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दो साल बाद भी नहीं मिली 45 दिन की मजदूरी, नारेबाजी
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माधौगढ़ (जालौन)। कोतवाली क्षेत्र के मजरा इकहरा के आधा सैकड़ा ग्रामीणों ने प्रधान व सचिव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप है कि दो दर्जन मजदूरों का 45 दिन का भुगतान दो वर्ष बाद भी नहीं दिया गया है जिससे मजदूर भुखमरी पर पहुंच गए है। उन्होंने गांव में विकास कार्यों में उदासीनता बरतने का भी आरोप लगाया है।
ग्रामीण नरेंद्र, अमित, रामकेश, आशीष, हरगोविंद, अजय, महेंद्र, भानू, जगदीश, चतुरा, रामजी, भानुप्रताप, केशकली, सीमा, किरन, मालती आदि ग्रामीणों ने प्रधान रवींद्र प्रजापति व सचिव पवन तिवारी के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप है कि दो दर्जन मजदूरों ने दो साल पहले माता मंदिर पर काम किया था। इसमें डेढ़ माह का भुगतान अब तक लटका हुआ है।
इससे मजदूर भुखमरी की कगार पर आ गए है। इन लोगों ने प्रधान व सचिव पर विकास कार्यों में भी उदासीनता का आरोप लगाया। कहा कि गांव में लगे 18 हैंडपंप में 8 खराब पड़े हैं। आंगनबाड़ी, प्राथमिक विद्यालयों में लगे हैंडपंप खराब पड़े है। मिनी सचिवालय की न पुताई, सफाई की गई। ग्रामीणों का कहना है कि उच्चधिकारियों से शिकायत के बावजूद भी जांच करने कोई नहीं आया है। ग्रामीणों का कहना है कि लोकसभा चुनाव के दौरान आने वाले अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से शिकायत की जाएगी। बाद में ग्रामीणों ने एसडीएम को जाकर प्रार्थनापत्र दिया, उन्होंने जांच कर कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
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ग्रामीण नरेंद्र, अमित, रामकेश, आशीष, हरगोविंद, अजय, महेंद्र, भानू, जगदीश, चतुरा, रामजी, भानुप्रताप, केशकली, सीमा, किरन, मालती आदि ग्रामीणों ने प्रधान रवींद्र प्रजापति व सचिव पवन तिवारी के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप है कि दो दर्जन मजदूरों ने दो साल पहले माता मंदिर पर काम किया था। इसमें डेढ़ माह का भुगतान अब तक लटका हुआ है।
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इससे मजदूर भुखमरी की कगार पर आ गए है। इन लोगों ने प्रधान व सचिव पर विकास कार्यों में भी उदासीनता का आरोप लगाया। कहा कि गांव में लगे 18 हैंडपंप में 8 खराब पड़े हैं। आंगनबाड़ी, प्राथमिक विद्यालयों में लगे हैंडपंप खराब पड़े है। मिनी सचिवालय की न पुताई, सफाई की गई। ग्रामीणों का कहना है कि उच्चधिकारियों से शिकायत के बावजूद भी जांच करने कोई नहीं आया है। ग्रामीणों का कहना है कि लोकसभा चुनाव के दौरान आने वाले अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से शिकायत की जाएगी। बाद में ग्रामीणों ने एसडीएम को जाकर प्रार्थनापत्र दिया, उन्होंने जांच कर कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
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