{"_id":"39-107151","slug":"Jalaun-107151-39","type":"story","status":"publish","title_hn":"बढ़ी बिजली दरों का विरोध : 22 दिन से बंद चल रहीं फैक्ट्रियां ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बढ़ी बिजली दरों का विरोध : 22 दिन से बंद चल रहीं फैक्ट्रियां
Jalaun
Updated Fri, 23 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
उरई (जालौन)। जिले से दो करोड़ 10 लाख रुपए का राजस्व देने वाली तीन फैक्ट्रियां 22 दिन से बंद चल रही हैं। इनमें लगे 150 कर्मचारियों की रोजी रोटी प्रभावित हो रही है।
1995 में जिले में साठ फैक्ट्रियां थी। 2000 आते-आते सिर्फ तीन फैक्ट्रियां ही हैं। बढ़े विद्युत दरों के विरोध में फैक्ट्री मालिकों ने गत दिनों फैक्ट्री की चाबी प्रशासन को सौंपने की बात कही थी। बुंदेल खंड स्टील प्लांट की एमडी हरिकृष्ण गुप्ता का कहना है कि हम लोग फैक्ट्री से बिजली का कनेक्शन कटवा देंगे। विद्युत दरों की यह वृद्धि देने में हम लोग सक्षम नहीं हैं। वहीं फैक्ट्रियां बंद हो जाने से कर्मचारियों को रोजी-रोटी जुटाना मुश्किल भरा काम हो गया है।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश महामंत्री डा. दिलीप सेठ ने कहा कि व्यवसायिक बिजली प्रति यूनिट में बढ़ोतरी किए जाने के विरोध में गुरुवार को उत्तर प्रदेश में इस्पात, प्रोसेसिंग, फोल्डर, प्लास्टिक बेस्ट, आयरन प्लेट से संबंधित उद्योग बंद रहे। इन उद्योगों से उत्तर प्रदेश सरकार प्रतिमाह बिजली सेल्स टैक्स व इंपलाइज लगभग 500 करोड़ का टैक्स मिलता रहा है। अमर उजाला को एक विशेष भेंट में बताया कि प्रदेश शासन में उद्योग विरोधी नीति और विद्युत नियामक आयोग द्वारा बिजली के व्यवसायिक बिल में की गई 2.59 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी का सभी उद्यमियों ने विरोध जताया।
विज्ञापन
बुंदेलखंड इस्पात के प्रबंध निदेशक हरीकृष्ण गुप्ता कहते हैं कि उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक अयोग के आदेश से पहले व्यवसायिक उपयोग के लिए विद्युत प्रति यूनिट 3.56 पैसे के हिसाब से मिलती थी। अब बढ़कर 6.15 पैसे प्रति यूनिट हो गई है। विद्युत नियामक आयोग ने 2.56 पैसे प्रति यूनिट बिजली के दाम बढ़ा दिए हैं। जिसके चलते जनपद जालौन में उरई औद्योगिक क्षेत्र अब जो कुल तीन स्टील फैक्ट्रियां क्रमश: बुंदेलखंड इस्पात जिसके प्रबंधक वे स्वयं हैं। गणपति स्टील जिसके प्रबंध निदेशक गणेश तिवारी हैं तथा रीयल स्टील जिसके प्रबंध निदेशक सफल गुप्ता हैं। इनकी 22 दिनों से फैक्ट्रियां बंद चल रही हैं। यदि बिजली की प्रति यूनिट दर की बढ़ोतरी शीघ्र वापस नहीं ली तो पूरे प्रदेश का स्टील उद्योग बंद हो जाएगा। श्री गुप्ता ने बताया कि वर्ष 1995 तक बीडीआर (बुंदेलखंड डेपलप मेंट रिबेट) के चलते अकेले उरई औद्योगिक क्षेत्र में 60 स्टील फैक्ट्रियां थी, लेकिन बीडीआर खत्म होने के साथ ही वर्ष दो हजार तक मात्र तीन स्टील फैक्ट्रियां शेष रह गई हैं। अब बिजली के बिलों में भारी बढ़ोतरी के चलते वे भी पिछले 22 दिन से बंद चल रही हैं।
विज्ञापन
1995 में जिले में साठ फैक्ट्रियां थी। 2000 आते-आते सिर्फ तीन फैक्ट्रियां ही हैं। बढ़े विद्युत दरों के विरोध में फैक्ट्री मालिकों ने गत दिनों फैक्ट्री की चाबी प्रशासन को सौंपने की बात कही थी। बुंदेल खंड स्टील प्लांट की एमडी हरिकृष्ण गुप्ता का कहना है कि हम लोग फैक्ट्री से बिजली का कनेक्शन कटवा देंगे। विद्युत दरों की यह वृद्धि देने में हम लोग सक्षम नहीं हैं। वहीं फैक्ट्रियां बंद हो जाने से कर्मचारियों को रोजी-रोटी जुटाना मुश्किल भरा काम हो गया है।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश महामंत्री डा. दिलीप सेठ ने कहा कि व्यवसायिक बिजली प्रति यूनिट में बढ़ोतरी किए जाने के विरोध में गुरुवार को उत्तर प्रदेश में इस्पात, प्रोसेसिंग, फोल्डर, प्लास्टिक बेस्ट, आयरन प्लेट से संबंधित उद्योग बंद रहे। इन उद्योगों से उत्तर प्रदेश सरकार प्रतिमाह बिजली सेल्स टैक्स व इंपलाइज लगभग 500 करोड़ का टैक्स मिलता रहा है। अमर उजाला को एक विशेष भेंट में बताया कि प्रदेश शासन में उद्योग विरोधी नीति और विद्युत नियामक आयोग द्वारा बिजली के व्यवसायिक बिल में की गई 2.59 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी का सभी उद्यमियों ने विरोध जताया।
विज्ञापन
बुंदेलखंड इस्पात के प्रबंध निदेशक हरीकृष्ण गुप्ता कहते हैं कि उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक अयोग के आदेश से पहले व्यवसायिक उपयोग के लिए विद्युत प्रति यूनिट 3.56 पैसे के हिसाब से मिलती थी। अब बढ़कर 6.15 पैसे प्रति यूनिट हो गई है। विद्युत नियामक आयोग ने 2.56 पैसे प्रति यूनिट बिजली के दाम बढ़ा दिए हैं। जिसके चलते जनपद जालौन में उरई औद्योगिक क्षेत्र अब जो कुल तीन स्टील फैक्ट्रियां क्रमश: बुंदेलखंड इस्पात जिसके प्रबंधक वे स्वयं हैं। गणपति स्टील जिसके प्रबंध निदेशक गणेश तिवारी हैं तथा रीयल स्टील जिसके प्रबंध निदेशक सफल गुप्ता हैं। इनकी 22 दिनों से फैक्ट्रियां बंद चल रही हैं। यदि बिजली की प्रति यूनिट दर की बढ़ोतरी शीघ्र वापस नहीं ली तो पूरे प्रदेश का स्टील उद्योग बंद हो जाएगा। श्री गुप्ता ने बताया कि वर्ष 1995 तक बीडीआर (बुंदेलखंड डेपलप मेंट रिबेट) के चलते अकेले उरई औद्योगिक क्षेत्र में 60 स्टील फैक्ट्रियां थी, लेकिन बीडीआर खत्म होने के साथ ही वर्ष दो हजार तक मात्र तीन स्टील फैक्ट्रियां शेष रह गई हैं। अब बिजली के बिलों में भारी बढ़ोतरी के चलते वे भी पिछले 22 दिन से बंद चल रही हैं।