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छूट खतौनी न होने पर लेखपालों को फटकारा
Jalaun
Updated Wed, 27 Nov 2013 05:43 AM IST
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कोंच (जालौन)। तहसील सभागार में मंगलवार को लेखपालों की बैठक में छूट खतौनी अभी तक तैयार न होने का मुद्दा प्रमुखता से उठा। बैठक में मौजूद एसडीएम जलराजन चौधरी व तहसीलदार एके सिंह ने इस पर नाराजगी जताई। साथ ही लेखपालों को कड़ी फटकार लगाई और दो दिन में छूट खतौनी तैयार कर जमा कराने की चेतावनी दी।
बारिश व बाढ़ में तहसील क्षेत्र में तकरीबन 15 हजार घरों के धराशाई होने के अलावा हजारों हेक्टेयर खेतों में खड़ी फसलें नष्ट हो गईं थी। लेकिन राजस्व विभाग की ढिलाई के चलते अभी तक छूट खतौनी नहीं बनाए जाने से शासन को मुआवजा राशि के लिए नहीं भेजा जा सका है। इस लापरवाही को लेकर प्रशासन और राजस्व अधिकारी अधीनस्थों से खफा हैं। मंगलवार को तहसील सभागार में लेखपालों के साथ बैठक में एसडीएम जलराजन चौधरी व तहसीलदार एके सिंह ने इस मुद्दे पर कड़ी फटकार लगाई। दो दिन में छूट खतौनी तैयार कर जमा कराने की चेतावनी दी। एसडीएम ने लेखपालों से कहा कि यह स्थिति ठीक नहीं है। बाढ़ के कारण किसानों की खरीफ की फसलें बर्बाद हो गई हैं और शासन से मुआवजा राशि उन्हें इसलिए नहीं मिल पा रहा है कि लेखपालों ने अब तक छूट खतौनी नहीं तैयार की है।
तहसीलदार एके सिंह ने घरगिरी के बाउचर नहीं बनाने के लिए लेखपालों की खिंचाई की। उन्होंने छूट खतौनी को लेकर ताकीद की इसे तीन स्तरों पर बनाई जानी है, लघु, सीमांत और वृहद्। इस काम में गड़बड़ी कतई नहीं बर्दाश्त की जाएगी। उधर, लेखपालों ने भी अपनी समस्या गिनाई कि तहसील में लेखपालों की कमी है, एक-एक लेखपाल के पास दस-दस गांव हैं और काम की इतनी अधिकता है कि समय में पूरा होना असंभव है। बैठक में देवेंद्रसिंह, रामसिंह, कमलकांत, राजेंद्र वर्मा, बलराम निरंजन, हरीशंकर, अनिल, दयाशंकर, पंचमलाल, महेश, रमेश, नरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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बारिश व बाढ़ में तहसील क्षेत्र में तकरीबन 15 हजार घरों के धराशाई होने के अलावा हजारों हेक्टेयर खेतों में खड़ी फसलें नष्ट हो गईं थी। लेकिन राजस्व विभाग की ढिलाई के चलते अभी तक छूट खतौनी नहीं बनाए जाने से शासन को मुआवजा राशि के लिए नहीं भेजा जा सका है। इस लापरवाही को लेकर प्रशासन और राजस्व अधिकारी अधीनस्थों से खफा हैं। मंगलवार को तहसील सभागार में लेखपालों के साथ बैठक में एसडीएम जलराजन चौधरी व तहसीलदार एके सिंह ने इस मुद्दे पर कड़ी फटकार लगाई। दो दिन में छूट खतौनी तैयार कर जमा कराने की चेतावनी दी। एसडीएम ने लेखपालों से कहा कि यह स्थिति ठीक नहीं है। बाढ़ के कारण किसानों की खरीफ की फसलें बर्बाद हो गई हैं और शासन से मुआवजा राशि उन्हें इसलिए नहीं मिल पा रहा है कि लेखपालों ने अब तक छूट खतौनी नहीं तैयार की है।
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तहसीलदार एके सिंह ने घरगिरी के बाउचर नहीं बनाने के लिए लेखपालों की खिंचाई की। उन्होंने छूट खतौनी को लेकर ताकीद की इसे तीन स्तरों पर बनाई जानी है, लघु, सीमांत और वृहद्। इस काम में गड़बड़ी कतई नहीं बर्दाश्त की जाएगी। उधर, लेखपालों ने भी अपनी समस्या गिनाई कि तहसील में लेखपालों की कमी है, एक-एक लेखपाल के पास दस-दस गांव हैं और काम की इतनी अधिकता है कि समय में पूरा होना असंभव है। बैठक में देवेंद्रसिंह, रामसिंह, कमलकांत, राजेंद्र वर्मा, बलराम निरंजन, हरीशंकर, अनिल, दयाशंकर, पंचमलाल, महेश, रमेश, नरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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