काले बादल देख किसान परेशान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुहम्दाबाद (जालौन) । बुधवार को सुबह आसमान में बदली छाने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें नजर आने लगीं। इस पर किसानों ने खेत में कटी दलहन की फसलों को समेटने का काम तेज कर दिया। किसानों का कहना है कि यदि बारिश हुई तो उनकी पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी। बुधवार को सुबह लगभग 8 बजे से ही आसमान पर बादल छा गए। ऐसा लगा कि मानो बस बारिश होने वाली ही है। कुछ क्षणों बाद बारिश की फुहार पड़नी शुरू हो गई। इससे किसानों के पसीने छूटने लगे। वे सपरिवार खेतों पर पहुंचकर मटर, मसूर, लाही और चने की कटी फसलों को समेटने के काम में जुट गए। वहीं कुछ खेतों में चना की फसल भी तैयार होने को है। ऐसे में काले बादलों को देख किसान परेशान हो गए। उन्हें डर लगने लगा कि न जाने कब मौसम बदल जाए और तैयार फसल बर्बाद हो जाए। कुसमिलिया, ऐरी, रामपुरा, डकोर, मुहाना, मुहम्दाबाद, वोहदपुरा, चिल्ली, कुकरगांव आदि के किसानों ने मजदूर लगाकर भी फसलों को समेटने का काम शुरू कर दिया। किसानों के मुताबिक यदि तेज बारिश हुई तो उनकी मेहनत पर भी पानी फिर जागा।
किसान शांति स्वरूप राठौर, देवेंद्र कुमार, बालस्वरूप राजपूत, उम्मेद अली, पूरन बाबा, बीर सिंह, आदि किसानों का कहना है कि पूर्व में हुई बारिश से किसानों की फसलों को काफी क्षति पहुंची थी। यदि आज कल में बारिश हो गई तो किसान बर्बाद हो जाएगा। किसानों ने अपनी कटी पड़ी फसल की मढ़ाई के कार्य तेज कर दिए हैं। बृजेश राजपूत, ओंकार सिंह के मुताबिक कई किसानों ने कर्ज लेकर खेती की है और कई किसानों के घरों में शादी बारात भी है। इसलिए बुधवार की रात भर लगकर किसान जैसे तैसे अपनी फसलों को खेत से हटाने के काम जुटा रहेगा। मौसम विशेषज्ञ का कहना है कि फिलहाल तेज बारिश के कोई आसार नहीं हैं. फिर भी बूंदाबांदी की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। इसलिए किसानों को सतर्कता तो बरतनी ही चाहिए।