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Jalaun News: एक मामला सामने आने के बाद शुरू हो गया शिकायतों का सिलसिला
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उरई। राजकीय नर्सिंग कॉलेज में छात्रा के शोषण का मामला नया नहीं है। जब एक छात्रा ने शिक्षक पर यौन शोषण का आरोप लगाया और दूसरी छात्रा ने इसकी पुष्टि की तो शिकायतों का सिलसिला चल पड़ा। कई छात्र-छात्राओं ने भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठाने पर फेल करने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। एंटी रैगिंग कमेटी और शासन को भेजी गई शिकायत के बाद जांच करने पहुंची टीम के सामने छात्र-छात्राओं ने ऐसे कई खुलासे हुए।
बता दें कि राजकीय मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2022 से नर्सिंग कॉलेज का संचालन शुरू हुआ। इस समय 176 छात्र-छात्राएं बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। इन विद्यार्थियों के लिए कॉलेज परिसर में ही कैंपस बनाया गया है। कैंपस में रहने वाली एक छात्रा ने अपने शिक्षक भानु शर्मा पर यौन शोषण का आरोप लगाकर शासन को शिकायत भेजी थी।
मामले की जांच शुरू हुई तो एक अन्य छात्रा ने भी यौन शोषण की बात सही होने की पुष्टि की। डॉ. पुनीत अवस्थी की अगुवाई में बनी पांच सदस्यीय जांच समिति के सामने 9 जनवरी को नर्सिंग कॉलेज के 25 छात्र-छात्राओं ने अपने बयान दर्ज कराए। इसमें 14 छात्र-छात्राओं ने आरोप लगाया कि मेस में भोजन की गुणवत्ता खराब है। जब भी उन्होंने इसका विरोध किया तो फेल करने की धमकी दी गई। कॉलेज से ही छात्र-छात्राओं को महंगी स्टेशनरी और गुणवत्ताहीन ड्रेस खरीदने को बाध्य किया जाता है। आपातकाल में भी छुट्टी मंजूरी नहीं की जाती। छात्र-छात्राओं के छात्रवृत्ति आवेदन के लिए 1000 रुपये की वसूली की गई है। शिक्षकों द्वारा छात्रों का चरित्र हनन किया जा रहा है। रैगिंग के नाम कर कार्रवाई नहीं होती है। रैगिंग में शिक्षक भी शामिल होते हैं और विरोध करने पर फेल करने की धमकी दी जाती है।
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छात्र-छात्राओं ने आरोप लगाया कि वह कई दिनों से यह उत्पीड़न सह रहे हैं, बर्दाश्त की हद होने पर शिकायत करने को मजबूर हुए हैं। शिकायत करने पर नर्सिंग कॉलेज की प्रधानाचार्या और उपप्रधानाचार्या ने भी कार्रवाई नहीं की और मामले को दबाने का प्रयास किया।
कोट::
नर्सिंग कॉलेज में मिली शिकायतों के बाद शिक्षक भानु शर्मा की सेवा समाप्ति की कार्रवाई की संस्तुति की गई थी। उनसे सरकारी आवास दो दिन के भीतर खाली करने के लिए कहा गया है। प्रधानाचार्या व उपप्रधानाचार्या के खिलाफ भी कार्रवाई की संस्तुति की गई है। नर्सिंग कॉलेज में होने वाली परीक्षाओं के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज के पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है। मामले को शासन प्रशासन को अवगत करा दिया गया है।
- डॉ. अरविंद त्रिवेदी, प्रधानाचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज
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बता दें कि राजकीय मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2022 से नर्सिंग कॉलेज का संचालन शुरू हुआ। इस समय 176 छात्र-छात्राएं बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। इन विद्यार्थियों के लिए कॉलेज परिसर में ही कैंपस बनाया गया है। कैंपस में रहने वाली एक छात्रा ने अपने शिक्षक भानु शर्मा पर यौन शोषण का आरोप लगाकर शासन को शिकायत भेजी थी।
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मामले की जांच शुरू हुई तो एक अन्य छात्रा ने भी यौन शोषण की बात सही होने की पुष्टि की। डॉ. पुनीत अवस्थी की अगुवाई में बनी पांच सदस्यीय जांच समिति के सामने 9 जनवरी को नर्सिंग कॉलेज के 25 छात्र-छात्राओं ने अपने बयान दर्ज कराए। इसमें 14 छात्र-छात्राओं ने आरोप लगाया कि मेस में भोजन की गुणवत्ता खराब है। जब भी उन्होंने इसका विरोध किया तो फेल करने की धमकी दी गई। कॉलेज से ही छात्र-छात्राओं को महंगी स्टेशनरी और गुणवत्ताहीन ड्रेस खरीदने को बाध्य किया जाता है। आपातकाल में भी छुट्टी मंजूरी नहीं की जाती। छात्र-छात्राओं के छात्रवृत्ति आवेदन के लिए 1000 रुपये की वसूली की गई है। शिक्षकों द्वारा छात्रों का चरित्र हनन किया जा रहा है। रैगिंग के नाम कर कार्रवाई नहीं होती है। रैगिंग में शिक्षक भी शामिल होते हैं और विरोध करने पर फेल करने की धमकी दी जाती है।
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छात्र-छात्राओं ने आरोप लगाया कि वह कई दिनों से यह उत्पीड़न सह रहे हैं, बर्दाश्त की हद होने पर शिकायत करने को मजबूर हुए हैं। शिकायत करने पर नर्सिंग कॉलेज की प्रधानाचार्या और उपप्रधानाचार्या ने भी कार्रवाई नहीं की और मामले को दबाने का प्रयास किया।
कोट::
नर्सिंग कॉलेज में मिली शिकायतों के बाद शिक्षक भानु शर्मा की सेवा समाप्ति की कार्रवाई की संस्तुति की गई थी। उनसे सरकारी आवास दो दिन के भीतर खाली करने के लिए कहा गया है। प्रधानाचार्या व उपप्रधानाचार्या के खिलाफ भी कार्रवाई की संस्तुति की गई है। नर्सिंग कॉलेज में होने वाली परीक्षाओं के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज के पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है। मामले को शासन प्रशासन को अवगत करा दिया गया है।
- डॉ. अरविंद त्रिवेदी, प्रधानाचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज