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बेतवा के जलस्तर ने किसानों की मेहनत पर पानी फेरा
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महिला किसान दिलासादेवी
- फोटो : ORAI
मुहम्मदाबाद (जालौन)। बेतवा में अचानक जल स्तर बढ़ने का खामियाजा नदी किनारे सब्जी बोने वाले किसानों को भुगतना पड़ रहा है। किसान की सब्जी की फसलें जलमग्न हो गई है। जिससे उन्हें काफी नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि नदी का जल स्तर कैसे बढ़ा यह तो उन्हें नहीं पता लेकिन इतना जरूर है कि उनके इस नुकसान की भरपाई करने को कोई अधिकारी झांकने तक नहीं आया है।
डकोर विकास खंड क्षेत्र के ग्राम मुहाना, मकरेछा, सिमिरिया, गुढ़ा, बंधौली आदि गांव जो कि बेतवा किनारे पर स्थित है, यहां के किसानों ने हर बार की तरह इस बार भी लाखों की लागत से सब्जियों से खेती की थी लेकिन दो दिन से बेतवा नदी के बढ़ रहे जलस्तर ने उनकी मेहनत पर मानो फेर दिया है। किसानों की आधी से अधिक फसलें जलमग्न हो गई हैं। पीड़ित किसानों के मुताबिक कद्दू, लौकी, भिंडी, प्याज, करेला, तरोई, खरबूज, तरबूज आदि सभी फसलें जलमग्न हो गईं हैं। पानी है कि कम होने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार बाढ़ या सूखे से प्रभावित किसानों के लिए आर्थिक सहायता की व्यवस्था तो करती है पर बिन बाढ़ के तबाह हुए इन किसानों के आंसू कौन पोंछेगा।
कुंज बिहारी की तीन बीघा, कल्लू लोधी का पांच बीघा, प्रमोद ढीमर की तीन बीघा, पिर्रा ढीमर की दो बीघा, रणधीर की चार बीघा, रामकुमार की दो बीघा, सुदामा प्रसाद और ख्याली प्रसाद की दो-दो बीघा सब्जी की फसलें जलमग्न हो गई हैं। बताते चलें कि डकोर क्षेत्र की सब्जियां हमीरपुर, राठ, कानपुर देहात और झांसी तक भेजी जाती है। किसानों का कहना है कि नुकसान होने से इस पर कम उत्पादन से बिक्री भी प्रभावित होगी। अधियांत्रिक कर्ता बेतवा खंड, हीरा सिंह ने कहा कि डकोर क्षेत्र से लगी झांसी क्षेत्र से आने वाली बेतवा में हो सकता है कि रजबहों व नहरों का ओवरफ्लो पानी आकर शामिल हो गया हो। जिससे नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। दो दिन पूर्व बेतवा का जलस्तर 108.23 था फिलहाल जलस्तर 110.78 मीटर पर पहुंच गया है। जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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किसानों की लाखों की फसलें बर्बाद
किसान कल्लू लोधी ने बताया कि उनके साथ तीन चार और किसानों ने मिलकर करीब एक से दो लाख रुपये की लागत लगाकर सब्जियों व फलों की पौध लगाई थी। मगर बेतवा में दो दिन से बढ़े जलस्तर ने उन्हें पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। समझ नहीं आ रहा है कि क्या करें।
कैसे चलेगा परिवार, सता रही चिंता
किसान दिलासा देवी का कहना है कि इतनी बर्बादी के बाद भी अब तक कोई अधिकारी झांकने नहीं आया है। कुछ किसानों ने तो इधर उधर से कर्ज लेकर सब्जी बोई थी। अब कैसे गुजारा होगा, किसकी मदद मिलेगी और परिवार का क्या होगा। सोचकर ही परेशान हैं।
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डकोर विकास खंड क्षेत्र के ग्राम मुहाना, मकरेछा, सिमिरिया, गुढ़ा, बंधौली आदि गांव जो कि बेतवा किनारे पर स्थित है, यहां के किसानों ने हर बार की तरह इस बार भी लाखों की लागत से सब्जियों से खेती की थी लेकिन दो दिन से बेतवा नदी के बढ़ रहे जलस्तर ने उनकी मेहनत पर मानो फेर दिया है। किसानों की आधी से अधिक फसलें जलमग्न हो गई हैं। पीड़ित किसानों के मुताबिक कद्दू, लौकी, भिंडी, प्याज, करेला, तरोई, खरबूज, तरबूज आदि सभी फसलें जलमग्न हो गईं हैं। पानी है कि कम होने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार बाढ़ या सूखे से प्रभावित किसानों के लिए आर्थिक सहायता की व्यवस्था तो करती है पर बिन बाढ़ के तबाह हुए इन किसानों के आंसू कौन पोंछेगा।
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कुंज बिहारी की तीन बीघा, कल्लू लोधी का पांच बीघा, प्रमोद ढीमर की तीन बीघा, पिर्रा ढीमर की दो बीघा, रणधीर की चार बीघा, रामकुमार की दो बीघा, सुदामा प्रसाद और ख्याली प्रसाद की दो-दो बीघा सब्जी की फसलें जलमग्न हो गई हैं। बताते चलें कि डकोर क्षेत्र की सब्जियां हमीरपुर, राठ, कानपुर देहात और झांसी तक भेजी जाती है। किसानों का कहना है कि नुकसान होने से इस पर कम उत्पादन से बिक्री भी प्रभावित होगी। अधियांत्रिक कर्ता बेतवा खंड, हीरा सिंह ने कहा कि डकोर क्षेत्र से लगी झांसी क्षेत्र से आने वाली बेतवा में हो सकता है कि रजबहों व नहरों का ओवरफ्लो पानी आकर शामिल हो गया हो। जिससे नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। दो दिन पूर्व बेतवा का जलस्तर 108.23 था फिलहाल जलस्तर 110.78 मीटर पर पहुंच गया है। जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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किसानों की लाखों की फसलें बर्बाद
किसान कल्लू लोधी ने बताया कि उनके साथ तीन चार और किसानों ने मिलकर करीब एक से दो लाख रुपये की लागत लगाकर सब्जियों व फलों की पौध लगाई थी। मगर बेतवा में दो दिन से बढ़े जलस्तर ने उन्हें पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। समझ नहीं आ रहा है कि क्या करें।
कैसे चलेगा परिवार, सता रही चिंता
किसान दिलासा देवी का कहना है कि इतनी बर्बादी के बाद भी अब तक कोई अधिकारी झांकने नहीं आया है। कुछ किसानों ने तो इधर उधर से कर्ज लेकर सब्जी बोई थी। अब कैसे गुजारा होगा, किसकी मदद मिलेगी और परिवार का क्या होगा। सोचकर ही परेशान हैं।

बेतवा के पानी आने से करेले फसल डूबी- फोटो : ORAI

पानी बढ़ जाने से किसानों की मड़ैया मे घुसा पानी- फोटो : ORAI

किसान कल्लू लोधी- फोटो : ORAI

मुहाना में बेतवा किनारे पानी में डूबी सब्जी की फसल- फोटो : ORAI

सब्जी की खराब हुई फसल को दिखाते किसान- फोटो : ORAI