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अन्ना मवेशियों ने चट की 20 बीघा बाजरे की फसल
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अन्ना मवेशी द्वारा चरी हुई फसल दिखाता किसान
- फोटो : ORAI
कदौरा (जालौन)। ब्लाक क्षेत्र के ग्राम काशीरामपुर में शनिवार को अन्ना जानवरों ने एक बार फिर कहर बरपाया और क्षेत्र के कई किसानों की बाजरे की खड़ी फसल को चर लिया। जिससे किसानों में आक्रोश है। आक्रोशित किसानों ने मुआवजे की मांग कर प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया है।
क्षेत्र के काशीरामपुर गांव के किसान हरचरण, पंचम पाल, सुरेश राजपूत, वीरसिंह सहित आधा दर्जन से अधिक किसानों की 20 बीघा फसल को अन्ना जानवरों ने चट कर लिया। किसानों ने बताया कि उनके खेतों में बाजरे की फसल थी। शनिवार रात अन्ना जानवरों ने खेत में घुस कर फसल नष्ट कर दी, जबकि हम दिन रात अन्ना जानवरों से खेतो की रखवाली करते है, लेकिन नजर चूकते ही अन्ना जानवर कहर बरपा देते है। उनका कहना है कि गांव में अस्थायी गौशाला है, जो सिर्फ नाममात्र के लिए है।
उसमें न तो जानवर है और न कोई देखने वाला। गांव में दो सौ से अधिक अन्ना जानवर सड़क पर बैठे है, जिससे आएदिन दुर्घटनाएं होती हैं। अन्ना जानवरों से मुक्ति के लिए जिम्मेदारों को भी अवगत कराया है पर किसी ने भी सुध नहीं ली। इस संबंध में बीडीओ अतिरंजन सिंह का कहना है कि मामले की जानकारी के लिए सचिव को गांव भेजा जा रहा है, जल्द बर्बाद फसलों का सर्वे कराया जाएगा। वहीं गांव में ऐसे पशुपालकों को चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं, जो अपने जानवरों को अन्ना छोड़ रहे हैं।
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क्षेत्र के काशीरामपुर गांव के किसान हरचरण, पंचम पाल, सुरेश राजपूत, वीरसिंह सहित आधा दर्जन से अधिक किसानों की 20 बीघा फसल को अन्ना जानवरों ने चट कर लिया। किसानों ने बताया कि उनके खेतों में बाजरे की फसल थी। शनिवार रात अन्ना जानवरों ने खेत में घुस कर फसल नष्ट कर दी, जबकि हम दिन रात अन्ना जानवरों से खेतो की रखवाली करते है, लेकिन नजर चूकते ही अन्ना जानवर कहर बरपा देते है। उनका कहना है कि गांव में अस्थायी गौशाला है, जो सिर्फ नाममात्र के लिए है।
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उसमें न तो जानवर है और न कोई देखने वाला। गांव में दो सौ से अधिक अन्ना जानवर सड़क पर बैठे है, जिससे आएदिन दुर्घटनाएं होती हैं। अन्ना जानवरों से मुक्ति के लिए जिम्मेदारों को भी अवगत कराया है पर किसी ने भी सुध नहीं ली। इस संबंध में बीडीओ अतिरंजन सिंह का कहना है कि मामले की जानकारी के लिए सचिव को गांव भेजा जा रहा है, जल्द बर्बाद फसलों का सर्वे कराया जाएगा। वहीं गांव में ऐसे पशुपालकों को चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं, जो अपने जानवरों को अन्ना छोड़ रहे हैं।
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