{"_id":"6a568636aad0da00c20daad5","slug":"accused-of-getting-bank-accounts-opened-through-deception-and-using-them-for-fraud-orai-news-c-224-1-ori1005-146778-2026-07-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jalaun News: झांसा देकर खुलवाए बैंक खाते, ठगी में इस्तेमाल का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jalaun News: झांसा देकर खुलवाए बैंक खाते, ठगी में इस्तेमाल का आरोप
विज्ञापन
आटा। थाना क्षेत्र के एक युवक ने सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाया है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
आटा थाना क्षेत्र के ग्राम ददरी निवासी धर्मेंद्र कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसके परिचित लवकुश ने उसे भरोसे में लेकर कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए बैंक ऑफ इंडिया में खाता खुलवाना आवश्यक है। इसी विश्वास में उसने अपना तथा गांव के ही अपने साथी अनिकेत का बैंक खाता खुलवा दिया।
आरोप है कि खाता खुलने के बाद दीपेंद्र गुप्ता, भरत निषाद और सुमित ने दोनों खातों की पासबुक, एटीएम कार्ड तथा खातों से जुड़े मोबाइल नंबर का सिम कब्जे में ले लिया। पीड़ित ने जब दस्तावेज और सिम वापस मांगे तो आरोपियों ने बाद में लौटाने की बात कहकर टाल दिया।
विज्ञापन
धर्मेंद्र के अनुसार काफी समय तक दस्तावेज वापस न मिलने पर उसे संदेह हुआ। जब उसने बैंक पहुंचकर खाते की जानकारी ली तो पता चला कि उसके खाते में लगातार लेनदेन हो रहा है। साथ ही खाते से संबंधित साइबर धोखाधड़ी की शिकायत भी दर्ज है। इसके बाद उसे आशंका हुई कि उसके और उसके साथी के खातों का इस्तेमाल साइबर अपराध में किया गया है।
पीड़ित ने लवकुश, दीपेंद्र गुप्ता, भरत निषाद और सुमित के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आटा थानाध्यक्ष अभिलाष मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
आटा थाना क्षेत्र के ग्राम ददरी निवासी धर्मेंद्र कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसके परिचित लवकुश ने उसे भरोसे में लेकर कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए बैंक ऑफ इंडिया में खाता खुलवाना आवश्यक है। इसी विश्वास में उसने अपना तथा गांव के ही अपने साथी अनिकेत का बैंक खाता खुलवा दिया।
विज्ञापन
आरोप है कि खाता खुलने के बाद दीपेंद्र गुप्ता, भरत निषाद और सुमित ने दोनों खातों की पासबुक, एटीएम कार्ड तथा खातों से जुड़े मोबाइल नंबर का सिम कब्जे में ले लिया। पीड़ित ने जब दस्तावेज और सिम वापस मांगे तो आरोपियों ने बाद में लौटाने की बात कहकर टाल दिया।
विज्ञापन
धर्मेंद्र के अनुसार काफी समय तक दस्तावेज वापस न मिलने पर उसे संदेह हुआ। जब उसने बैंक पहुंचकर खाते की जानकारी ली तो पता चला कि उसके खाते में लगातार लेनदेन हो रहा है। साथ ही खाते से संबंधित साइबर धोखाधड़ी की शिकायत भी दर्ज है। इसके बाद उसे आशंका हुई कि उसके और उसके साथी के खातों का इस्तेमाल साइबर अपराध में किया गया है।
पीड़ित ने लवकुश, दीपेंद्र गुप्ता, भरत निषाद और सुमित के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आटा थानाध्यक्ष अभिलाष मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।