भैंस चोरी मामले में निर्दोष को भेजा जेल?
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...तो क्या रामपुर पुलिस ने नगर विकास मंत्री आजम खां की भैंस चुराने के आरोप में जिसे जेल भेजा है, वो निर्दोष हैं? यह सवाल इटावा जिले के बकेवर थाने की पुलिस की ओर से वाहन लूटने की योजना बनाने के आरोप में गिरफ्तार इख्तियार के आजम खां की भैंसें चुराने की घटना कबूलने के बाद उठने लगा है।
हालांकि, रामपुर के पुलिस इख्तियार के दावों को गलत बता रहे हैं।
गौरतलब है कि इटावा के बकेवर थाना की पुलिस ने बृहस्पतिवार रात वाहन लूटने की योजना बनाने के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया। इसमें एक आरोपी इख्तियार रामपुर के बरेली गेट का रहने वाला है। उसने इटावा पुलिस के सामने कबूल किया है कि आजम खां की पशुशाला से 31 जनवरी की रात उनकी भैंसें चुराई थीं।
पुलिस पर सवालिया निशान
इस कबूलनामे के बाद रामपुर पुलिस की भूमिका पर सवालिया निशान लग गए हैं। रामपुर पुलिस पहले ही इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। कोतवाली पुलिस दो भाइयों समेत पांच लोगों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दायर कर चुकी है।
यह सवाल उठने लगा है कि क्या रामपुर पुलिस ने निर्दोष लोगों को जेल भेज दिया था। वहीं, सीओ सिटी आले हसन खां का कहना है कि इटावा में जो आरोपी गिरफ्तार किया गया है वह झूठ बोल रहा है।
क्या है मामला
31 जनवरी की रात में शहर कोतवाली क्षेत्र के पसियापुरा स्थित नगर विकास मंत्री आजम खां की पशुशाला से सात भैंसें चोरी हो गई थीं। पूरे जिले की पुलिस भैंस बरामदगी में लगी थी। चंद घंटे बाद ही पुलिस ने भैंसें बरामद कर ली।
आनन-फानन में चौकीदार काशीपुर गांव निवासी रईस दूल्हा की ओर से शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने तीन मार्च को घेर आजम खां निवासी शन्नू को मय चरस गिरफ्तार दिखाया।
उसकी निशानदेही पर पुलिस ने मुरादाबाद के मूंढापांडे थाना क्षेत्र के खाईखेड़ा निवासी संजय सैनी और उसके भाई तेजू सैनी को गिरफ्तार कर लिया था। बाद में घुननन सैनी, भोट थाना क्षेत्र के इंड्रा गांव निवासी कलुवा को गिरफ्तार किया।