{"_id":"39-182348","slug":"Jalaun-182348-39","type":"story","status":"publish","title_hn":"गलत इंजेक्शन ने ले ली युवती की जान!","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गलत इंजेक्शन ने ले ली युवती की जान!
Jalaun
Updated Mon, 19 May 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उरई(जालौन)। भले ही लोग चिकित्सक को भगवान समझते हो, लेकिन वह बीते दिनों की बात हो चुकी है। आज चिकित्सक अपने लाभ के लिए जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला देखने में आया। जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी में जहां डायरिया से पीड़ित युवती को चिकित्सक ने गलत इंजेक्शन लगा दिया। जिससे उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। युवती की मौत होते ही परिजनों ने इमरजेंसी में हंगामा काटा तो े चिकित्सक व स्टाफ भाग निकला। परिजनों ने चिकित्सक व स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
डकोर क्षेत्र के ग्राम कुसमिलिया निवासी भगवान सिंह की 18 वर्षीय पुत्री नीरज देवी की रविवार अपराह्न तकरीबन तीन बजे अचानक गर्मी के चलते हालत बिगड़ गई। परिजनों ने उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। उसका इलाज वार्ड नंबर तीन में चल रहा था। देर शाम तकरीबन आठ बजे अचानक युवती को पेट में दर्द की शिकायत हुई, जिस पर परिजन स्टाफ नर्स रूम की तरफ भागे तो रूम में ताला लटका था। इसके बाद परिजन इमरजेंसी पहुंचे, आरोप लगाया कि जहां तैनात चिकित्सक ने बीमारी का हवाला देते हुए मेडिकल स्टोर से इंजेक्शन मंगाया। चिकित्सक के इंजेक्शन लगाते ही नीरज देवी की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। जिस पर आक्रोशित परिजन बवाल करने लगे और परिजनों का आक्रोश देख चिकित्सक व इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात अन्य कर्मचारी भाग निकले। परिजन चिकित्सालय में बवाल काट रहे हैं। मौके पर पुलिस भी पहुंच गई है लेकिन परिजन चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अडे़ हैं। इस संदर्भ में सीएमएस वीवी आर्या से जानकारी चाही तो उन्होंने मोबाइल पर बात करना जरूरी नहीं समझा और मोबाइल परिजनों को थमा दिया।
इनसेट-
हाथ पीले करने का सपना हुआ चकनाचूर
उरई। गांव कुसमिलिया निवासी भगवान सिंह व उसकी पत्नी मानकुंअर ने रोते हुए बताया कि 11 जून को मृतक नीरज की शादी थी। विवाह की तैयारियों को लेकर पूरा परिवार जुटा था। कार्ड भी छप चुके थे और सामान की खरीद भी हो रही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
डकोर क्षेत्र के ग्राम कुसमिलिया निवासी भगवान सिंह की 18 वर्षीय पुत्री नीरज देवी की रविवार अपराह्न तकरीबन तीन बजे अचानक गर्मी के चलते हालत बिगड़ गई। परिजनों ने उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। उसका इलाज वार्ड नंबर तीन में चल रहा था। देर शाम तकरीबन आठ बजे अचानक युवती को पेट में दर्द की शिकायत हुई, जिस पर परिजन स्टाफ नर्स रूम की तरफ भागे तो रूम में ताला लटका था। इसके बाद परिजन इमरजेंसी पहुंचे, आरोप लगाया कि जहां तैनात चिकित्सक ने बीमारी का हवाला देते हुए मेडिकल स्टोर से इंजेक्शन मंगाया। चिकित्सक के इंजेक्शन लगाते ही नीरज देवी की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। जिस पर आक्रोशित परिजन बवाल करने लगे और परिजनों का आक्रोश देख चिकित्सक व इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात अन्य कर्मचारी भाग निकले। परिजन चिकित्सालय में बवाल काट रहे हैं। मौके पर पुलिस भी पहुंच गई है लेकिन परिजन चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अडे़ हैं। इस संदर्भ में सीएमएस वीवी आर्या से जानकारी चाही तो उन्होंने मोबाइल पर बात करना जरूरी नहीं समझा और मोबाइल परिजनों को थमा दिया।
विज्ञापन
इनसेट-
हाथ पीले करने का सपना हुआ चकनाचूर
उरई। गांव कुसमिलिया निवासी भगवान सिंह व उसकी पत्नी मानकुंअर ने रोते हुए बताया कि 11 जून को मृतक नीरज की शादी थी। विवाह की तैयारियों को लेकर पूरा परिवार जुटा था। कार्ड भी छप चुके थे और सामान की खरीद भी हो रही थी।
विज्ञापन