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जीत हार के बाद भी प्रत्याशी न दे पाए चुनावी खर्चा
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उरई। लोकसभा चुनाव के दौरान व्यय रजिस्टर का सत्यापन न कराने वाले प्रत्याशियों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अपर जिलाधिकारी प्रमिल कुमार की अध्यक्षता में निर्वाचन व्यय लेखा समिति की बैठक हुई। इसमें जहां कोषाधिकारी ने उपस्थित उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों को व्यय रजिस्टर भरने की जानकारी दी वहीं एडीएम ने सख्त निर्देश दिए कि सत्यापन न कराने वाले प्रत्याशियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि लोकसभा में निर्वाचन आयोग ने एक प्रत्याशी के खर्च की सीमा 70 लाख तय की थी। प्रत्याशियों के खर्च को लेकर चुनाव के दौरान प्रशासन काफी मुस्तैद नजर आया और समय-समय पर व्यय प्रेक्षक ने प्रत्याशियों के साथ बैठक कर खर्च का सत्यापन किया, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद कई प्रत्याशियों ने न तो व्यय रजिस्टर को प्रक्रिया के तहत भरा और न ही सत्यापन कराया।
व्यय खर्च सत्यापन को लेकर व्यय प्रेक्षक पल्लवी गुप्ता जल्द ही जिले में आ सकती हैं। इसे देखते हुए शुक्रवार को अपर जिलाधिकारी प्रमिल कुमार सिंह की अध्यक्षता में व्यय कमेटी के नामित अधिकारी व सभी दलों के प्रत्याशियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। मुख्य कोषाधिकारी आशुतोष चतुर्वेदी ने उम्मीदवारों को निर्वाचन व्यय रजिस्टर भरने की संपूर्ण प्रक्रिया बताई।
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एडीएम प्रमिल कुमार सिंह ने कहा कि सभी पांचों उम्मीदवार निर्वाचन व्यय रजिस्टर के सभी भाग, सार, विवरण एवं सभी व्यय वाउचर सहित 22 जून तक जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करें। अन्यथा की स्थिति में उम्मीदवार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि व्यय रजिस्टर जमा न करने वाले प्रत्याशी पर निर्वाचन आयोग की नियमावली के तहत आगामी विधानसभा व लोकसभा चुनाव लड़ने में रोक लगा दी जाएगी। तीन साल के लिए प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
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बता दें कि लोकसभा में निर्वाचन आयोग ने एक प्रत्याशी के खर्च की सीमा 70 लाख तय की थी। प्रत्याशियों के खर्च को लेकर चुनाव के दौरान प्रशासन काफी मुस्तैद नजर आया और समय-समय पर व्यय प्रेक्षक ने प्रत्याशियों के साथ बैठक कर खर्च का सत्यापन किया, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद कई प्रत्याशियों ने न तो व्यय रजिस्टर को प्रक्रिया के तहत भरा और न ही सत्यापन कराया।
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व्यय खर्च सत्यापन को लेकर व्यय प्रेक्षक पल्लवी गुप्ता जल्द ही जिले में आ सकती हैं। इसे देखते हुए शुक्रवार को अपर जिलाधिकारी प्रमिल कुमार सिंह की अध्यक्षता में व्यय कमेटी के नामित अधिकारी व सभी दलों के प्रत्याशियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। मुख्य कोषाधिकारी आशुतोष चतुर्वेदी ने उम्मीदवारों को निर्वाचन व्यय रजिस्टर भरने की संपूर्ण प्रक्रिया बताई।
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एडीएम प्रमिल कुमार सिंह ने कहा कि सभी पांचों उम्मीदवार निर्वाचन व्यय रजिस्टर के सभी भाग, सार, विवरण एवं सभी व्यय वाउचर सहित 22 जून तक जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करें। अन्यथा की स्थिति में उम्मीदवार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि व्यय रजिस्टर जमा न करने वाले प्रत्याशी पर निर्वाचन आयोग की नियमावली के तहत आगामी विधानसभा व लोकसभा चुनाव लड़ने में रोक लगा दी जाएगी। तीन साल के लिए प्रतिबंध लगाया जा सकता है।