फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   And four brothers convicted of murder

हत्या में सगे भाइयों सहित चार को सजा

Tue, 20 Sep 2016 11:12 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
अमर उजाला ब्यूरो, उरई Updated Tue, 20 Sep 2016 11:12 PM IST
विज्ञापन
And four brothers convicted of murder
कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
नाली के पानी के निकासी को लेकर करीब पांच साल पहले हुए झगड़े में एक युवक की मौत के मामले में मंगलवार को सजा सुना दी गई। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट जज नरेंद्र कुमार तृतीय की अदालत में चल रही थी। जज ने दोनाें पक्षाें के गवाहों व अधिवक्ताआें की बहस सुनने के बाद चार आरोपियाें पर दोष सिद्ध हो जाने पर 10-10 साल की कैद
विज्ञापन


व 22 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। पुलिस ने आरोपियाें को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। नदीगांव थाना के गांव परासनी निवासी चंद्रशेखर का गांव के ही जितेेंद्र आदि से नाली को लेकर विवाद हो गया था। 6 अक्तूूबर 2011 की रात करीब आठ बजे विरोधी जितेंद्र, रामस्वरुप, राजेश व कैलाश एक राय होकर चंद्रशेखर के दरवाजे हाथाें में लाठी डंडे
विज्ञापन


लेकर पहुंच गए और चंद्रशेखर पर हमला कर दिया। चीख पुकार सुनकर उसकी पत्नी किरन, चाचा रामदास व भाई ब्रजेश्वर प्रसाद उसे बचाने आया तो हमलावराें ने उन पर भी लाठियाें से हमलाकर दिया। इससे चाराें लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। चीख पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर आए और हमलावराें को ललकारा तो वह जान से मारने की
विज्ञापन
विज्ञापन


धमकी देकर भाग गए। ग्रामीणाें ने घायलाें को जिला अस्पताल पहुंचाया जहां से डाक्टर ने ब्रजेश्वर प्रसाद की हालत गंभीर होने पर डाक्टर ने उसे मेडिकल कालेजल झांसी रेफर कर दिया। परिजन उसे झांसी ले जा रहे थे तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई। इस मामले में चंद्रशेखर की तहरीर पर नदीगांव थाना में हमलावर जितेंद्र , रामस्वरूप, राजेश व कैलाश के


खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने साक्ष्याें का संकलन कर आरोपियाें के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई एएसजे/ एफटीसी जज नरेंद्र कुमार तृतीय कर रहे थे। गवाहाें के ब्यान व साक्ष्याें व वकीलाें की दलील सुनने के बाद चाराें आरोपियाें पर दोष सिद्ध हो जाने पर दस-दस साल की कैद व 22 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। शासन की ओर से पैरवी शासकीय अधिवक्ता भगवती प्रसाद तिवारी ने की। जज ने जुर्माने में से आधा पैसा पीड़ित पक्ष को प्रतिकर के रुप में देने के निर्देश दिए है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed