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Jalaun News: 50 हजार की आबादी के सामने छाया 14 घंटे बिजली संकट
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आटा। अचानक 33 केवी लाइन ब्रेकडाउन हो गई। जिससे बिजली उपकेंद्र से जुड़े 14 गांव की आपूर्ति ठप हो गई।
बिजली न आने से पानी से लेकर खेती किसानी में परेशानी हुई। दोपहर के बाद जैसे-तैसे बिजली आई। वैसे फिर से फाल्ट होने से चली गई।
बुधवार की रात एक बजे 33 केवी लाइन ब्रेकडाउन होने से आटा बिजली उपकेंद्र से आटा, चमारी, पिपरायां, भभुआ, तगारेपुर, पांडेयपुर, संदी, अकोढ़ी, जोरखेरा व लैकूपुरवा आदि गांवो की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बिजली न आने से कस्बा के साथ जुड़े गांव में पानी की समस्या हुई। आटा कस्बे में लगे अधिकतर सरकारी हैंडपंप खराब हैं।
बिजली संकट की वजह से पानी के लिए लोग यहां-वहां भटकते रहे। बिजली न आने से किसानों को सिचाई के लिए भी परेशान होने पड़ा। 12 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई समाधान नहीं हो सका। गुरुवार की दोपहर एक बजे फाल्ट ठीक हो सका। इसके बाद आटा फीडर के लिए गई 11 हजार की लाइन में फाल्ट आ गया। जिससे करीब पांच बजे बिजली आ सकी।
उरई। बिजली न आने से शहरी खूब परेशान हुए। लुकाछुपी के साथ देर रात तक आठ घंटे बिजली गुल रही। रात के चलते लोग ज्यादा परेशान नहीं हुए। लेकिन दिन में लोग बिजली के लिए परेशान हुए। मौसम बदलने के साथ बिजली व्यवस्था में सुधार आया था, लेकिन फिर से बिजली रुलाने लगी। गुरुवार को भी बिजली न आने से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं चल सके। पानी के लिए भी लोग परेशान हुए। करीब तीन घंटे के बाद बिजली आ सकी।
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बिजली न आने से पानी से लेकर खेती किसानी में परेशानी हुई। दोपहर के बाद जैसे-तैसे बिजली आई। वैसे फिर से फाल्ट होने से चली गई।
बुधवार की रात एक बजे 33 केवी लाइन ब्रेकडाउन होने से आटा बिजली उपकेंद्र से आटा, चमारी, पिपरायां, भभुआ, तगारेपुर, पांडेयपुर, संदी, अकोढ़ी, जोरखेरा व लैकूपुरवा आदि गांवो की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बिजली न आने से कस्बा के साथ जुड़े गांव में पानी की समस्या हुई। आटा कस्बे में लगे अधिकतर सरकारी हैंडपंप खराब हैं।
बिजली संकट की वजह से पानी के लिए लोग यहां-वहां भटकते रहे। बिजली न आने से किसानों को सिचाई के लिए भी परेशान होने पड़ा। 12 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई समाधान नहीं हो सका। गुरुवार की दोपहर एक बजे फाल्ट ठीक हो सका। इसके बाद आटा फीडर के लिए गई 11 हजार की लाइन में फाल्ट आ गया। जिससे करीब पांच बजे बिजली आ सकी।
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उरई। बिजली न आने से शहरी खूब परेशान हुए। लुकाछुपी के साथ देर रात तक आठ घंटे बिजली गुल रही। रात के चलते लोग ज्यादा परेशान नहीं हुए। लेकिन दिन में लोग बिजली के लिए परेशान हुए। मौसम बदलने के साथ बिजली व्यवस्था में सुधार आया था, लेकिन फिर से बिजली रुलाने लगी। गुरुवार को भी बिजली न आने से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं चल सके। पानी के लिए भी लोग परेशान हुए। करीब तीन घंटे के बाद बिजली आ सकी।
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