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बैंकों में कैश नहीं मिलने पर टूटा सब्र
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Mon, 05 Dec 2016 11:16 PM IST
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विकास भवन स्थित इलाहाबाद बैंक में लगी ग्राहकों की भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
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रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को खुले बैंकों व डाकघरों में खातों में पैसा जमा करने व निकासी के लिए लोगों की लंबी लाइनें लगी रहीं। एटीएमों पर भी देर रात तक लाइनें लगी रहीं। पेंशन व वेतन पूरा पैसा बैंक शाखाओं से न मिल पाने से कर्मचारियों व पेंशनरों के चेहरों पर आक्रोश दिखाई दिया। लोगों ने इस दौरान बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी भी की। सोमवार
को खुले बैंकों में भारी भीड़ उमड़ी। लंबी लाइनों में लगकर धक्का खाते खाते काउंटर पर पहुंचे लोगों को सिर्फ पांच हजार रुपये ही मिल पाने से काफी हताशा हुई और लोग लाइनों में लगे बैंकों को कोसते हुए देखे गए। एटीएमों पर सुबह से देर रात तक लंबी लाइनें लगी रहीं। दोपहर 12 बजे विकास भवन इलाहाबाद बैंक के बाहर महिलाओं व पुरुषों की लंबी लाइन लगी थी।
बैक शाखा का मुख्य द्वार का चैनल सिर्फ इतना खुला था कि एक आदमी ही प्रवेश कर पाए। वहीं, महिलाओं की लाइन भी आगे बढ़ रही थी। पुुरुष भी अंदर जाने के लिए चैनल गेट पर थे। अंदर से काम निपटाकर बाहर आ रहे लोगों को निकलना भी उसी जगह से हो रहा था। इस दौरान लोग बैंक की इस व्यवस्था व कम कैश देने से भड़क गए। थोड़ी ही देर में लोग बैंक
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प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस पर बैंक प्रबंधकों व कर्मचारियों ने लोगों को समझाया व कैश कम होने की बात कहकर उन्हें किसी तरह शांत कराया।
पेंशन के नहीं मिल रहे पूरे पैसे
पंचायत विभाग से रिटायर्ड कर्मचारी रघुनाथ प्रसाद ने बताया कि नोटबंदी के बाद से बैंकों द्वारा पेंशन के पैसे पूरे नही दिए जा रहे जबकि लाइन में घंटों लगे रहकर भी अपने घर की जरूरतें पूरी नहीं कर पा रहे है। श्याम किशोर ने बताया कि वेतन का पैसा निकालने आए थे। सुबह से दोपहर तक लाइन में लगे रहे। पर सिर्फ पांच हजार रुपये ही मिल पाया है।
महिलाओं की लाइन में लगी पेंशनर पान कुंअर ने बताया कि बैंक शाखा पांच हजार रुपये से ज्यादा नहीं दे रही है। बार-बार कैसे पैसा निकालने आएं। अतीक ने बताया कि बच्चे की स्कूल फीस 5400 रुपये जमा करना हैं। लाइन में घंटों लगे रहने के बाद भी सिर्फ पांच हजार ही मिल पाए हैं।
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को खुले बैंकों में भारी भीड़ उमड़ी। लंबी लाइनों में लगकर धक्का खाते खाते काउंटर पर पहुंचे लोगों को सिर्फ पांच हजार रुपये ही मिल पाने से काफी हताशा हुई और लोग लाइनों में लगे बैंकों को कोसते हुए देखे गए। एटीएमों पर सुबह से देर रात तक लंबी लाइनें लगी रहीं। दोपहर 12 बजे विकास भवन इलाहाबाद बैंक के बाहर महिलाओं व पुरुषों की लंबी लाइन लगी थी।
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बैक शाखा का मुख्य द्वार का चैनल सिर्फ इतना खुला था कि एक आदमी ही प्रवेश कर पाए। वहीं, महिलाओं की लाइन भी आगे बढ़ रही थी। पुुरुष भी अंदर जाने के लिए चैनल गेट पर थे। अंदर से काम निपटाकर बाहर आ रहे लोगों को निकलना भी उसी जगह से हो रहा था। इस दौरान लोग बैंक की इस व्यवस्था व कम कैश देने से भड़क गए। थोड़ी ही देर में लोग बैंक
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प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस पर बैंक प्रबंधकों व कर्मचारियों ने लोगों को समझाया व कैश कम होने की बात कहकर उन्हें किसी तरह शांत कराया।
पेंशन के नहीं मिल रहे पूरे पैसे
पंचायत विभाग से रिटायर्ड कर्मचारी रघुनाथ प्रसाद ने बताया कि नोटबंदी के बाद से बैंकों द्वारा पेंशन के पैसे पूरे नही दिए जा रहे जबकि लाइन में घंटों लगे रहकर भी अपने घर की जरूरतें पूरी नहीं कर पा रहे है। श्याम किशोर ने बताया कि वेतन का पैसा निकालने आए थे। सुबह से दोपहर तक लाइन में लगे रहे। पर सिर्फ पांच हजार रुपये ही मिल पाया है।
महिलाओं की लाइन में लगी पेंशनर पान कुंअर ने बताया कि बैंक शाखा पांच हजार रुपये से ज्यादा नहीं दे रही है। बार-बार कैसे पैसा निकालने आएं। अतीक ने बताया कि बच्चे की स्कूल फीस 5400 रुपये जमा करना हैं। लाइन में घंटों लगे रहने के बाद भी सिर्फ पांच हजार ही मिल पाए हैं।