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मुसीबत में सभी के काम आना चाहिए
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कोंच। मुसीबत में सभी के काम आना चाहिए। मनुष्य के सीखने की कोई उम्र नहीं होती है, कोई भी कभी भी जीवन की कठिनाईयों से सीख ले सकता है। यह बात पीपलेश्वर मंदिर के पास हो रही श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक शिवशंकरानंद सरस्वती ने कही।
कथावाचक ने परमात्मा के विभिन्न अवतारों की कथा सुनाई। कहा कि जब भी पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है, परमात्मा अवतार लेकर भक्तों का कष्ट दूर करते हैं। उन्होंने कहा कि सांसारिक बंधन तो स्वार्थ पूर्ण होते हैं। ग्राह ने जब गजेंद्र को सरोवर में खींच लिया और उसने परमात्मा का स्मरण किया तो भगवान ने एक पल की भी देर लगाए मदद की।
साथ ही श्रीमद्भागवत कथा की महत्ता बताते हुए कहा कि कथा के श्रवण मात्र से मोक्ष की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि कथा सुनने की कोई आयु नहीं होती है, यह किसी भी उम्र में सुनी जा सकती है। कथा परीक्षित गीता सोनी ने श्रीमद्भागवत पुराण की आरती उतारी। कथा के अंत में प्रसाद वितरित किया गया।
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कथावाचक ने परमात्मा के विभिन्न अवतारों की कथा सुनाई। कहा कि जब भी पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है, परमात्मा अवतार लेकर भक्तों का कष्ट दूर करते हैं। उन्होंने कहा कि सांसारिक बंधन तो स्वार्थ पूर्ण होते हैं। ग्राह ने जब गजेंद्र को सरोवर में खींच लिया और उसने परमात्मा का स्मरण किया तो भगवान ने एक पल की भी देर लगाए मदद की।
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साथ ही श्रीमद्भागवत कथा की महत्ता बताते हुए कहा कि कथा के श्रवण मात्र से मोक्ष की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि कथा सुनने की कोई आयु नहीं होती है, यह किसी भी उम्र में सुनी जा सकती है। कथा परीक्षित गीता सोनी ने श्रीमद्भागवत पुराण की आरती उतारी। कथा के अंत में प्रसाद वितरित किया गया।
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