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गुमनामी बाबा की पहचान को कमेटी बनाएं: हाईकोर्ट
लखनऊ/ब्यूरो
Updated Thu, 31 Jan 2013 10:57 PM IST
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हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के रूप में चर्चित फैजाबाद के गुमनामी बाबा उर्फ भगवानजी की पहचान की जांच के लिए हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में विशेषज्ञों व आला अफसरों की एक समिति गठित करने पर गौर करने के निर्देश राज्य सरकार को दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि रामभवन में रहने वाले गुमनामी बाबा (जिनका निधन 18 सितंबर 1985 को हुआ था) की पहचान के लिए समिति बनाने का निर्णय तीन माह में लिया जाए।
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अदालत ने राज्य सरकार को यह भी निर्देश दिया है कि गुमनामी बाबा से संबंधित वस्तुओं व अन्य प्राचीन सामग्री को वैज्ञानिक ढंग से रखने के लिए फैजाबाद या अयोध्या में योग्य व्यक्ति की देखरेख में संग्रहालय बनाने पर विचार करे। साथ ही कोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकार से कहा है कि गुमनामी बाबा संबंधी जो चीजें मुखर्जी आयोग ने ली थीं, उन्हें वापस लेकर फैजाबाद के कोषागार में रखा जाए।
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कोर्ट ने सरकार से इस फैसले के बाबत किए जाने वाले निर्णय संबंधी रिपोर्ट चार माह में तलब की है। साथ ही फैसले की प्रति दो हफ्ते में मुख्य सचिव को पालन के लिए भेजने के निर्देश दिए है। बृहस्पतिवार को न्यायमूर्ति देवी प्रसाद सिंह व न्यायमूर्ति वीरेंद्र कुमार दीक्षित की खंडपीठ ने यह फैसला करीब 26 साल पहले नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भतीजी ललिता बोस व अन्य द्वारा दायर दो याचिकाओं को मंजूर कर सुनाया।
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