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परीक्षकों के पारिश्रमिक का मुद्दा सदन में रखेंगे

Thu, 03 May 2012 12:00 PM IST
Jalaun
Jalaun Updated Thu, 03 May 2012 12:00 PM IST
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उरई (जालौन)। उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के प्रदेश संरक्षक एवं इलाहाबाद झांसी स्नातक क्षेत्र के विधायक डा. यज्ञदत्त शर्मा ने बुधवार को यहां के मूल्यांकन केंद्रों पर कापियां जांच रहे शिक्षकों से उनकी दिक्कतों के बारे में पूछा। उन्हें भरोसा दिया कि मूल्यांकन का पारिश्रमिक और दैनिक भत्ता बढ़वाने की मांग आगामी बजट सत्र में सदन में रखेंगे।
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उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर पूरे उत्तर प्रदेश के परीक्षकों में असंतोष है। यूपी बोर्ड पाठ्यक्रम एवं प्रश्नपत्रों के निर्माण में सीबीएसई (केंद्रीय शिक्षा बोर्ड) का अनुसरण कर रहा है किंतु हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिका जांचने का पारिश्रमिक मात्र चार रुपए तथा इंटर की कापी के लिए मात्र साढ़े पांच रुपए है जबकि सीबीएसई की इसी स्तर की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का पारिश्रमिक क्रमश: बारह एवं सोलह रुपए है। ऐसी स्थिति में असंतोष स्वाभाविक है।
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डा.शर्मा का यह भी कहना है कि दस वर्ष पूर्व दैनिक भत्ता चौदह रुपए तय किया गया था जो आज भी जारी है जबकि चौदह रुपए में एक वक्त का नाश्ता भी संभव नहीं है। डा.शर्मा ने मूल्यांकन सहित दैनिक भत्ते में वृद्धि की वकालत की। डा.शर्मा का यह भी कहना है कि विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान की हाईस्कूल की एक-एक उत्तर पुस्तिका को दो दो परीक्षक जांच रहे हैं इसलिए बेहतर होगा इन विषयों के दो प्रश्नपत्र कर दिए जाएं। डा. शर्मा के साथ मूल्यांकन केंद्रों में सत्यनारायण अग्निहोत्री, उदय पिंडारी, डा.भगवानदास त्रिपाठी, रामेश्वर राजपूत, राजाराम व्यास, राजीव निरंजन, कप्तान सिंह आदि थे।
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