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जिला योजना में 32 अरब की मंजूरी

Sat, 19 Mar 2016 11:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
अमर उजाला ब्यूरो, उरई Updated Sat, 19 Mar 2016 11:07 PM IST
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32 billion in the district plan approval
उरई में बोर्ड बैठक में मौजूद संचालन समिति की अध्यक्ष। - फोटो : अमर उजाला
जिला पंचायत बोर्ड बैठक में करोड़ों का बजट सर्वसम्मति से पास किया गया। इसमें जिला पंचायत की पुनरीक्षित आय एवं व्यय के साथ एजेंडा में शामिल चार अन्य प्रस्ताव शामिल हैं। सदस्यों ने जिले में पीने के पानी की समस्या के साथ सड़क व रपटा पुल बनवाने के लिए प्रस्ताव भी सदन के सामने रखे। इस दौरान राज्य वित्त से 10 लाख से अधिक बजट के
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कार्य ही कराए जाने की बात पर सदस्यों ने विरोध किया और कहा कि इससे गांव गली में विकास को रफ्तार नहीं मिल सकती। बाद में इस मसले पर शासनादेश के अनुसार कार्य कराने की सभी ने हामी भर दी। 575 ग्राम पंचायतों के साथ नौ क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत की 32 अरब से अधिक की कार्ययोजना को जिला योजना में शामिल करने का
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प्रस्ताव अहम रहा। जिला पंचायत के सभागार में शनिवार को जिला पंचायत की बोर्ड बैठक हुई। इसमें नए निर्वाचित तीन सदस्यों को पहले शपथ दिलाई गई। इसके बाद पूर्व की बैठक की कार्यवाही प्रस्तुत की गई। बोर्ड के सामने वर्ष 2015-16 का पुनरीक्षित बजट रखा गया। इसमें बताया गया कि 21 करोड़ 14 लाख आय और 22 करोड़ 4 लाख व्यय हुआ
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है। वर्ष 2015-16 में प्रारंभिक शेष 15 करोड़ 74 लाख रुपये जबकि अंतिम शेष 14 करोड़ 84 लाख रुपये है। जिला पंचायत का 33 करोड़ 85 लाख रुपये का बजट पास हुआ।    मनरेगा के तहत सभी नौ ब्लाकों के लिए 78 करोड़ 98 लाख रुपये के लेबर बजट पर आम सहमति बनी। इसके अलावा पांच हजार रुपये तक के छोटे खर्च भी ध्वनिमत से पारित

हुए। राज्य वित्त आयोग योजनांर्तगत अवशेष सात करोड़ रुपये के लिए कार्ययोजना पर चर्चा हुई। इसमें 10 लाख से अधिक के कार्य कराए जाने की बात पर सदस्यों ने विरोध जताया। रामेंद्र सिंह हरौली, रामकुमार गुप्ता, संध्या मौखरी, रूपम गौतम, अर्चना गौतम, नम्रता तिवारी दीक्षित समेत अन्य सदस्यों ने कहा कि इससे तो गांव गली का विकास नहीं

हो पाएगा। जहां 100 मीटर सीसी सड़क ही डाली जानी है वहां काम हो ही नहीं पाएगा। अपर मुख्य अधिकारी ने शासनादेश का हवाला दिया तो विधायक संतराम कुशवाहा ने कहा कि शासनादेश में ऐसा जिक्र नहीं है। आखिर में सदन ने सहमति जता दी कि शासन के आदेश के क्रम में कार्य स्वीकृत किए जाएं। राज्य वित्त का प्रस्ताव पारित होने के बाद वर्ष

2016-17 की संकलित जिला योजना को रखा गया। इसमें 575 ग्राम पंचायतों में 27 अरब 56 करोड़ , क्षेत्र पंचायत के चार अरब 99 करोड़ और जिला पंचायत की 32 करोड़ 34 लाख की कार्ययोजना को संकलित किया गया। इस मौके पर बोर्ड के सदस्यों के अलावा मुख्य विकास अधिकारी एसपी सिंह, अपर मुख्य अधिकारी आरएस यादव, डीडीओ आरएस गौतम एवं अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

रखी समस्याएं, विकास पर जोर
सदस्य कृष्णपाल सिंह गुर्जर महंत ने कहा कि मऊ गांव नदिया के उस पार और पिछड़ा हुआ है। इस गांव के विकास के लिए पहले नदी पर रपटा बनवाया जाए। अन्य सदस्यों ने गालमपुरा, कुरतला गांव को माधौगढ़ से जोड़ने के लिए सड़क की समस्या को दूर कराने की बात रखी। विधायक संतराम कुशवाहा ने पेयजल संकट के अलावा अन्य समस्याओं को

रखा। सदस्य सदर विधायक दयाशंकर वर्मा ने कहा कि सदन के सदस्य विकास के लिए एकमत होकर कार्य करें। संचालित समिति के सदस्य दीपराज गुर्जर ने कहा कि सदस्यों को सदन की मर्यादा बनाए रखते हुए विकास को तवज्जो देना चाहिए। बोर्ड संचालन समिति की प्रमुख राधा अनुरागी ने धन्यवाद दिया।
 
तीन सदस्यों को दिलाई गई शपथ
बैठक में रेंढ़र से निर्वाचित नम्रता तिवारी दीक्षित, एट से रूपम गौतम और पहाड़गांव से निर्वाचित सुमन निरंजन को संचालन समिति के सदस्य दीपराज गुर्जर ने शपथ दिलाई। बैठक में नव निर्वाचित एमएलसी रमा निरंजन का अपर मुख्य अधिकारी आरएस गौतम, दीपराज गुर्जर आदि ने बुके देकर स्वागत किया।
 
शिशुपाल सिंह का होता रहा इंतजार
डकोर क्षेत्र से निर्वाचित सदस्य व निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष शिशुपाल सिंह बोर्ड बैठक में शामिल नहीं हुए। उनके आने का इंतजार होता रहा। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के बैठक में न आने से सपा की गुटबाजी को एक बार फिर से हवा मिल गई है।

 
बोर्ड के सदस्य ही बोलें
बैठक में जब एक सदस्य के पति ने खड़े होकर अपनी बात रखनी शुरू कर दी तो संचालन समिति के सदस्य दीपराज गुर्जर ने कहा कि बोर्ड की मर्यादा बनाए रखते हुए सदस्यों को ही बात रखनी चाहिए, उनके परिजनों को नहीं दखल नहीं देना चाहिए। इस पर कई सदस्यों ने कहा कि यह नियम अधिकारियों पर भी लागू होना चाहिए। अधिकारियों के प्रतिनिधि को बैठक में शामिल नहीं होना चाहिए। इस पर सदन चुप हो गया।
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