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आए दिन टूटकर गिरते जर्जर तार
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सरावन। कस्बा सरावन में 33 केवी के जर्जर तारों से बाशिंदे परेशान हैं। स्थिति यह है कि आए दिन जर्जर तार टूटकर गिरते हैं, जिससे जहां सप्लाई बाधित होती है वहीं लोगों को जान माल का खतरा बना रहता है।
कस्बा सरावन में हाईटेंशन लाइन के तार इतने ढीले और जर्जर हैं कि भीषण गर्मी आए दिन टूटते हैं, जिस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि जर्जर तार दिन मेंकई बार टूटते हैं। जिससे कस्बा सहित कई निजी नलकूपों की बिजली आपूर्ति भी ठप हो जाती है जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लाइनमैनों ने नाम न छापने की शर्त बताया कि बिजली विभाग के पास तार जोड़ने के लिए सीढ़ी तक नहीं है। खंभे के सहारे जर्जर तारों पर चढ़कर बिजली तार ठीक करने पड़ते हैं। जिससे ऊपर से गिरने का खतरा बना रहता है। कई बार अधिकारियों को जानकारी दे चुके हैं, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। ग्रामीण उपभोक्ता राजकुमार सिंह परिहार, दयानिधि पांडे, मनीष नायक, कमला पत कुशवाहा, योगेंद्र कुशवाहा, देवेंद्र सिंह, अनिल याज्ञिक आदि ग्रामीण उपभोक्ताओं का कहना कि रात में तार टूटने पर पूरी रात बिजली की आंखमिचौनी होती है। उपभोक्ताओं का कहना है कि जल्द जर्जर तार नहीं बदले गए तो आंदोलन करेंगे।
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कस्बा सरावन में हाईटेंशन लाइन के तार इतने ढीले और जर्जर हैं कि भीषण गर्मी आए दिन टूटते हैं, जिस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि जर्जर तार दिन मेंकई बार टूटते हैं। जिससे कस्बा सहित कई निजी नलकूपों की बिजली आपूर्ति भी ठप हो जाती है जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लाइनमैनों ने नाम न छापने की शर्त बताया कि बिजली विभाग के पास तार जोड़ने के लिए सीढ़ी तक नहीं है। खंभे के सहारे जर्जर तारों पर चढ़कर बिजली तार ठीक करने पड़ते हैं। जिससे ऊपर से गिरने का खतरा बना रहता है। कई बार अधिकारियों को जानकारी दे चुके हैं, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। ग्रामीण उपभोक्ता राजकुमार सिंह परिहार, दयानिधि पांडे, मनीष नायक, कमला पत कुशवाहा, योगेंद्र कुशवाहा, देवेंद्र सिंह, अनिल याज्ञिक आदि ग्रामीण उपभोक्ताओं का कहना कि रात में तार टूटने पर पूरी रात बिजली की आंखमिचौनी होती है। उपभोक्ताओं का कहना है कि जल्द जर्जर तार नहीं बदले गए तो आंदोलन करेंगे।
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