस्तर। इसके चलते ठंड के समय लोगों को यहां रुकने में काफी दिक्कत आ रही हैं। वहीं, जिला प्रशासन की ओर से अब तक इस सराय को नगर पालिका को हैंडओवर तक नहीं कराया गया है। विधायक निधि से बनाए गए इस सराय को एक स्वयंसेवी संस्था को सौंप दिया गया है। जबकि स्थानीय लोगों के अनुसार यह स्वयं सेवी संस्था केवल कागजों पर यहां की व्यवस्था दुरुस्त होने का दावा करती है।
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दस मीटर के आसपास रही। इससे सड़कों पर गाड़ियां रेंगती हुई दिखाई दीं। इस दौरान तापमान में करीब तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। गौरतलब है कि सर्दियां शुरू होते ही कोहरे का कहर चालू हो गया है। एक से तीन दिसंबर तक घने कोहरे के चलते यहां कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। वहीं, तीन दिन तक मौसम सामान्य रहने के बाद बुधवार को एक बार फिर
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खराब हो गया। इस दौरान सुबह से ही धुंध छाई रही। लोगाें की दिनचर्या देर से शुरू हुई। स्कूली बच्चों को सुबह स्कूल जाने में परेशानी पेश आई। वहीं, विजिबिलिटी कम होने से सड़कों पर गाड़ियां रेंगती दिखीं। हाईवे पर भी धुंध के चलते गाड़ियों की रफ्तार थमी रही। उधर, रेल सेवाएं भी बाधित हुईं। कुल मिलाकर आम जिंदगी पटरी से उतरी दिखाई दी।
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अब तक नहीं हुई अलाव की व्यवस्था
ठंड के बावजूद अब तक जालौन की किसी भी नगर पालिका की ओर से अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। चाहे वह जालौन हो, कोंच हो, कालपी हो या फिर उरई। लोगों को अपने निजी संसाधनों से अलाव जलाना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी उन किसानों को हो रही है जो रात भर खेतों में अपने फसल की रखवाली कर रहे हैं। इस दौरान आग ही उनके लिए एक मात्र सहारा है जिसके लिए उन्हें पुआल आदि की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
सराय की व्यवस्था भी गड़बड़
उरई के बजरिया में स्थित सराय में व्यवस्थाएं पटरी से उतरी हुई हैं। न तो यहां कंबल उपलब्ध है और न ही बिस्तर। इसके चलते ठंड के समय लोगों को यहां रुकने में काफी दिक्कत आ रही हैं। वहीं, जिला प्रशासन की ओर से अब तक इस सराय को नगर पालिका को हैंडओवर तक नहीं कराया गया है। विधायक निधि से बनाए गए इस सराय को एक स्वयंसेवी संस्था को सौंप दिया गया है। जबकि स्थानीय लोगों के अनुसार यह स्वयं सेवी संस्था केवल कागजों पर यहां की व्यवस्था दुरुस्त होने का दावा करती है।