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गोशालाओं के वायरल वीडियो की प्रशासन ने कराई पड़ताल
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उरई। सिरसाकलार व जालौन क्षेत्र में मवेशियों की मौत के वायरल खबर और वीडियो को जिला प्रशासन ने संज्ञान में लिया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर दोनों ही स्थानों की गोशालाओं में अधिकारियों ने निरीक्षण किया, जिसमें पाया गया कि वायरल वीडियो सही नहीं है। एडीएम प्रमिल कुमार सिंह का कहना है कि सभी गोशालाओं में चारा पानी ही नहीं बल्कि डाक्टरों की टीम भी नियमित देखभाल के लिए लगाई गई है। ऐसे में गोशालाओं में मवेशियों का बड़ी संख्या में मौत की सूचना समझ से परे है।
एसडीएम कालपी कौशल सिंह ने बताया कि तीन दिन पूर्व सिरसा कलार के अटरा कलार गांव की गोशाला में तीन मवेशियों की मौत का खबर वायरल हुई थी। जिसकी सत्यता जानने के लिए जब टीम अगले दिन मौके पर पहुंची तो पता चला कि गोशाला में सिर्फ एक बीमार मवेशी की मौत हुई थी। फिलहाल गोशाला में डाक्टरों की टीम को निगरानी के लिए लगाया गया है। गोशाला में चारे-पानी की कोई कमी नहीं है।
वहीं जालौन एसडीएम सुनील कुमार के मुताबिक, क्षेत्र के ग्राम भदवा की गोशाला में मवेशियों की मौत का वीडियो वायरल हुआ था, तब सचिव को जांच के लिए भेजा गया था। जिसमें पता चला कि जिस मवेशी की मौत बताई जा रही है वह गोशाला का नहीं है, बल्कि वह गांव के किसी पशुपालक का था। गोशाला के सभी मवेशियों में टैगिंग है। इसके बाद भी गोशाला में चारा-पानी का स्टाक चेक किया गया। साथ ही कर्मचारियों को निर्देश दिए गए कि मवेशियों के रखरखाव में किसी तरह की लापरवाही न हो।
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एसडीएम कालपी कौशल सिंह ने बताया कि तीन दिन पूर्व सिरसा कलार के अटरा कलार गांव की गोशाला में तीन मवेशियों की मौत का खबर वायरल हुई थी। जिसकी सत्यता जानने के लिए जब टीम अगले दिन मौके पर पहुंची तो पता चला कि गोशाला में सिर्फ एक बीमार मवेशी की मौत हुई थी। फिलहाल गोशाला में डाक्टरों की टीम को निगरानी के लिए लगाया गया है। गोशाला में चारे-पानी की कोई कमी नहीं है।
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वहीं जालौन एसडीएम सुनील कुमार के मुताबिक, क्षेत्र के ग्राम भदवा की गोशाला में मवेशियों की मौत का वीडियो वायरल हुआ था, तब सचिव को जांच के लिए भेजा गया था। जिसमें पता चला कि जिस मवेशी की मौत बताई जा रही है वह गोशाला का नहीं है, बल्कि वह गांव के किसी पशुपालक का था। गोशाला के सभी मवेशियों में टैगिंग है। इसके बाद भी गोशाला में चारा-पानी का स्टाक चेक किया गया। साथ ही कर्मचारियों को निर्देश दिए गए कि मवेशियों के रखरखाव में किसी तरह की लापरवाही न हो।
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