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575 ग्राम पंचायतों में खुलेंगी 336 अस्थायी गोशालाएं
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उरई। अन्ना समस्या से जिले के किसानों को निजात दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने मुहिम तेज कर दी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 336 अस्थायी गो संरक्षण केंद्र की स्थापना की जाएदी। इसमें से कुछ केंद्रों को अस्थायी तौर पर खोल दिया गया है वहीं जल्द ही इन गोशालाओं को और विकसित किया जाएगा। जिससे जिले में अन्ना समस्या से किसानों को पूर्णता मुक्ति मिल जाएगी।
बता दें कि जिले का किसान इस समय अन्ना समस्या से बुरी तरह परेशान है। स्थिति यह है कि किसान भीषण सर्दी में रात-रात भर जाग कर खेतों की रखवाली कर रहा है। इसके बावजूद वह अपनी फसल को नहीं बचा पा रहा है। आएदिन जिले के किसी न किसी क्षेत्र में अन्ना कहर बरपाकर किसानों की फसल को नष्ट कर रहे हैं और किसान सिर्फ मजबूर नजर खड़े नजर आ रहे है।
किसानों की इस समय को देखते हुए जिला प्रशासन ने इसके लिए बड़ी गोशालाओं के साथ साथ अब ग्राम स्तर पर ही इस समस्या के निदान की पहल तेज कर दी है। जिसमें जिला प्रशासन ने जिले की सभी 575 ग्राम पंचायतों में अन्ना समस्या के लिए 336 अस्थायी गोशालाएं व गो संरक्षण केंद्र बनाने की कवायद तेज कर दी है। अपर जिलाधिकारी प्रमिल कुमार ने बताया कि गो संरक्षण के लिए ग्राम स्तर पर गोशालाओं का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है।
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जिससे जिले में अन्ना की समस्या पूर्णता खत्म हो जाएगी और किसानों की इस परेशानी से मुक्ति मिलेगी। अन्ना समस्या से निजात पाने के लिए जहां एक ओर जिला प्रशासन नई गोशालाएं बना रहे हैं वहीं पुरानी गोशालाओं की क्षमता वृद्धि पर भी जोर दिया जा रहा है। अपर जिलाधिकारी प्रमिल कुमार सिंह ने बताया कि इसके लिए शासन 64.50 रुपये का बजट भी दिया है। जिससे करीब 50 प्रतिशत तक कार्य पूर्ण भी कर लिया गया है। जल्द ही 100 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। इससे जिले में करीब पुरानी गोशालाओं में 400 पशुओं के रखने की क्षमता बढ़ेगी।
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बता दें कि जिले का किसान इस समय अन्ना समस्या से बुरी तरह परेशान है। स्थिति यह है कि किसान भीषण सर्दी में रात-रात भर जाग कर खेतों की रखवाली कर रहा है। इसके बावजूद वह अपनी फसल को नहीं बचा पा रहा है। आएदिन जिले के किसी न किसी क्षेत्र में अन्ना कहर बरपाकर किसानों की फसल को नष्ट कर रहे हैं और किसान सिर्फ मजबूर नजर खड़े नजर आ रहे है।
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किसानों की इस समय को देखते हुए जिला प्रशासन ने इसके लिए बड़ी गोशालाओं के साथ साथ अब ग्राम स्तर पर ही इस समस्या के निदान की पहल तेज कर दी है। जिसमें जिला प्रशासन ने जिले की सभी 575 ग्राम पंचायतों में अन्ना समस्या के लिए 336 अस्थायी गोशालाएं व गो संरक्षण केंद्र बनाने की कवायद तेज कर दी है। अपर जिलाधिकारी प्रमिल कुमार ने बताया कि गो संरक्षण के लिए ग्राम स्तर पर गोशालाओं का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है।
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जिससे जिले में अन्ना की समस्या पूर्णता खत्म हो जाएगी और किसानों की इस परेशानी से मुक्ति मिलेगी। अन्ना समस्या से निजात पाने के लिए जहां एक ओर जिला प्रशासन नई गोशालाएं बना रहे हैं वहीं पुरानी गोशालाओं की क्षमता वृद्धि पर भी जोर दिया जा रहा है। अपर जिलाधिकारी प्रमिल कुमार सिंह ने बताया कि इसके लिए शासन 64.50 रुपये का बजट भी दिया है। जिससे करीब 50 प्रतिशत तक कार्य पूर्ण भी कर लिया गया है। जल्द ही 100 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। इससे जिले में करीब पुरानी गोशालाओं में 400 पशुओं के रखने की क्षमता बढ़ेगी।