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प्रसूता को वार्ड से निकालने में एएनएम बर्खास्त
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उरई। बाबई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसूता को वार्ड से बाहर निकालने के आरोप में सीएमओ ने संविदा एएनएम को नौकरी से बर्खास्त कर दिया। साथ ही प्रभारी चिकित्साधिकारी की एक वेतनवृद्धि रोक दी गई। इसके अलावा दूसरे डाक्टर को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है।
बता दें कि चुर्खी थाना क्षेत्र के सरसई निवासी भूपेंद्र की पत्नी सोनम को 22 जनवरी को प्रसव पीड़ा के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बाबई की एएनएम अर्चना पाल ने बाहर ले जाने की बात कहकर वार्ड से बाहर निकाल दिया था। जब उसके साथ आई महिलाएं उसे बाहर ले जा रही थी, तभी अस्पताल परिसर में ही उसे तेज दर्द होने लगा। उसके साथ आईं महिलाओं ने तब दरी तानकर प्रसव कराया।
इस मामले में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आई थी। इस खबर को अमर उजाला ने 23 जनवरी के अंक में प्रमुखता से फोटो सहित प्रकाशित किया था। शुक्रवार को सीएमओ डा. अल्पना बरतारिया के नेतृत्व में एसीएमओ डा. सत्यप्रकाश, एसीएमओ डा. बीएम खैर बाबई पीएचसी पहुंचे और जांच पड़ताल की। इसमें संविदा पर एएनएम अर्चना पाल की लापरवाही साबित हुई।
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उस पर प्रसूता को पीएचसी से निकालने, एंबुलेंस की व्यवस्था न करने, अपने सीनियर डाक्टरों को मामले से अवगत न कराने का दोषी पाकर तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। इसके अलावा प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. वीरप्रताप सिंह की वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई की गई। जबकि डा. बीएल गुप्ता को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई। सीएमओ डा. अल्पना बरतारिया ने बताया कि जांच टीम की संस्तुति पर कार्रवाई की गई है।
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बता दें कि चुर्खी थाना क्षेत्र के सरसई निवासी भूपेंद्र की पत्नी सोनम को 22 जनवरी को प्रसव पीड़ा के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बाबई की एएनएम अर्चना पाल ने बाहर ले जाने की बात कहकर वार्ड से बाहर निकाल दिया था। जब उसके साथ आई महिलाएं उसे बाहर ले जा रही थी, तभी अस्पताल परिसर में ही उसे तेज दर्द होने लगा। उसके साथ आईं महिलाओं ने तब दरी तानकर प्रसव कराया।
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इस मामले में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आई थी। इस खबर को अमर उजाला ने 23 जनवरी के अंक में प्रमुखता से फोटो सहित प्रकाशित किया था। शुक्रवार को सीएमओ डा. अल्पना बरतारिया के नेतृत्व में एसीएमओ डा. सत्यप्रकाश, एसीएमओ डा. बीएम खैर बाबई पीएचसी पहुंचे और जांच पड़ताल की। इसमें संविदा पर एएनएम अर्चना पाल की लापरवाही साबित हुई।
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उस पर प्रसूता को पीएचसी से निकालने, एंबुलेंस की व्यवस्था न करने, अपने सीनियर डाक्टरों को मामले से अवगत न कराने का दोषी पाकर तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। इसके अलावा प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. वीरप्रताप सिंह की वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई की गई। जबकि डा. बीएल गुप्ता को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई। सीएमओ डा. अल्पना बरतारिया ने बताया कि जांच टीम की संस्तुति पर कार्रवाई की गई है।