यूपीः बाढ़ प्रभावित इलाकों में हालात खराब, सरकार बेसुध
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गंगा में लगातार जलस्तर बढ़ने के कारण वाराणसी और उससे जुड़े इलाकों में हालात लगातार मुश्किल होते जा रहे हैं। जबकि आजमगढ़ में घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण हजारों की आबादी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कवायद शुरू हो गई है।
वाराणसी में बाढ़ के कारण स्थिति लगातर भयावह होती जा रही है, बाढ़ का पानी बड़ी आबादी वाले इलाकों में घुसने के कारण लोगों का जीना मुहाल हो गया है। इसके चलते लोगों को खाने पीने के सामान की किल्लत होने लगी है।
प्रशासन ने एहतियातन कई स्कूलों को भी बंद करवा दिया है। इसके अलावा वरुणा नदी का जल स्तर बढने के कारण वाराणसी–काशी के मध्य पुल संख्या 23 के नीचे मिट्टी का कटाव होने के कारण वाराणसी–मुगलसराय के मध्य ट्रेनों के संचालन पर फिलहाल स्थायी रोक लगा दी गई है।
बनारस में रिहायशी इलाकों में लगातार बढ़ रहा पानी, लोग हलकान
दूसरी ओर शहरी इलाके में तीन दिनों से पानी में घिरे लोग बिना पानी के बिलबिला उठे हैं। लोगों की शिकायत है कि प्रशासन उनकी कोई सुध नहीं ले रहा। आलम ये है कि लोग कहीं तिरपाल के तले जीवन काट रहे हैं तो कहीं घरों की छत पर बैठकर जैसे तैसे पानी उतरने का इंतजार कर रहे हैं।
सबसे बड़ी दिक्कत पीने के पानी की है जो लोगों को मिलना मुश्किल हो रहा है। लोगों ने खाने पीने का सामान तो जैसे तैसे स्टाक कर लिया था लेकिन पीने का साफ पानी न मिलने के कारण बीमार होने की आशंका बढ़ गई है। बाढ़ के पानी के कारण ज्यादातर बोरिंग गंदा पानी दे रहे हैं।
लोगों की शिकायत है कि प्रशासन इस दिशा में कोई प्रयास नहीं कर रहा है। जैसे तैसे एनडीआरएफ के लोग ही अपने स्तर पर लोगों को मदद मुहैया करा रहे हैं। क्षेत्र के डोमरी, सूजाबाद, नगवां, रमना, ढेलवरिया, नक्खीघाट, सरैया, चौकाघाट, कोनिया, हुकुलगंज, पैगम्बरपुर, सलारपुर, रूपनपुर, ढाब, गोबरहा, रमचंदीपुर, पिपरी, धौरहरा, हरिहरपुर, लक्ष्मी सिंहपुर, भगवानपुरखुर्द तथा रौनाकलां आदि इलाके बाढ़ से प्रभावित है।
आजमगढ़ में भी हालात खराब
लोगों को यहां से निकालकर सुरक्षित ठिकानों की ओर ले जाया जा रहा है। वहीं प्रशासन ने बताया कि पानी का दबाव घटने के बाद मंगलवार सुबह ओबरा डैम का एक फाटक बंद कर दिया गया है। बाकी खुले पांच फाटकों से भी पानी छोड़े जाने की क्षमता आधी कर दी गई है। दोपहर तक और फाटक बंद किए जा सकते हैं जिससे बाढ़ में राहत मिलने की उम्मीद है।
दूसरी ओर आजगढ़ में भी बाढ़ के कारण हालात खराब हैं। जिले में घाघरा का जलस्तर घटने के बाद हरैया ब्लॉक के नदी किनारे बसे गांव मुराली में भी कटान जारी है। दूसरी ओर ग्रामीण इलाकों में गंदगी से संक्रामक बीमारियां फैलने की भी आशंका खड़ी हो गई है।
वहीं वाराणसी के शैलपुत्री इलाके में लोगों से भरी नाव पलटने से हड़कंप मच गया। नाव में 17 लोग सवार थे, बताया जाता है कि नाव की क्षमता दस लोगों की थी जिसमें ज्यादा लोग सवार हो गए। हालांकि सबको सुरक्षित बचा लिया गया।