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Hathras News: आढ़तियों के यहां गेहूं के ढेर, क्रय केंद्र सूने
Fri, 28 Mar 2025 11:40 PM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Fri, 28 Mar 2025 11:40 PM IST
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मंडी में आड़त पर बिकता गेहूं। संवाद
- फोटो : samvad
अलीगढ़ रोड स्थित मंडी समिति में गेहूं की आवक शुरू हो गई है। आढ़तियों के यहां दाम अच्छा होने की वजह से किसान अपना गेहूं उनके यहां ही बेच रहे हैं। क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
शुक्रवार को मंडी में गेहूं का भाव करीब 2450 रुपये प्रति क्विंटल रहा, जबकि सरकार ने 2425 रुपये क्विंटल गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया है। इस तरह आढ़तियों के यहां किसानों को 25 रुपये प्रति क्विंटल ज्यादा कीमत मिल रही है और भुगतान भी नकद मिल रहा है।
इस वर्ष जिले में करीब 81 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की फसल उगाई गई है। जिले में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो चुकी है। गेहूं की खरीद के लिए जिले में 64 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। मंडी में गेहूं की आवक भी शुरू हो गई है।
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शुक्रवार को मंडी में गेहूं का भाव करीब 2450 रुपये प्रति क्विंटल रहा। अपनी उपज बेचने आए किसानों का कहना था कि आढ़तियों के यहां भाव सरकारी क्रय केंद्र की तुलना में अच्छा रहता है। साथ ही भुगतान का भी कोई झंझट नहीं रहता है, इसलिए वह आढ़तियों के यहां अपनी उपज बेचना पसंद करते हैं।
-
बातचीत-
गेहूं की फसल पक चुकी है। काफी किसानों ने इसकी कटाई भी शुरू कर दी है। मंडी में इसका भाव सरकारी क्रय केंद्र से अधिक रहता है, इसलिए हम मंडी में ही अपनी उपज बेचते हैं।
- कन्हैया, किसान, गिजरौली।
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हमने गेहूं की फसल उगाई है। मंडी में भुगतान का कोई झंझट नहीं होता है, इसलिए हम अपनी उपज मंडी में ही बेचते हैं। यहां भुगतान सरकारी केंद्र से ज्यादा और नकद मिल जाता है।
- लक्ष्मण सिंह, किसान, झींगुरा।
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वर्जन-
अभी फसल की कटाई शुरू ही हुई है। हम लगातार किसानों से अपनी उपज सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचने के लिए संपर्क कर रहे हैं। जल्द ही सरकारी क्रय केंद्रों पर भी गेहूं पहुंचने लगेगा।
- शिशिर कुमार, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी हाथरस।
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शुक्रवार को मंडी में गेहूं का भाव करीब 2450 रुपये प्रति क्विंटल रहा, जबकि सरकार ने 2425 रुपये क्विंटल गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया है। इस तरह आढ़तियों के यहां किसानों को 25 रुपये प्रति क्विंटल ज्यादा कीमत मिल रही है और भुगतान भी नकद मिल रहा है।
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इस वर्ष जिले में करीब 81 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की फसल उगाई गई है। जिले में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो चुकी है। गेहूं की खरीद के लिए जिले में 64 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। मंडी में गेहूं की आवक भी शुरू हो गई है।
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शुक्रवार को मंडी में गेहूं का भाव करीब 2450 रुपये प्रति क्विंटल रहा। अपनी उपज बेचने आए किसानों का कहना था कि आढ़तियों के यहां भाव सरकारी क्रय केंद्र की तुलना में अच्छा रहता है। साथ ही भुगतान का भी कोई झंझट नहीं रहता है, इसलिए वह आढ़तियों के यहां अपनी उपज बेचना पसंद करते हैं।
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बातचीत-
गेहूं की फसल पक चुकी है। काफी किसानों ने इसकी कटाई भी शुरू कर दी है। मंडी में इसका भाव सरकारी क्रय केंद्र से अधिक रहता है, इसलिए हम मंडी में ही अपनी उपज बेचते हैं।
- कन्हैया, किसान, गिजरौली।
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हमने गेहूं की फसल उगाई है। मंडी में भुगतान का कोई झंझट नहीं होता है, इसलिए हम अपनी उपज मंडी में ही बेचते हैं। यहां भुगतान सरकारी केंद्र से ज्यादा और नकद मिल जाता है।
- लक्ष्मण सिंह, किसान, झींगुरा।
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वर्जन-
अभी फसल की कटाई शुरू ही हुई है। हम लगातार किसानों से अपनी उपज सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचने के लिए संपर्क कर रहे हैं। जल्द ही सरकारी क्रय केंद्रों पर भी गेहूं पहुंचने लगेगा।
- शिशिर कुमार, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी हाथरस।