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भारतीय मुसलमानों की पाकिस्तान को नसीहत
लखनऊ/ब्यूरो
Updated Wed, 30 Jan 2013 08:44 AM IST
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शाहरुख खान के बयान पर उठे विवाद और पाकिस्तान के गृहमंत्री रहमान मलिक की सलाह पर देश के मुसलमानों ने कड़ी आपत्ति जताई है। सभी ने एक स्वर में कहा है कि शाहरुख खान के बयान पर संजीदा होने की जरूरत नहीं है और हिन्दुस्तान में मुसलमानों को पूरा सम्मान मिल रहा है। इसके साथ बुद्घिजीवियों ने पाकिस्तान को नसीहत भी दी है। उन्होंने कहा कि जो देश खुद अपने लोगों की हिफाजत नहीं कर सकता वह किसी और राष्ट्र के नागरिकों की सुरक्षा की चिंता न करे।
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खुद अपनी सुरक्षा की करें चिंता
वरिष्ठ धर्मगुरु मौलाना आगा रूही ने कहा कि दाऊद को पनाह देने वाला पाकिस्तान अपना मुंह बंद रखे। शाहरुख व किसी भारतीय की चिंता न करे। अपने देश में आतंकियों को पनाह देने वाला मुल्क किसी की हिफाजत नहीं कर सकता। रहमान मलिक को चाहिए कि कराची में रह रहे दाऊद और अन्य आतंकियों की हिफाजत करते हुए अपनी सुरक्षा की चिंता करें, क्योंकि सत्ता से हटने के बाद पाकिस्तान में कोई महफूज नहीं रहता। शाहरुख के बयान पर उठ रहे विवाद पर संजीदा होने की जरूरत नहीं है।
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हिन्दुस्तान में मुसलमानों को बराबर का सम्मान
ऐशबाग ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली कस कहना है कि अगर सच में शाहरुख ने ऐसा बयान दिया है तो निंदनीय है, क्योंकि हिन्दुस्तान में मुसलमान पूरे सम्मान के साथ व आजादी से हैं। उसे किसी पाकिस्तानी नेता के हमदर्दी की जरूरत नहीं है। पाकिस्तान पहले खुद अपने मुल्क के अंदर चल रहे मामलों को सही करे फिर किसी दूसरे देश व शाहरुख को लेकर चिंतित हो। शाहरुख ही नहीं देश का हर मुसलमान पाकिस्तानी मुसलमानों से बेहतर है।
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अपनी बेटियों की करे हिफाजत पाकिस्तान
मुसलिम महिला आंदोलन की अध्यक्ष नाईश हसन ने कहा कि जो देश मलाला जैसी बच्ची की हिफाजत करने में नाकाम है, वह शाहरुख जैसे स्टार की क्या हिफाजत करेगा। पहले पाकिस्तान अपनी बेटियों की हिफाजत करे और फिर किसी की चिंता करे। भारतीय सैनिकों के सिर काटने की जालिमाना हरकत करने वाले पाकिस्तान के किसी नेता का हमदर्दी जताना साजिश का एक बड़ा हिस्सा है। ऐसे बयान पर हम भारतीयों को चिंता की जरूरत नहीं। शाहरुख खान को खुद ही इस तरह के बयान का मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए।
बयान को तूल देने वाले अपने देश में झांकें
मोमिन अंसार सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद अकरम अंसारी ने कहा कि शाहरुख के बयान को पाकिस्तान की सरकार व किसी संगठन द्वारा तूल दिया जाना निंदनीय है। भारत में शाहरुख की हिफाजत के साथ उनके चाहने वाले करोड़ों शुभचिंतक हैं। पाकिस्तान के गृहमंत्री व लश्कर जैसे संगठनों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। इस देश में मुसलमान पाकिस्तान से ज्यादा खुशहाल व आजाद हैं। चिंता जताने वाले अपने मुल्क के हालात पर ध्यान दें तो बेहतर होगा।
यह था शाहरुख का बयान
शाहरुख खान ने पिछले दिनों एक मैगजीन को दिए इंटरव्यू में कहा था कि भारत में मुसलमान होने की कुछ समस्याएं भी हैं। उन्होंने इंटरव्यू में कहा था, ‘मैं कभी-कभी बेवजह नेताओं के निशाने पर होता हूं। वे समझते हैं कि भारत में मुसलमानों के साथ जो भी गलत और राष्ट्रविरोधी है, मैं उसका प्रतीक हूं। मुझ पर कई बार आरोप लगे हैं कि मैं अपने देश से ज्यादा पड़ोसी देश के प्रति अधिक भावनाएं रखता हूं।’
इस बयान के ठीक बाद लश्कर चीफ हाफिज सईद ने शाहरुख को पाकिस्तान में बस जाने की सलाह दी थी। उधर, पाकिस्तान के गृहमंत्री रहमान मलिक ने शाहरुख खान के बयान से पैदा हुए विवाद में अपने को शामिल करते हुए कहा कि भारत सरकार को अभिनेता को सुरक्षा मुहैया करानी चाहिए।