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डॉक्टर नवजात की देखभाल के गुर सीखेंगे
Jalaun
Updated Wed, 21 May 2014 05:30 AM IST
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उरई (जालौन)। राजकीय मेडिकल कालेज में बुधवार को कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इसमें डॉक्टरों को नवजात शिशु की प्रारंभिक देखभाल के गुर सिखाए जाएंगे। कार्यशाला में 40 डॉक्टरों को ट्रेंड किया जाना है। इसमें झांसी और कानपुर से स्पेशल ट्रेनर बुलाए गए है। कार्यशाला में निजी चिकित्सालयों के डॉक्टर भी हिस्सा ले सकें गे। यह जानकारी राजकीय मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. निर्मल चंद्र प्रजापति ने मंगलवार को यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी।
उन्होंने कहा कि देश में 21 प्रतिशत नवजात शिशुओं की पहले सप्ताह में ही मौत हो जाती है। इसकी प्रमुख वजह जन्म के बाद शिशु की देखरेख में लापरवाही को माना जाता है। जन्म के समय कहीं आक्सीजन नहीं मिलती, जिससे बच्चे विकलांग भी हो जाते हैं। प्राइमरी केयर पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए कालेज में बुधवार को कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। इसमें 5 स्पेशल ट्रेनर अनुभव देने के लिए आ रहे हैं। 2 ट्रेनरों को कानपुर से और 3 को झांसी से बुलाया गया है। प्राचार्य ने बताया कि कार्यशाला में 40 चिकित्सकों को ट्रेंड किया जाएगा। कार्यशाला में प्रशिक्षण लेने वाले डॉक्टरों को बाद में प्रमाणपत्र दिया जाएगा। पत्रकारों से बातचीत के दौरान सीएमएस डॉ.रणजीत सिंह भी मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि देश में 21 प्रतिशत नवजात शिशुओं की पहले सप्ताह में ही मौत हो जाती है। इसकी प्रमुख वजह जन्म के बाद शिशु की देखरेख में लापरवाही को माना जाता है। जन्म के समय कहीं आक्सीजन नहीं मिलती, जिससे बच्चे विकलांग भी हो जाते हैं। प्राइमरी केयर पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए कालेज में बुधवार को कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। इसमें 5 स्पेशल ट्रेनर अनुभव देने के लिए आ रहे हैं। 2 ट्रेनरों को कानपुर से और 3 को झांसी से बुलाया गया है। प्राचार्य ने बताया कि कार्यशाला में 40 चिकित्सकों को ट्रेंड किया जाएगा। कार्यशाला में प्रशिक्षण लेने वाले डॉक्टरों को बाद में प्रमाणपत्र दिया जाएगा। पत्रकारों से बातचीत के दौरान सीएमएस डॉ.रणजीत सिंह भी मौजूद रहे।
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