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Jalaun News: कागजों पर 24 घंटे बिजली, देते मात्र चार घंटे, किसानों ने पावर हाउस घेरा
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फोटो - 07 एट पावर हाउस में एसडीओ रतनलाल चौहान को शिकायती पत्र सौंपते किसान। संवाद
एट। कागजों पर बिजली निगम 24 घंटे आपूर्ति का दावा कर रहा है, पर मिल तीन से चार घंटे रही है। इसी से खफा किसानों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा। एट क्षेत्र के धगुवा कला गांव के किसानों ने पावर हाउस पहुंचकर हंगामा किया और घेराव कर विरोध जताया। किसानों का कहना है कि पर्याप्त बिजली न मिलने से उनकी मूंग की फसल सूखने लगी है।
किसानों ने बताया कि धगुवा मौजा में करीब 25 हजार बीघा में मूंग की फसल बोई गई है, लेकिन सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही। किसान पवन निरंजन ने बताया कि इससे पहले मटर की फसल बारिश के कारण खराब हो चुकी है और अब मूंग की फसल भी बर्बादी के कगार पर है। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि 24 घंटे में महज तीन से चार घंटे ही आपूर्ति हो रही है, जबकि कागजों में पूरी बिजली दर्शाई जाती है। पावर हाउस पर फोन करने पर कर्मचारी फोन नहीं उठाते और उठाने पर अभद्र व्यवहार करते हैं।
आक्रोशित किसानों ने नारेबाजी करते हुए पावर हाउस का घेराव किया। सूचना पर पहुंचे एसडीओ रतनलाल चौहान को किसानों ने शिकायती पत्र सौंपा। एसडीओ ने बताया कि 33 हजार लाइन में मात्र 24 हजार वोल्ट ही मिल पा रहे हैं। इससे सभी फीडर एक साथ संचालित नहीं हो पाते और बारी-बारी से चलाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि एट पावर हाउस में कैपेसिटर बैंक मशीन करीब तीन साल से खराब पड़ी है। इसका काम वोल्टेज बढ़ाना होता है।
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एसडीओ के अनुसार इस संबंध में उच्च अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि जल्द ही कैपेसिटर बैंक ठीक कराकर बिजली आपूर्ति में सुधार कराया जाएगा।
घेराव के दौरान रणजीत सिंह, योगेंद्र सिंह, अशोक कुमार, राजकुमार, श्याम जी, रितेश कुमार, जितेंद्र कुमार, अनूप कुमार, सौरभ पटेल, मदन मोहन, कमल किशोर, अवध बिहारी और आनंद यादव सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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किसानों ने बताया कि धगुवा मौजा में करीब 25 हजार बीघा में मूंग की फसल बोई गई है, लेकिन सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही। किसान पवन निरंजन ने बताया कि इससे पहले मटर की फसल बारिश के कारण खराब हो चुकी है और अब मूंग की फसल भी बर्बादी के कगार पर है। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि 24 घंटे में महज तीन से चार घंटे ही आपूर्ति हो रही है, जबकि कागजों में पूरी बिजली दर्शाई जाती है। पावर हाउस पर फोन करने पर कर्मचारी फोन नहीं उठाते और उठाने पर अभद्र व्यवहार करते हैं।
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आक्रोशित किसानों ने नारेबाजी करते हुए पावर हाउस का घेराव किया। सूचना पर पहुंचे एसडीओ रतनलाल चौहान को किसानों ने शिकायती पत्र सौंपा। एसडीओ ने बताया कि 33 हजार लाइन में मात्र 24 हजार वोल्ट ही मिल पा रहे हैं। इससे सभी फीडर एक साथ संचालित नहीं हो पाते और बारी-बारी से चलाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि एट पावर हाउस में कैपेसिटर बैंक मशीन करीब तीन साल से खराब पड़ी है। इसका काम वोल्टेज बढ़ाना होता है।
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एसडीओ के अनुसार इस संबंध में उच्च अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि जल्द ही कैपेसिटर बैंक ठीक कराकर बिजली आपूर्ति में सुधार कराया जाएगा।
घेराव के दौरान रणजीत सिंह, योगेंद्र सिंह, अशोक कुमार, राजकुमार, श्याम जी, रितेश कुमार, जितेंद्र कुमार, अनूप कुमार, सौरभ पटेल, मदन मोहन, कमल किशोर, अवध बिहारी और आनंद यादव सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

फोटो - 07 एट पावर हाउस में एसडीओ रतनलाल चौहान को शिकायती पत्र सौंपते किसान। संवाद