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ास्को एक्ट के दोषी को 12 साल की कैद

Sun, 21 Nov 2021 11:21 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 21 Nov 2021 11:21 PM IST
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12 years in prison for rape
उरई। पॉक्सो एक्ट कोर्ट ने दुष्कर्म के मामले में दोषी युवक को 12 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने दोषी पर बीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दोषी को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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जिला शासकीय अधिवक्ता लखन निरंजन ने बताया गया कि शहर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी एक पिता ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी बेटी 16 मार्च 2016 को छत पर सो रही थी, तभी शहर के मोहल्ला पाठकपुरा निवासी करन सिंह पुत्र दिलीप कुमार वर्मा ने घर में घुसकर दुष्कर्म किया। शोरगुल सुनकर मोहल्ले के लोगों ने युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। तबसे युवक जेल में ही था।
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पिता की तहरीर पर पुलिस ने युवक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में मुकदमा पंजीकृत कर लिया था। मामले की विवेचना तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक आलोक सक्सेना ने की थी। विवेचना के बाद प्रभारी निरीक्षक द्वारा आरोपी युवक के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया गया था। जिसका मामला न्यायालय एडीजे स्पेशल पॉक्सो एक्ट विजय बहादुर सिंह कोर्ट में चल रहा था।
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शनिवार को अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद आरोप सिद्ध होने पर न्यायाधीश ने दोषी युवक को सजा सुनाते हुए 20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर पांच माह की अतिरिक्त सजा और भुगतनी होगी। पीड़ित पक्ष की ओर से पैरवी शासकीय अधिवक्ता ब्रजराज सिंह ने की।
उरई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला कारागार में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में प्राधिकरण सचिव रेनू यादव ने बंदियों को समयपूर्व रिहाई और अधिकारों के बारे में जानकारी दी। बताया कि सात वर्ष तक की सजा से संबंधित मामलों में अभियुक्त पीड़ित पक्ष को क्षतिपूर्ति देकर समझौता
करके अपने कम से कम सजा या न्यायालय में जुर्माना अदा कर निस्तारित करा सकते हैं। इस प्रक्रिया को प्री बारगेनिंग का नाम दिया गया है। इस प्रकार के समझौते का लाभ उन अभियुक्तों को नहीं मिलेगा जिनके खिलाफ महिला व बच्चे अथवा राष्ट्र के विरुद्ध आपराधिक मामले दर्ज है। इस दौरान कारापाल सुनीत कुमार, हौशिला देवी, अश्वनी मिश्रा,रामनारायण शिवहरे, प्रतापभान, अनुज आदि मौजूद रहे। (संवाद)
महेवा। हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे वृद्ध की उपचार के दौरान 19 नवंबर को पीजीआई लखनऊ में मौत हो गई। शनिवार को शव गांव पहुंचा तो घर में कोहराम मच गया। रविवार सुबह परिजनों

ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। सिरसाकलार थानाक्षेत्र के पिथऊपुर निवासी लक्ष्मण सिंह (60) हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे। फतेहगढ़ जेल में 24 अक्तूबर को कैदी की हालत बिगड़ गई थी। कानपुर हैलट में इलाज के बाद 24 अक्तूबर को वृद्ध को फिर से जेल भेज दिया गया था। चार नवंबर को तबीयत बिगड़ने पर पीजीआइ लखनऊ भेजा गया था।
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