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लक्ष्य से 27 फीसदी ही हुई गेहूं खरीद

Sat, 04 Jun 2016 11:48 PM IST
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 04 Jun 2016 11:48 PM IST
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Wheat procurement target was 27 per cent
मंडी में सूना पड़ा गेहूं क्रय केंद्र। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
हाथरस। गेहूं की सरकारी खरीद के मामले में यह जिला बेहद पिछड़ गया है। खरीद का समय खत्म होने के कगार पर पहुंच गया है, लेकिन जिले में अभी तक सभी गेहूं क्रय केंद्रों पर जिला प्रशासन लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ 27 प्रतिशत ही गेहूं खरीद सका है। प्राइवेट कंपनियों के मैदान में उतरने से सरकार का लक्ष्य के मुकाबले गेहूं खरीदने का सपना एक बार फिर बिखर गया है। प्राइवेट कंपनियों से मिली त्वरित नकद भुगतान और दूसरी सुविधाओं ने किसानों को सरकारी क्रय केंद्रों से मुंह मोड़ने पर मजबूर कर दिया। यही नहीं इन हालात के लिए सरकारी एजेंसियों की लापरवाही भी कम जिम्मेदार नहीं रही है। क्रय केंद्रों के कर्मियों ने शायद ही यह प्रयास किया कि किसान उनके यहां गेहूं बेचने आएं। अगर गलती से किसान सरकारी क्रय केंद्र पर पहुंच भी जाता है तो वहां उसके साथ ऐसा व्यवहार किया जाता है और उसकी फसल पर इतनी आपत्तियां लगाई जाती हैं कि वह उल्टे पांव लौटने पर मजबूर हो जाता है। अगर वहां गेहूं खरीद भी लिया जाए तो त्वरित भुगतान भी नहीं मिलता।
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फिलहाल स्थिति यह है कि पूरे जिले में सरकारी क्रय केंद्रों पर इक्का-दुक्का किसान ही गेहूं बेचने पहुंच रहे हैं। इसके बावजूद जिला प्रशासन ने 15 जून तक गेहूं क्रय केंद्रों का संचालन जारी रखने का निर्णय लिया है। इन हालात में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) स्रद्ध योजनाओं का संचालन करने के लिए बाहर से गेहूं मंगवाना सरकार की मजबूरी होगी। गौरतलब है कि रबी की फसल पर शासन ने जिले में 35 हजार एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया था, जिससे किसानों को रबी की फसल पर उनके गेहूं की फसल का उचित मूल्य प्राप्त हो सके, लेकिन जिले में गेहूं खरीद को लेकर जिला प्रशासन ने गेहूं क्रय केंद्रों की व्यवस्थाओं को चुस्त दुरुस्त रखने में कोई रुचि ही नहीं दिखाई, जबकि मंडी के रिकॉर्ड पर भरोसा करें तो पिछले साल से कई गुना गेहूं मंडी में बिका है, जो सरकारी क्रय केंद्रों के कर्मियों की सुस्ती बयां करने के लिए काफी है। विभागीय जानकारों की मानें तो जिले को 35 एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन जिले में संचालित किए गए 54 गेहूं क्रय केंद्रों पर मात्र 9,326 एमटी गेहूं की खरीद हो सकी है।
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गेहूं खरीद का का लक्ष्य 35 हजार एमटी निर्धारित था। लेकिन अब तक 9,326 एमटी गेहूं खरीद हो सकी है। गेहूं खरीद अभी 15 जून तक संचालित रहेगी। यह बात सही है कि किसान सरकारी क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने कम पहुंच रहे हैं। हो सकता है कि प्राइवेट कंपनियां उन्हें सरकार से ज्यादा सुविधाएं दे रही हों।
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नरेंद्र सिंह, खाद्य विपणन अधिकारी 
 
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