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उरई-महोबा रेलवे लाइन को मंजूरी मिलने से हर्ष
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उरई। उरई-महोबा रेलवे लाइन को रेलवे बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद जिले को लोगों में खुशी का माहौल है। उनका कहना है कि यदि आगामी बजट सत्र में इस लाइन के लिए बजट स्वीकृत हो जाता है तो लोगों को बहुत लाभ होगा। लोग ट्रेन के माध्यम से यात्रा की उम्मीद लगाने लगे हैं।
बता दें कि बुंदेलखंड के लिए एट जंक्शन से एट कोंच शटल चलती है। इसे फफूंद तक बढ़ाने की मांग पर सर्वे भी हो चुका है और इसकी रिपोर्ट 10 फरवरी 2014 को रेलवे बोर्ड को भेजी जा चुकी है। इसी तरह जालौन भिंड महोबा रेलवे लाइन की मांग भी वर्ष 2006 से ममता बनर्जी के रेलमंत्री के कार्यकाल से उठाई जा रही है। इसका सर्वे भी हो चुका है।
जालौन निवासी देवीदयाल वर्मा रेल सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए समय समय पर रेल मंत्रालय को लिखा पढ़ी करते रहते है। उनके मुताबिक, भिंड महोबा रेलवे लाइन का जो सर्वे हुआ है। उसके अनुसार, भिंड से चतहर, ऊमरी, नयागांव, बौनापुरा, माधौगढ़, बंगरा, जालौन, वीरपुरा, सरसौखी, उरई, डकोर, रिहुंटा, गोहांड, राठ, धमना, सबुआ, चरखारी, कुर्रा कलां व महोबा तक 217 किलोमीटर की रेलवे लाइन को स्वीकृत की गई है।
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समाजसेवी देवीदयाल वर्मा का कहना है कि इस रेलवे लाइन के लिए यदि बजट मिल जाता है तो उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हो जाएगी। इसे लेकर वे तमाम बार लिखा पढ़ी कर चुके हैं। उम्मीद है कि इस बार चुनावी साल में इस रेल लाइन के लिए बजट मिल जाएगा।
माधौगढ़ के अजय राठौर का कहना है कि जालौन समेत यह पूरा क्षेत्र रेलवे लाइन से अछूता है। उनके यहां से मुख्यालय करीब पचास किलोमीटर दूर है। यदि यह रेल लाइन बन जाती है तो इस क्षेत्र के लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि जल्द इस लाइन के लिए बजट स्वीकृत किया जाए।
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बता दें कि बुंदेलखंड के लिए एट जंक्शन से एट कोंच शटल चलती है। इसे फफूंद तक बढ़ाने की मांग पर सर्वे भी हो चुका है और इसकी रिपोर्ट 10 फरवरी 2014 को रेलवे बोर्ड को भेजी जा चुकी है। इसी तरह जालौन भिंड महोबा रेलवे लाइन की मांग भी वर्ष 2006 से ममता बनर्जी के रेलमंत्री के कार्यकाल से उठाई जा रही है। इसका सर्वे भी हो चुका है।
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जालौन निवासी देवीदयाल वर्मा रेल सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए समय समय पर रेल मंत्रालय को लिखा पढ़ी करते रहते है। उनके मुताबिक, भिंड महोबा रेलवे लाइन का जो सर्वे हुआ है। उसके अनुसार, भिंड से चतहर, ऊमरी, नयागांव, बौनापुरा, माधौगढ़, बंगरा, जालौन, वीरपुरा, सरसौखी, उरई, डकोर, रिहुंटा, गोहांड, राठ, धमना, सबुआ, चरखारी, कुर्रा कलां व महोबा तक 217 किलोमीटर की रेलवे लाइन को स्वीकृत की गई है।
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समाजसेवी देवीदयाल वर्मा का कहना है कि इस रेलवे लाइन के लिए यदि बजट मिल जाता है तो उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हो जाएगी। इसे लेकर वे तमाम बार लिखा पढ़ी कर चुके हैं। उम्मीद है कि इस बार चुनावी साल में इस रेल लाइन के लिए बजट मिल जाएगा।
माधौगढ़ के अजय राठौर का कहना है कि जालौन समेत यह पूरा क्षेत्र रेलवे लाइन से अछूता है। उनके यहां से मुख्यालय करीब पचास किलोमीटर दूर है। यदि यह रेल लाइन बन जाती है तो इस क्षेत्र के लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि जल्द इस लाइन के लिए बजट स्वीकृत किया जाए।